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उत्तर कोरियाई भगोड़े सैनिक के पेट में कीड़े, डॉक्टर हैरान
उत्तर कोरिया से भागने में सफ़ल हुए एक सैनिक के शरीर में भारी संख्या में मौजूद पैरासाइट (परजीवी) देखकर दक्षिण कोरिया के डॉक्टर हैरान हैं.
उत्तर कोरिया का एक सैनिक जो सोमवार को वहां से दक्षिण की तरफ़ भागते समय घायल हो गया था, उसका दक्षिण कोरिया के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है.
वो सैनिक दोनों देशों को बांटने वाले डिमिलिट्राइज़्ड ज़ोन (विसैन्यीकृत क्षेत्र) से भागने में कामयाब हुआ था. 1953 के युद्ध विराम के बाद बने इस इलाके में सानिकों का भारी पहरा होता है.
दक्षिण कोरिया की सेना के मुताबिक जब वो सैनिक भाग रहा था को उत्तर कोरिया के सुरक्षा बलों ने उस पर 40 से ज़्यादा बार फायरिंग की.
इलाज कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक सैनिक की हालत अभी स्थिर है और उसके शरीर में एक और गोली के होने की संभावना है. लेकिन जिस चीज़ ने उन्हें आश्चर्यचकित कर दिया वो थे उसकी आंतों में भारी मात्रा में पाए गए कीड़े. इनके कारण उसके घाव पर बुरा असर पड़ा है और उसके रिकवरी को मुश्किल बना दिया है.
सैनिक का इलाज कर रहे दक्षिण कोरिया के डॉक्टर ली कुक-जोंग के मुताबिक, "मैंने अपने 20 साल के करियर में ऐसा कभी नहीं देखा"
ली के मुताबिक सैनिक के शरीर में मिला सबसे बड़ा कीड़ा करीब 27 सेंटीमीटर का है. ये केस आश्चर्यजनक तो है ही, लेकिन इससे ये भी पता चलता है कि उत्तर कोरिया में जिंदगी कैसी है.
सब्जियों से आ सकते हैं कीड़े
हमारे शरीर में पैरासाइट दूषित खाने से, किसी कीड़े के काटने से या त्वचा के रास्ते आते हैं. डॉक्टरों का मानना है कि इस सैनिक के केस में कीड़े खाने से ही आए होंगे.
उत्तर कोरिया में अभी भी इंसानों के मल को खाद की तरह इस्तेमाल किया जाता है. अगर मलमूत्र को अच्छे से ट्रीट नहीं किया जाए और खाने को ठीक तरीके से पकाया नहीं जाए तो ये कीड़े इंसान के शरीर में प्रवेश कर सकते हैं और आंतों में चले जाते हैं.
कुछ पैरासाइट ज़्यादा हानिरकारक नहीं होते हैं, लेकिन कुछ बेहद ख़तरनाक हो सकते हैं. सिंगापुर के स्कूल ऑफ बॉयोलॉजी साइंस के प्रोफेसर पीटर प्रीसर ने बीबीसी को बताया ,"पैरासाइट हमारे शरीर से पोषक तत्व खींच लेते हैं, अगर इनपर ध्यान नहीं दिया जाए तो ये नुकसान पहुंचा सकते हैं, ये कहा जा सकता है कि जिनके शरीर में पैरासाइट होते हैं वो स्वस्थ नहीं होते"
पुरानी तकनीक से हो रहा है इलाज
सियोल के कोकमिन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर आंद्रो लैंकोव के मुताबिक, "उत्तर कोरिया एक गरीब देश है. दूसरे गरीब देशों की तरह यहां के हेल्थ सिस्टम के साथ भी दिक्कतें हैं"
लेकिन लैंकोव का मानना है कि उन देशों के तुलना में जिनकी प्रति व्यकित आय लगभग उत्तर कोरिया जितनी ही है, जैसे की बांग्लादेश और कुछ अफ्रीकी मुल्क- उत्तर कोरिया के लोगों की सेहत बेहतर है.
लैंकोव ने बताया कि उत्तर कोरिया के पास आधुनिक तकनीक की कमी है, उनके डॉक्टरों को अच्छी ट्रेनिंग नहीं दी जाती और वो काफी पुरानी तकनीक का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन क्योंकि वहां डॉक्टरों की संख्या आबादी के हिसाब से काफी ज़्यादा है, इसलिए लोगों की सेहत बेहतर है.
इस सैनिक के मामले में पैरासाइट एक बड़ी समस्या बन गई है. ऐसा माना जा रहा है कि उत्तर कोरिया के सैनिकों द्वारा चलाई गई गोलियों में से क़रीब 6 उसे लगीं.
उसे हेलीकॉप्टर से दक्षिण कोरिया के एक अस्पताल में ले जाया गया और इमरजेंसी में उसका ऑपरेशन किया गया.
अगर वो पैरासाइट उसके शरीर के दूसरे हिस्सों में पहुंच गए, तो उसकी जान के लिए ख़तरा हो सकता है.
ऐसा मुमकिन है ये कीड़े काफी समय से उसके शरीर में हों जिसके कारण पहले से ही उसका शरीर कमज़ोर हो गया हो. इसके कारण उसके ठीक होने की प्रक्रिया पर असर पड़ रहा है.
बड़ी समस्या पैरासाइट
ऐसा माना जाता है कि शरीर में पैरासाइट की मौजूदगी उत्तर कोरिया में एक बड़ी समस्या है. ये उन देशों में भी एक समस्या है जहां खाना ढंग से नहीं पकाया जाता. ऐसा हो सकता है कि उर्वरक के अंश खाने में रह जाएं लेकिन अक्सर गरीब देशों में इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया जाता है.
लैंकोव के मुताबिक उत्तर कोरिया की सरकार इस बात को मानने से इनकार करती है कि वहां स्वास्थ्य को लेकर इतनी समत्याएं हैं क्योंकि उन्हे लगता है कि इससे उनके देश की छवि ख़राब होगी.
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