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पाकिस्तान में 5,000 रु का नोट बंद करने का प्रस्ताव
पाकिस्तान की संसद के ऊपरी सदन सीनेट ने पांच हज़ार रुपए के नोट बंद करने की सिफ़ारिश की है.
भ्रष्टाचार ख़त्म करने और लोगों को टैक्स भरने के लिए प्रेरित करने के मक़सद से ये सिफ़ारिश की गई है, हालांकि सरकार पांच हज़ार का नोट बंद करने के पक्ष में नहीं है.
सरकार इस प्रस्ताव को मानने के लिए बाध्य भी नहीं है.
भारत में नवंबर में पांच सौ और हज़ार रुपए के पुराने नोट बंद करने के बाद से नक़दी को लेकर परेशानियां अभी तक ख़त्म नहीं हुई हैं.
इस प्रस्ताव का विरोध कर रहे पाकिस्तानी कानून मंत्री ज़ाहिद हामिद ने कहा कि पांच हज़ार रुपए का नोट बंद करने से पाकिस्तान में व्यापारिक गतिविधियों में परेशानियां आएंगी.
पाकिस्तान टुडे के मुताबिक नोटबंदी करने का प्रस्ताव देने वाले सीनेटर उस्मान सैफ़ुल्लाह ख़ान ने कहा कि पांच हज़ार रुपए के नोट का इस्तेमाल ग़ैरकानूनी लेन-देन के लिए हो रहा है और इसे वापस लिया जाना चाहिए.
उन्होंने मांग की कि इसे रातों रात न हटाया जाए बल्कि पांच साल के अंतराल में धीरे-धीरे बाज़ार से वापस लिया जाए.
पाकिस्तान में अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा औपाचरिक कर व्यवस्था के बाहर है.
सरकार ने पाकिस्तान की कर व्यवस्था में इस बड़े हिस्से को शामिल करने के लिए कई तरह की छूट का एलान भी किया है.
पाकिस्तान में 3.3 ट्रिलियन रुपए की नकदी में एक तिहाई हिस्सा 5,000 रुपए के नोटों का है.