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भारतीय मूल की महिला, जो चुनावों में डोनल्ड ट्रंप को दे सकती हैं चुनौती
भारतीय मूल की अमरीकी सांसद कमला हैरिस ने कहा है कि वो 2020 में होने वाले चुनावों में राष्ट्रपित पद की दौड़ में शामिल होंगी.
डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़ी कमला आठवीं शख़्स हैं, जो पार्टी की तरफ़ से किए जाने वाले नामांकन के लिए दावा करेंगी.
वो साल 2016 में कैलीफ़ोर्निया से सांसद बनी थीं. इससे पहले वो यहां की अटार्नी जनरल थीं.
उन्होंने एबीसी से कहा, "मैं अपने देश से प्यार करती हूं और बेहतरी के लिए लड़ूंगी."
54 साल की कमला राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की मुखर आलोचक हैं और समझा जा रहा है कि वो पार्टी के अंदर तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं.
एलिजाबेथ वारेन, क्रिस्टन गिलीब्रांड, तुलसी गबार्ड, जॉन डेलेन और जूलियन कास्त्रो ने भी इस दौड़ में शामिल होने की घोषणा पहले ही कर दी है.
इस बार का चुनाव है ख़ास
कमला हैरिस ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें वो कहती हैं, "हमारे देश का भविष्य आप और आप जैसे लाखों लोगों पर निर्भर करता है, जो अमरीकी मूल्यों के लिए आवाज़ उठाते हैं. यही कारण है कि मैं राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल हो रही हूं. मैं उन आवाज़ों को उठाऊंगी."
यह पहली दफ़ा है जब डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर एक से ज़्यादा महिलाएं पार्टी की तरफ़ से किए जाने वाले नॉमिनेशन के लिए लड़ रही हैं.
चुनावी अभियान में इस बार चार महिलाएं मैदान में होंगी और यही वजह है कि इसे पहले से ही रिकॉर्ड ब्रेकिंग समझा जा रहा है.
अगर पार्टी कमला हैरिस को उम्मीदवार बनाती है तो वो पहली अफ्रीकी-अमरीकी या भारतीय-अमरीकी महिला उम्मीदवार होंगी, जो किसी बड़ी पार्टी से चुनावी मैदान में होंगी.
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कौन हैं कमला हैरिस
कमला हैरिस दो बार, साल 2004 से 2011 तक सैन फ्रांसिस्को की डिस्ट्रिक्टि अटार्नी रह चुकी हैं.
इसके बाद वो साल 2011 से 2017 तक कैलिफोर्निया की अटार्नी जनरल रहीं. वो पहली अश्वेत महिला हैं, जो इन पदों पर इतने साल तक रही हैं.
कमला हैरिस जमैका और भारतीय प्रवासी की बेटी हैं, जिन पर पहचान की राजनीति करने के आरोप लगते रहे हैं.
पिछले साल गर्मियों में कमला ने एक कॉन्फ्रेंस में कहा था, "इस तरह के आरोपों का इस्तेमाल हमें चुप कराने के लिए किया जाता रहा है."
उन्होंने गर्भपात पर दिए गए एक जज के बयान और 2016 के चुनावों में रूसी हस्तक्षेप पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद वो पार्टी के नेताओं के नज़र में आईं.
हालांकि कमला की आलोचना उस वक़्त ख़ूब हुई थी जब उनकी एक सहयोगी ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए साल 2016 में पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया था.
उस वक़्त कमला ने इस मामले की जानकारी न होने की बात कही थी.
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