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सीरिया, ईरान और रूस को बड़ी कीमत चुकानी होगी: ट्रंप
"सीरिया में केमिकल अटैक के लिए बशर अल असद, ईरान और रूस को बड़ी कीमत चुकानी होगी."
राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के इस ट्वीट से सीरिया में संदिग्ध रासायनिक हमलों को लेकर अमरीका की नाराज़गी का अंदाजा लगाया जा सकता है.
ट्रंप ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद को 'जानवर' कहकर संबोधित किया और उन्हें समर्थन दे रहे रूस और ईरान की कड़ी आलोचना की है.
शनिवार को सीरिया में विद्रोहियों के नियंत्रण वाले डोमा शहर में हुए हमले में कई लोग मारे गए हैं.
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं
ब्रिटेन ने इस घटना की फौरन जांच कराए जाने की मांग की है. पोप फ्रांसिस ने कहा कि रासायनिक हमलों के औचित्य को किसी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता है.
सीरिया और रूस दोनों ही देशों ने ऐसे किसी हमले से इनकार किया है. ट्रंप ने इस मसले पर कई ट्वीट्स किए हैं.
उन्होंने लिखा है, "सीरिया में बिना सोचेसमझे किए गए केमिकल हमले में कई लोग मारे गए हैं. मरने वालों में औरतें और बच्चे हैं. वो अराजक क्षेत्र सीरियाई सेना के कब्ज़े में है और बाहरी दुनिया का पहुंचना मुश्किल है. राष्ट्रपति पुतिन, रूस और ईरान जानवर बशर अल-असद को समर्थन देने के लिए जिम्मेदार हैं. उन्हें इसके लिए बड़ी कीमत चुकानी होगी."
विद्रोहियों से वार्ता
विद्रोही संगठन जैश अल-इस्लाम से रूस की बातचीत पिछले हफ़्ते टूट गई थी. उसके बाद लड़ाई फिर शुरू हो गई और अब डूमा में ये हमला हुआ.
हालांकि सीरिया की सरकारी मीडिया के मुताबिक़ रविवार को 'जैश अल-इस्लाम' से इस बात को लेकर करार हो गया था कि कैदियों की रिहाई के बदले उन्हें 48 घंटों में डूमा से सुरक्षित निकलने का रास्ता दिया जाएगा.
अभी तक विद्रोही संगठन 'जैश अल-इस्लाम' की तरफ़ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
सीरिया की राजधानी दमिश्क के बाहर घूटा के इलाके में डूमा विद्रोहियों का आखि़री गढ़ था.
डोमा पर हमला
सीरिया में राहत बचावकर्मियों का कहना है कि डोमा शहर में ज़हरीली गैस से हमले में कम से कम 70 लोगों की मौत हुई है.
हालांकि अमरीकी विदेश विभाग का कहना है कि मरने वालों की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है.
सीरिया में द वाइट हेलमेट्स एक स्वंयसेवी संस्था है और उसने ट्विटर पर कुछ तस्वीरें भी पोस्ट की हैं. इन तस्वीरों में बेसमेंट में शव दिख रहे हैं.
इस संस्था का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. हालांकि इस ख़बर की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है.
सीरियाई सरकार का कहना है कि रासायनिक हमले की ख़बर एक 'झूठ' के सिवा कुछ नहीं है. अमरीकी विदेश मंत्रालय का कहना है कि उसकी इन ख़बरों पर नज़र बनी हुई है.
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