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ब्रेक्सिट: ब्रिटेन के नए प्रस्ताव से मर्केल ख़ुश
जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल ने कहा है कि ब्रेक्सिट के बाद यूरोपीय यूनियन के नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा की पहल ब्रिटेन का एक अच्छा क़दम है.
हालांकि मर्केल ने कहा कि ब्रेक्सिट से जुड़े अब भी कई सवालों के जवाब मिलने बाक़ी हैं. मर्केल ने कहा कि इस मामले में अभी बहुत कुछ किया जाना बचा है.
गुरुवार को ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे ने ब्रसल्स में ईयू समिट के दौरान ब्रेक्सिट से जुड़े ब्रिटेन के प्रस्ताव से पर्दा हटाया था. ब्रिटेन की पीएम ने कहा था कि ईयू के जो प्रवासी पिछले पांच सालों से ब्रिटेन में रह रहे हैं उन्हें ब्रिटेन के निवासी का दर्जा मिलेगा. वर्तमान समय में ब्रिटेन में रह रहे ईयू के 32 लाख नागरिकों को यह दर्जा मिलेगा.
इन नागरिकों को ब्रिटेन में रहने, स्वास्थ्य सेवाओं को हासिल करने समेत शिक्षा और अन्य तरह के लाभ मिलेंगे. ब्रिटेन की प्रधानमंत्री ने साफ़ कर दिया कि ईयू के नागरिक जो ब्रिटेन में पिछले पांच सालों से हैं उन्हें पूरा अधिकार मिलेगा. मर्केल ने कहा कि यह ब्रिटेन की तरफ़ से अच्छी शुरुआत है.
नागरिकों के अधिकार में कटौती नहीं
मर्केल ने कहा कि अभी इसमें बहुत कुछ किया जाना बाक़ी है. उन्होंने कहा कि वित्तीय मामलों में और आयरलैंड के साथ क्या रिश्ता होगा इसे लेकर स्थिति साफ़ करने की ज़रूरत है.
जर्मन चांसलर ने कहा कि अक्टूबर महीने तक अभी बहुत कुछ करना बाक़ी है. मर्केल ने कहा कि ईयू समिट में ब्रेक्सिट मुख्य फोकस नहीं है. उन्होंने कहा कि इस पर अलग से बात होगी.
इसके साथ ही यह भी कहा गया कि ईयू देशों में रह रहे करीब 12 लाख ब्रिटिश नागरिकों के अधिकारों में कोई कटौती नहीं होगी.
इस समिट में ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे ने कहा कि ईयू के 27 देशों को इस मामले में आश्वस्त करना चाहिए. टेरीज़ा मे ने कहा कि वह नहीं चाहती हैं कि किसी को कहीं से अपना ठिकाना छोड़ कर जाने पर मजबूर होना पड़े.
ब्रिटेन को ईयू से 30 मार्च 2019 तक अलग हो जाना है. ईयू समिट के आख़िर दिन पलायन, सुरक्षा और आर्थिक मुद्दे छाए रहे. इस समिट में आतंकवाद भी अहम मुद्दा रहा. हाल के दिनों में ईयू के कई देशों में चरमपंथी हमले हुए थे.
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