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क्या सऊदी शाह के आगे झुक गए थे ट्रंप?
अपने पहले विदेशी दौरे पर निकले अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप सऊदी अरब के बाद इसराइल पहुंच गए हैं.
सऊदी अरब दौरे पर ट्रंप के साथ कुछ विवाद भी जुड़ गए. एक नज़र ऐसे ही विवादों पर
1. ट्रंप के अंगूठा दिखाने पर विवाद
थम्स अप करना ट्रंप की सबसे पसंदीदा भंगिमाओं में से एक है. ब्लूमबर्ग की पत्रकार जेनिफ़र जेकब्स ने ट्रंप के सऊदी अरब में अंगूठा उठाने की तस्वीर प्रकाशित की.
इसके बाद ट्विटर पर सवाल उठा कि क्या सऊदी अरब में ऐसा करना भड़काऊ है?
यदि आपने रियाद में अमरीकी दूतावास की ओर से पत्रकारों के दिए गए पत्र को पढ़ा है तो निश्चित रूप से आपको लगेगा कि हां ऐसा ही है.
पोलिटिको की पत्रकार एनी कारनी ने ये ट्वीट किया...
लेकिन क्या वास्तव में ऐसा है? नहीं ऐसा नहीं है. बीबीसी के पत्रकार टिम घाटाज़ कहते हैं, "मैं अरब मूल का हूं. अरब देशों में रहा हूं, समूचे क्षेत्र में घूमा हूं लेकिन मैंने कभी इस बारे में नहीं सुना."
सऊदी विदेश मंत्रालय में सलाहकार फ़ैसल बिन फ़रहान को भी ट्रंप के अंगूठा उठाने में कुछ ग़लत नहीं दिखता. उन्होंने ख़ुद थम्स अप करते हुए ये ट्वीट किया...
लेकिन फिर ये विवाद हुआ कैसे? ऐसा लगता है कि कुछ साल पहले तक सऊदी अरब में 'थम्स अप' भड़काऊ माना जाता था.
लेकिन अब ये बिलकुल भी भड़काऊ नहीं है. इस तस्वीर में सऊदी अरब के शाह सलमान के एक सहयोगी 'थम्स अप' करके शायद ये बता रहे हैं कि वो रियाद एयरपोर्ट पर ट्रंप का स्वागत करने के लिए तैयार हैं.
2. ट्रंप का जुमला 'इस्लामिक आतंकवाद'
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने बहुप्रतीक्षित भाषण में बार-बार इस्तेमाल किए गए जुमले "इस्लामिक आतंकवाद" का इस्तेमाल नहीं किया. दुनियाभर में बहुत से मुस्लिम इस जुमले को भड़काऊ मानते हैं.
ट्रंप के फ़ेसबुक पन्ने पर भाषण की जो प्रतिलिपि प्रकाशित हुई है उसमें "इस्लामी चरमपंथ" और "इस्लामवादी चरमपंथी समूहों" का इस्तेमाल किया गया है.
लेकिन अपने भाषण में ट्रंप ने कहा था, "इसका मतलब है ईमानदारी से इस्लामी चरमपंथ और इस्लामवादी और सभी प्रकार के इस्लामी आतंकवाद से निबटना."
तो क्या ट्रंप ने अपने लिखित भाषण में बदलाव का फ़ैसला किया था?
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने इसके लिए बाद में ट्रंप की थकान को ज़िम्मेदार बताते हुए कहा कि वो बहुत थके हुए थे.
'इस्लामवादी' शब्द का इस्तेमाल उनके लिए किया जाता है जो सरकार और समाज को इस्लामी क़ानून शरिया के हिसाब से चलाना चाहते हैं.
वहीं 'इस्लामी' शब्द का इस्तेमाल इस्लाम धर्म से जुड़ी हुई चीज़ों के लिए किया जाता है.
इसी वजह से मध्य पूर्व के कई विशेषज्ञ इस्लामवादी चरमपंथ का इस्तेमाल करते हैं ताकि समूचे धर्म पर सवाल उठाने से बचा जा सके.
जो भी है लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप का अपने लिखित भाषण से भटकने से एक नया विवाद तो पैदा हुआ ही.
3. मेलानिया ने नहीं ढका सर
सऊदी अरब आने वाले विदेशियों को अपना सर ढकने के लिए मजबूर नहीं किया जाता है और यहां खुले सर आने वाली महिलाओं की सूची में ब्रितानी प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे, जर्मन चांसलर अंगेला मेर्कल, अमरीका की पूर्व प्रथम महिला मिशेल ओबामा और अमरीका की पूर्व विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस शामिल हैं. तो फिर ट्रंप की पत्नी मेलानिया ट्रंप के बिना सर ढके सऊदी अरब आने से विवाद क्यों हुआ?
दरअसल 2015 में जब मिशेल ओबामा तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ बिना सर ढके आईं थी तो ट्रंप ने सवाल उठाते हुए ट्वीट किया था, "बहुत से लोग कह रहे हैं कि मिशेल ओबामा का सर न ढकना अच्छी बात है लेकिन ऐसा करके सऊदियों का अपमान हुआ है. हमारे तो पहले से बहुत दुश्मन हैं."
ट्रंप के साथ आईं उनकी बेटी इवांका ने भी सर नहीं ढका था. सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक जब व्हाइट हाउस से पूछा गया कि दोनों बिना सर ढके क्यों गईं तो बताया गया कि ऐसा करना ज़रूरी नहीं था.
विशेषज्ञों ने दोनों महिलाओं की लंबी और पूरा बदन ढकने वाली पोशाकों की ओर भी ध्यान दिलाया.
4. क्या ट्रंप सऊदी शाह के आगे झुक गए थे?
इस विवादित सवाल की जड़ में साल 2009 की वो घटना है जब लंदन में हुए एक शिखर सम्मेलन में तत्कालीन अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा किंग अब्दुल्लाह से झुककर मिले थे. इस घटना पर बड़ा विवाद हुआ था.
ओबामा की ये तस्वीर ट्रंप ने भी नज़रअंदाज़ नहीं की थी और उन्होंने इस लेकर जुलाई 2012 में ट्वीट किया था. इसके बाद भी ट्रंप ने इस बारे में कई बार ट्वीट किया.
ट्रंप ने लिखा था, "बराक ओबामा सऊदी शाह के आगे झुक गए और डेमोक्रेटिक पार्टी मिट रोमनी की कूटनीतिक क्षमता पर सवाल उठा रही है."
अब जब ट्रंप की किंग सलमान से मानद मेडल ग्रहण करते हुए ये तस्वीर सामने आई तो कई लोग चौंक गए और सोशल मीडिया पर पूछा जाने लगा कि क्या वो झुके या नहीं?
या फिर गले में मेडल पहनने के लिए उन्हें घुटने मोड़ने पड़े और गर्दन झुकानी पड़ी क्योंकि वो सऊदी शाह सलमान से बहुत लंबे हैं.
कुछ पैनी नज़र वालों ने तो ये तक लिख दिया कि मेडल ग्रहण करने के बाद ट्रंप ने झुकने की मुद्रा भी बनाई.
हालांकि अभी तक व्हाइट हाउस ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है.