सीरियाः 19 ट्वीट में कैसे बदल गई ट्रंप की नीति

राष्ट्रपति चुने जाने के पहले डोनल्ड ट्रंप सीरिया में अमरीकी नीति की आलोचना करते रहे हैं लेकिन बीते शुक्रवार को उन्होंने आगे बढ़कर सीरियाई ठिकानों पर मिसाइल हमले के आदेश दे दिए.

मध्य पूर्व को लेकर उनके रुख में आए बदलाव पर लोगों को हैरानी हो रही है.

जून 2013 में उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को सलाह देते हुए ट्वीट किया था, "हमें सीरिया से दूर ही रहना चाहिए. हमें इतनी जानें देकर और अरबों डॉलर खर्च कर क्या मिलेगा? ज़ीरो."

उस साल हुए रासायनिक हमले के बाद बराक ओबामा ने अमरीकी सुरक्षा बलों को निर्देश दिया था कि वे सीरियाई विद्रोहियों का जमकर साथ दें.

ट्रंप के ट्वीट

अमरीकी अख़बार 'न्यूयॉर्क टाइम्स' के संवाददाता निकोलस फैंडोस ने अपने लेख में लिखा है कि चार साल बाद, अब राष्ट्रपति खुद इस बात से जूझ रहे हैं कि रासायनिक हमले की स्थिति में सीरियाई सरकार से कैसे निपटा जाए?

ट्रंप ने अपनी ही चेतावनी को नज़रअंदाज़ कर वो किया, जो ओबामा ने चेतावनी देने के बावजूद नहीं किया था.

निकोलस फैंडोस ने ट्रंप के उन 19 ट्वीट का विश्लेषण किया है जिसमें उनका रुख़ धीरे-धीरे बदलता गया.

राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनने के पहले उन्होंने मध्य पूर्व संकट पर दर्जनों ट्वीट किए थे और अपने चुनावी अभियान में भी हस्तक्षेप न करने की नीति का ज़िक्र किया था.

ओबामा प्रशासन

लेकिन इसमें एक बात साफ़ थीः अगर वो राष्ट्र प्रमुख बनते हैं तो सीरियाई राष्ट्रपति असद की सरकार को वो सत्ता से बेदखल करने के लिए कोई भी कार्रवाई कर सकते हैं.

अक्टूबर 2011 में उन्होंने पहली बार सीरिया मामले पर चीन और रूस द्वारा प्रतिबंध पर वीटो के बाद कोई कार्रवाई न कर पाने के लिए संयुक्त राष्ट्र की आलोचना की थी.

इसके एक साल बाद 2012 में उन्होंने सीरिया मामले में रूस को बढ़त बनाने देने के लिए ओबामा प्रशासन की आलोचना की थी.

इसकी अगली गर्मियों में दमिश्क के बाहरी इलाक़े में रासायनिक हमले को लेकर जब ओबामा प्रशासन कार्रवाई का मूड बना रहा था, ट्रंप ने दर्जनों ट्वीट कर उन्हें सीरिया से दूर रहने और घरेलू समस्याओं पर ध्यान देने की नसीहत दी.

सीरिया पर हमला

29 अगस्त 2013 में उन्होंने ट्वीट किया, "सीरिया का ख्याल रखने की ज़िम्मेदारी अरब लीग पर छोड़ दें. ये धनी अरब देश इस तरह के हमलों में होने वाले भारी नुकसान के लिए हमें भुगतान क्यों नहीं करते."

उन्होंने सीरिया पर हमले का विरोध करते हुए ट्वीट किया, "अगर ओबामा सीरिया पर हमला करते हैं और निर्दोष नागरिक घायल होते हैं और मारे जाते हैं, वो और अमरीका क्या जवाब देंगे!"

उन्होंने ऐसे किसी हमले में कांग्रेस की इजाज़त लेने की बात लगातार कही. लेकिन इसके साथ ही वो 'बातचीत को सीरिया मे स्थिति को बिगाड़ने' वाला भी बताया था.

उन्होंने उसी दौरान एक ट्वीट में 'पहले गोली चलाने और बाद में बात करने' की बात कही थी.

इस्लामिक स्टेट

सितम्बर 2013 में उन्होंने ट्वीट किया, "हमने सीरिया को बहुत समय दिया, युद्ध के समय ऐसी कोई मिसाल नहीं है. अब सीरिया पूरी तरह तैयार हो गया है."

17 सितम्बर 2013 को ट्वीट में उन्होंने कहा, "ओबामा की सैन्य कार्रवाई के बाद असद पहले से भी ज़्यादा मज़बूत हुए हैं. ओबामा ने वाक़ई इस मामले को उलझा दिया है."

इसके बाद 2015 तक उन्होंने कुछ नहीं कहा. 17 नवंबर 2015 को उन्होंने ट्वीट किया, "हमारे महान देश में सीरियाई शरणार्थियों का रेला आ रहा है. इनमें कुछ इस्लामिक स्टेट के हो सकते हैं. क्या हमारे राष्ट्रपति अनजान हैं?"

मार्च 2016 में उन्होंने सीरिया से आने वाले लोगों पर तुरंत रोक लगाए जाने की मांग की. अक्टूबर 2016 में उन्होंने क्लिंटन की नीति को असफल बताया था.

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