कैटेलोनिया प्रशासन का दावा, ‘90 फीसदी लोग स्पेन से अलग होने के पक्ष में’

रविवार को हिंसा के बीच हुए जनमत संग्रह के बाद कैटेलोनिया प्रशासन ने घोषणा की है कि जनमत संग्रह में भाग लेने वाले 90 फीसदी लोग स्पेन से अलग होना चाहते हैं.

कैटालोनिया के शीर्ष नेता कार्लस पुजिमोन्ट ने भी दावा किया है कि अब कैटेलोनिया को स्वतंत्र देश के तौर पर अस्तित्व में आने का अधिकार मिल गया है. उन्होंने कहा है कि वह इस जनमत संग्रह के परिणाम को कैटालोनिया की संसद में भेजेंगे.

उन्होंने कहा, "आशा और कष्ट की इस घड़ी में कैटेलोनिया के नागरिकों ने गणतंत्र के रूप में एक स्वतंत्र राष्ट्र का अधिकार पा लिया है. इसलिए, मेरी सरकार अगले कुछ दिनों में आज के मतदान का परिणाम कैटेलोनिया संसद में भेज देगी ताकि जनमत संग्रह के कानून के अनुसार काम हो सके."

स्पेन ने बताया असंवैधानिक

वहीं, स्पेन ने इस जनमत संग्रह को अवैध बताया है. प्रधानमंत्री मारियानो रहोई ने कहा है कि जनमत संग्रह हुआ ही नहीं है. उनका कहना है कि कैटेलोनिया के अधिकतर लोग स्पेन से अलग नहीं होना चाहते.

उन्होंने कहा, "कैटेलोनिया में स्वतंत्रता के लिए जनमत संग्रह नहीं हुआ है. स्पेन में हम सभी ने देखा कि हमारा कानून अपनी ताकत और वैधता रखता है, यह उनका सामना करता है जो इसे तोड़ना चाहते हैं और उन लोगों के ख़िलाफ़ प्रतिक्रिया देता है जो इसे नष्ट करने की कोशिश करते हैं. आज हम एक आम सहमति के नहीं बल्कि लोकतंत्र के ख़िलाफ़ रणनीति की नई घटना के गवाह बन रहे हैं."

800 लोग घायल

कैटेलोनिया में रविवार को हुए जनमत संग्रह को रोकने के लिए स्पेन की केंद्रीय सरकार ने ऐड़ी चोटी का ज़ोर लगा दिया था. इसके कारण पुलिस और मतदाताओं के बीच हिंसक झड़पें हुईं. झड़पों में 800 से अधिक लोग घायल हुए.

कई मतदान केंद्रों को बंद करा दिया गया था और मतदाताओं के ख़िलाफ़ मामले दर्ज किए गए थे. हालांकि, कैटेलोनिया के समर्थक प्रदर्शनकारियों का जोश कम नहीं हुआ और उन्होंने राजधानी बार्सिलोना में एक रैली में अपना राष्ट्रगान गाया.

प्रदर्शनकारियों के पथराव में 12 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं. बार्सिलोना की मेयर ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की है.

अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षक नाराज़

स्पेन की केंद्रीय सरकार जहां इस जनमत संग्रह को असंवैधानिक बता रही है. वहीं, कैटेलोनिया प्रशासन का कहना है कि उसकी जीत हुई है. लेकिन जनमत संग्रह की निगरानी के लिए बुलाए गए अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने स्पेन की निंदा की है.

ब्रिटिश पर्यवेक्षक डगलस चैपमेन ने कहा, "स्पेन यूरोपीय यूनियन में एक बहुत महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक, आधुनिक यूरोपीय देश है. इसके साथ बड़ी ज़िम्मेदारियां हैं. मुझे लगता है कि जिस तरह से उन्होंने वोटिंग में हेरफेर करने की कोशिश की है, यह बहुत दुख की बात है."

कैटेलोनिया का दावा है कि उसके क्षेत्र की 40 फीसदी आबादी ने जनमत संग्रह में भाग लिया था.

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