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थाईलैंड: राजा ने पीएम के लिए अपनी बहन की दावेदारी को ग़लत बताया
थाईलैंड के राजा वाजीरालोंगकोर्न ने मार्च में होने वाले प्रधानमंत्री चुनाव में अपनी बहन की अप्रत्याशित दावेदारी को 'अनुचित' बताकर भर्त्सना की है.
राजमहल से जारी एक बयान के मुताबिक, थाईलैंड के राजा का कहना है कि उनकी बहन की दावेदारी 'देश की संस्कृति' के विरुद्ध होगी.
67 वर्षीय राजकुमारी उबोलरत्ना माहीदोल को पूर्व प्रधानमंत्री थाक्सिन चिनावाट की सहयोगी पार्टी ने अपना उम्मीदवार नामित किया है.
इस पहल से थाई शाही परिवार की राजनीति से दूर रहने की परंपरा टूट जाएगी.
विश्लेषकों का कहना है कि राजा के हस्तक्षेप से चुनाव आयोग 24 मार्च को होने वाले प्रधानमंत्री चुनाव के लिए राजकुमारी को अयोग्य घोषित कर सकता है.
इस चुनाव पर सबकी नज़र है क्योंकि पांच वर्ष के सैन्य शासन के बाद थाईलैंड के पास लोकतंत्र की ओर लौटने का अवसर है.
राजमहल से जारी बयान के मुताबिक राजा का कहना है, ''हालांकि उन्होंने अपने शाही ख़िताब छोड़ दिए हैं, लेकिन फिर भी वे चाक्री वंश की सदस्य हैं. शाही परिवार के किसी सदस्य का राजनीति में आना देश की परंपराओं, मान्यताओं और संस्कृति के विरुद्ध माना जाता है, इसलिए ऐसा करना बेहद अनुचित होगा.''
बयान में संविधान का भी हवाला दिया गया है जिसमें कहा गया है कि राज परिवार को राजनीति से दूरी बनाकर रखनी चाहिए.
इससे पहले राजकुमारी उबोलरत्ना माहीदोल ने प्रधानमंत्री का चुनाव लड़ने के अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि वो एक आम इंसान की तरह रहती हैं और आम इंसान की तरह ही चुनाव लड़ने के अपने अधिकार का इस्तेमाल करना चाहती हैं.
वे थाईलैंड के चहेते दिवंगत राजा भूमिबोल की सबसे बड़ी संतान हैं. राजा भूमिबोल का वर्ष 2016 में देहांत हो चुका है.
अमरीका में उच्च अध्ययन करने वाली राजकुमारी उबोलरत्ना ने वर्ष 1972 में एक अमरीकी से विवाह के बाद शाही ख़िताब छोड़ दिए थे.
लेकिन तलाक के बाद वे साल 2001 में थाईंलैंड लौट आईं थीं और एक बार फिर शाही परिवार के साथ उठना-बैठना शुरू हो गया था.