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तस्वीरें: पांच देश, पांच मांएं- लेकिन मातृत्व की एक ही भाषा
पांच फोटोग्राफरों ने दुनिया के पांच अलग-अलग देशों में जाकर प्रसव से गुजर रहीं पांच माओं के साथ वक्त बिताया और उनके नवजात शिशु के साथ उनकी तस्वीरें लीं.
चैरिटी संस्था सेव द चिल्ड्रन के लिए इन फोटोग्राफरों ने जो तस्वीरें खींची हैं उनमें इन मांओं का साझा मातृत्व झलकता है.
कीनिया की मेग्नम फ़ोटोज़ के बेल्जियन फ़ोटोग्राफर बीक डीपोर्टर ने केन्या के बुनगोमा क्षेत्र की यात्रा की.
यहां डीपोर्टर की मुलाकात नेली से हुई जो अपने तीसरे बच्चे को जन्म देने वाली थीं. इस बच्चे का नाम फोटोग्राफर के नाम पर बीक रखा गया है.
कीनिया
गर्भ की वजह से होने वाले दर्द की वजह से नेली को मोटरसाइकिल एंबुलेंस के ज़रिए अस्पताल ले जाया गया. आपात स्थिति में इस इलाके में कीचड़ भरे रास्तों पर मोटरसाइकिल ही एक मात्र सहारा है.
एक दाई ने नैली की मदद की. नैली का प्रसव सामान्य हुआ और इस दौरान उन्हें किसी तरह की दर्द निवारक दवा नहीं दी गई.
नैली कहती हैं, "मैंने बहुत प्रार्थना की. मैंने डॉक्टरों से भी निवेदन किया क्योंकि उनके होने की वजह से मुझे किसी तरह की चिंता नहीं हुई."
रोमानिया
डाना पोपा लंदन में रहने वाली फोटोग्राफर हैं. डाना ने रोमानिया में बुखारेस्ट की यात्रा की जहां उनकी मुलाकात रुखसाना से हुई जो अपनी पहली संतान को जन्म दे रही थीं.
रुख़साना के गर्भ धारण करने के कुछ दिनों बाद ही उनके पति की मौत हो गई थी.
बुख़ारेस्ट के एक अस्पताल में अपने नवजात बच्चे के साथ आराम करती रुख़साना अपने पति को याद करती हैं. वो कहती हैं, "वो एक परिवार और एक बच्चा चाहते थे. वो बच्चों के लिए दीवाने थे."
"जब मुझे पता चला कि मैं गर्भवती हूं तो मैं काफी डर गई. क्योंकि उस वक्त किसी बच्चे को दुनिया में लाने के हिसाब से हमारे हालात ठीक नहीं थे. मेरी प्रतिक्रिया ये थी कि ये अभी ही क्यों होना था, तीन या छह महीने बाद भी हो सकता था." "
"लेकिन उन्होंने मेरी आंखों में देखते हुए कहा कि कोई बात नहीं, आप बेहतर समय के बारे में पहले से कभी भी नहीं जान सकते."
"और जब मैं सिर्फ तीन या चार महीने की गर्भवती थी तब उन्हें दिल का दौरा पड़ा. इसके तीन हफ़्तों बाद उसकी मौत हो गई."
ग्वाटेमाला
स्पेन की फोटोग्राफर कारलोता गुवेरेरो ने ग्वाटेमाला की यात्रा की. यहां उनकी मुलाकात 19 वर्षीय जेनिफ़र से हुई जिन्होंने अपने दूसरे बच्चे डेनियल को जन्म दिया है.
जेनिफ़र ग्वाटेमाला के क्वेटज़ालटेनांगो में रहती हैं. वो शहर के बाहरी इलाके में अपने माता-पिता के साथ रहती हैं.
इससे पहले वो एक बच्ची की मां बन चुकी हैं जो अभी तीन साल की है. जेनिफ़र ने अपने दूसरे बच्चे डेनियल को एक सरकारी अस्पताल में जन्म दिया. उनके पति अस्पताल में मौजूद थे, लेकिन यहां पर प्रसव वाले कमरे में पुरुषों को जाने की इजाज़त नहीं है.
जेनिफ़र लगभग आठ घंटों तक प्रसव पीड़ा से गुजरीं. उनका बच्चा काफी बड़ा था और उन्हें प्रसव के दौरान काफी दर्द हुआ. बाद में डॉक्टरों को डेनियल के सुरक्षित जन्म के लिए इपिसिटोमी की प्रक्रिया को अंजाम देना पड़ा.
जेनिफ़र कहती हैं, "जब उसका जन्म हुआ तब मुझे बहुत खुशी हुई. इसे बयां करने के लिए कोई शब्द नहीं है. आप बस यही जानते हैं कि आपके बच्चे का जन्म हो गया है और अब वह हमेशा आपके साथ रहेगा."
नेपाल
नेपाल में फोटोग्राफर डायना मरकोसियन 25 साल की छोटी के प्रसव की साक्षी बनीं, जिन्होंने अपने बेटे इरफ़ान को जन्म दिया.
छोटी नेपाल के बांके ज़िले में रहती हैं और ये उनका तीसरा बच्चा था. इरफान का जन्म सेव द चिल्ड्रन द्वारा की मदद से चलाए जा रहे एक क्लिनिक में हुआ.
नेपाल में कई महिलाओं को बिना डॉक्टरी मदद के अपने बच्चों को जन्म देना पड़ता है. छोटी कहती हैं, "मेरे लिए मां बनने का मतलब था कि मुझे काफी दिक्कतों से होकर गुजरना पड़ेगा. इसका ये भी मतलब है कि अभी जब मैं युवा हूं तो मुझे अपने बच्चों का ख्याल रखना होगा."
"लेकिन जब मैं बूढ़ी हो जाऊंगी तो मेरे बच्चे मेरा ध्यान रखेंगे. जब मैं खाना बनाने और दूसरे कामों में समर्थ नहीं होऊंगी और जब मेरे बेटे की शादी होगी तो उसकी पत्नी भी मेरा ध्यान रखेगी."
"मेरा बच्चा अभी बहुत छोटा है और अभी वह सिर्फ सोता रहता है. मेरा छोटा बेटा जब सुबह उठता है तो वह अपने नन्हे भाई के साथ खेलता है, उसे चूमता है, उसका ख्याल रखता है और प्यार करता है."
ब्रिटेन
सियान डेवी ने 37 साल की उम्र में मां बनने वाली एलन की तस्वीरें खींचीं. एलन ने दो साल की कोशिशों के बाद अपनी बच्ची एलिस को जन्म दिया है.
लंदन में अपने पति एंडी के साथ रहने वाली एलन इससे पहले दो बार गर्भपात का दंश झेल चुकी हैं.
एलन रात 11 बजे प्रसव के लिए बने कक्ष में गईं और अगली दोपहर 3 बजे एलिस का जन्म हुआ. एंडी इस दौरान एलन के साथ रहे.
जब एलिस का जन्म हुआ तो वह सांस नहीं ले रही थी. डॉक्टरों ने एलिस की पीठ रगड़ी और एंडी को अंबिलिकल कॉर्ड यानी गर्भनाल काटने को कहा.
इसके तीन मिनट बाद एलिस ने अपनी पहली सांस ली. डॉक्टरों ने एलिस की जांच की ताकि पता लगाया जा सके कि कहीं ऑक्सीजन की कमी से एलिस को किसी तरह का नुकसान तो नहीं हुआ है. एलिस को किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ.
(सभी तस्वीरें सेव द चिल्ड्रन से प्राप्त हुई हैं)
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