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हज़ार अरब डॉलर की पहली कंपनी बनी एप्पल
मशहूर एप्पल कंपनी दुनिया की पहली हज़ार अरब (एक ट्रिलियन) डॉलर की कंपनी बन गई है.
आई-फ़ोन बनाने वाली एप्पल कंपनी के एक शेयर की क़ीमत आज सुबह 207 डॉलर पर पहुंच गई.
शेयर की क़ीमत मंगलवार से ही बढ़ रही थी जब कंपनी ने पिछले तीन महीने के अपने अच्छे प्रदर्शन की रिपोर्ट पेश की थी.
एप्पल, दूसरी बड़ी कंपनियों जैसे अमेज़ॉन, माइक्रोसॉफ्ट और फ़ेसबुक को पछाड़ते हुए पहली कंपनी बनी है जिसने हज़ार अरब का आंकड़ा छुआ है.
2007 में आई-फ़ोन बाज़ार में आया था और उसके बाद से कंपनी के शेयरों में 1,100 फ़ीसदी का उछाल आया है. पिछले साल तो शेयरों की क़ीमत तकरीबन एक-तिहाई तक बढ़ गई.
अगर कंपनी की स्थापना के साल 1980 से देखा जाए तो ये उछाल और हैरान कर देने वाला है. 1980 से अब तक 50,000 फ़ीसदी तक शेयरों की क़ीमत बढ़ गई है. इसी काल में एसएंडपी 500 कंपनी के लिए 2,000 फ़ीसदी उछाल ही आया है.
एप्पल की शुरुआत 1976 में इसके सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स ने की थी. शुरुआत में इसे मैक कंप्यूटर्स के लिए जाना जाता था.
लेकिन फिर आया आई-फ़ोन जिसने कंपनी के सितारे ही बदल दिए. 2006 में कंपनी की बिक्री 20 अरब डॉलर थी और लाभ 2 अरब डॉलर का.
पिछले साल 229 अरब डॉलर की सेल और तकरीबन 48 अरब डॉलर का फ़ायदा कंपनी ने दर्ज किया.
2011 में स्टीव जॉब्स की मृत्यु के बाद कंपनी के मुखिया टिम कुक हैं.
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