You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
'समलैंगिक होने के चलते पिता ने टेलिफ़ोन तार से लटकाने की कोशिश की'
दुनिया में किसी भी जगह समलैंगिकों के लिए ज़िंदगी आसान नहीं है. समाज से पहले उन्हें अपने घरवालों के मुश्किल सवालों का सामना करना पड़ता है.
ब्राज़िल की एक फोटोग्राफर नायरा लाइट ने छह समलैंगिकों से अनुभव जाने. इन्होंने जब अपने घर वालों को बताया कि वो गे हैं तो उन्हें घर से निकाल दिया गया.
लाइट ने इन समलैंगिकों से हंसते-खेलते बचपन की एक तस्वीर मंगवाई और उन तस्वीरों को जला दिया. लाइट के मुताबिक ये जली हुई तस्वीरें उनके कड़वे अनुभव को दिखाती हैं.
छह में से एक समलैंगिक लाइट को तस्वीर नहीं दे सके, क्योंकि उनके परिवार ने उनकी सारी यादें खत्म कर दी थीं.
क्लारा
"मेरे साथ सबसे ज़्यादा बुरा व्यवहार मेरी मां ने किया. ये मेरा भावनात्मक शोषण था. उन्होंने मुझसे कहा कि मेरा कभी कोई परिवार नहीं होगा."
"मेरे पिता ने मुझसे कहा कि समाज कभी मुझे पूरी तरह स्वीकार नहीं करेगा."
"मैंने कहा मुझे पता है ये होगा, मेरे अपने घर के लोग मेरे साथ ये कर रहे हैं, वो लोग जिन्हें मैंने सबसे ज़्यादा प्यार किया."
"ये ऐसा था जैसे आप मर गए हैं और आपके लिए आपके मां-बाप के सारे सपने मर गए हों."
इनग्रिड
"अगर मैं चुन सकती तो ये ज़िंदगी कभी नहीं चुनती."
"घर से निकालते समय मेरे दादा ने ऐसा व्यवहार किया मानो मैं कोई सेक्स वर्कर हूं."
"अपनी गर्लफ्रैंड को घर लाने पर वो मुझपर चिल्लाए और मुझे थप्पड़ मार दिया."
"मैंने उन्हें पुलिस बुलाने की धमकी दी, अपना सामान वहां से उठाया और चली गई."
लियोनार्डो
"जब मेरी मां को पता चला कि मैं गे हूं, तो वो बहुत रोईं और फिर बेहोश हो गईं."
"मैं उन्हें हॉस्पिटल लेकर गया. जब उन्हें होश आया तो उन्होंने मुझे घर छोड़कर जाने के लिए कह दिया."
"वो अब मेरे साथ नहीं रहना चाहती थीं, क्योंकि वो मेरी सेक्शुअलिटी को कभी स्वीकार नहीं करतीं."
"इस सब से मुझे बहुत तकलीफ़ हुई. मैंने कभी सोचा ही नहीं था कि मेरी खुद की मां और परिवार मेरे साथ ऐसा करेगा."
तायना
"मेरे पिता ने मुझसे बात करना बंद कर दिया, क्योंकि वो ये बात स्वीकार नहीं कर सकते थे कि मैं एक लेस्बियन हूं. उन्होंने मुझे घर से निकाल दिया और कोई सामान ले जाने नहीं दिया. उस वक्त मेरी उम्र महज़ 18 साल थी."
"मैं बता नहीं सकती की उस दिन मुझे कैसा महसूस हुआ था. मुझे उस दिन बहुत बुरा लगा था."
"बुरा इसलिए लगा क्योंकि ये कोई वजह नहीं थी घर से निकालने की."
"मुझे महसूस हुआ कि लंबे वक्त तक नर्क की ज़िंदगी जीती रही."
"मुझे बहुत गुस्सा आता है जब लोग कहते हैं कि हम किसी के प्रभाव में आकर गे बन गए हैं. उन्हें लगता है हम अपनी मर्ज़ी से ये चुनते हैं."
"वो नहीं जानते की हमें समाज में रहने के लिए कितना संघर्ष करना पड़ता है."
वालमीर
"जब मेरे मां-बाप को मेरे गे होने के बारे में पता चला तो वो बहुत परेशान हो गए."
"उन्होंने कभी मेरे लिए ये नहीं सोचा था. मैं उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका."
"एक दिन मेरे पिता ने मुझे अपने बॉयफ्रैंड के साथ किस करते देख लिया था. उस दिन उन्होंने मुझे बहुत मारा. मार-मार कर उन्होंने मेरे कपड़े फाड़ दिए."
"मेरे सारे कपड़े उतार दिए गए थे."
"उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा और कहा कि आज तुम सड़क पर सोओगे."
रुथ
"मेरे पिता ने मुझे मारने की कोशिश की."
"उन्होंने मुझे घसीटा और टेलिफ़ोन की तार से मुझे लटकाने की कोशिश की."
"जब मेरी मां ने ये देखा तो उन्होंने मेरे पिता के सर पर जग दे मारा. अगर मेरी मां बीच में नहीं आती तो उन्होंने मुझे मार दिया होता."
"उन्होंने मेरा सारा सामान भी जला दिया था. मेरे पास सिर्फ वो कपड़े थे जो मैंने पहन रखे थे."
(बीबीसी हिन्दी एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)