रूस के खिलाफ़ प्रतिबंध हटा सकते हैं ट्रंप

अमरीका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह रूस पर अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में हस्तक्षेप के आरोपों को लेकर लगे प्रतिबंधों को हटा सकते हैं. ट्रंप ने वॉल स्ट्रीट जर्नल से कहा कि रूस यदि अमरीकियों को आतंकवाद से लड़ने और अन्य महत्वपूर्ण लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करता है तो वह ऐसा कर सकते हैं.

अमरीकी खुफ़िया एजेंसियों ने मॉस्को पर साइबर हमले कर चुनाव में अमरीकी मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया था. इसके बाद अमरीका ने रूस पर प्रतिबंध लगाया था. ट्रंप ने बीजिंग को भी 'वन चाइना पॉलिसी' पर चेतावनी दी है. इसके तहत अमरीका इस बात को स्वीकार नहीं करेगा कि ताइवान चीन का हिस्सा है.

ट्रंप ने कहा कि वह मदद मिलने पर रूस और चीन के साथ काम करने के लिए तैयार हैं. इस बीच अमरीकी सीनेट कमेटी इस दावे की जांच करेगी कि रूस ने अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में हस्तक्षेप किया था या नहीं. ट्रंप ने इस इंटरव्यू में कहा कि मॉस्को यदि इस्लामिक चरमपंथ से निपटने में मदद करता है तो वह प्रतिबंध हटा सकते हैं.

ट्रंप ने कहा, ''यदि रूस वाकई मदद करता है तो कोई प्रतिबंध क्यों जारी रखेगा?'' ट्रंप ने राष्ट्रपति पुतिन से मुलाक़ात की उम्मीद भी जताई. बीजिंग को लेकर ट्रंप ने कहा कि चीन ने अमरीकी कंपनियों को करेंसी की अस्थिरता की होड़ में आने दिया था, लेकिन उन्होंने कहा कि वह ऑफिस संभालते ही चीन को करेंसी के साथ जोड़-तोड़ करने वाले के रूप में चिन्हित नहीं करना चाहेंगे.

ट्रंप पहले ही 'वन चाइना पॉलिसी' पर सवाल खड़े कर चुके हैं. ट्रंप के इस क़दम पर चीन की सरकारी मीडिया ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी.

रिपब्लिकन और डेमोक्रैटिक नेताओं ने सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी में रूस के ख़िलाफ़ जांच को लेकर प्रतिबद्धता जताई है. यह कमेटी अमरीकी चुनाव में रूस की साइबर गतिविधियों और खुफ़िया कोशिशों की जांच करेगी.

इस कमेटी ने शुक्रवार को जारी किए एक बयान में कहा था, ''हमलोग मानते हैं कि अमरीका को प्रभावित करने वाली रूसी खुफ़िया गतिविधियां एक नाजुक स्थिति है.'' यह कमेटी इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या रूस के साथ अमरीका में राजनीतिक कैंपेन के लोग भी शामिल थे.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)