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अलेप्पो में फंसे लोगों को निकालने का नया समझौता
सीरिया के पूर्वी अलेप्पो शहर के विद्रोहियों के कब्ज़े वाले इलाके से लोगों को निकालने के लिए नए समझौते का एलान किया गया है.
विद्रोहियों ने इसकी जानकारी देते हुए बताया है कि आम लोग और विद्रोही लड़ाकों के गुरुवार तड़के से बाहर निकलने की संभावना है.
इसके पहले मंगलवार को हुआ समझौता नाकाम हो गया था. पिछले समझौते के तहत लोगों को बुधवार को बाहर निकलना था, लेकिन संघर्ष विराम टूट गया था.
विद्रोही समूहों ने बुधवार देर रात जानकारी दी कि आने वाले कुछ घंटों में फंसे लोगों का बाहर निकलना शुरू होगा.
पिछले समझौते को तैयार करने में मदद करने वाले रूस ने अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा है.
सरकार से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक 15 हज़ार आम लोगों को बाहर निकलने की इजाज़त दी जाएगी. लेकिन विद्रोहियों के एक प्रवक्ता ने बताया कि सिर्फ घायल लोग बाहर जा सकेंगे.
पुराने समझौते के तहत पूर्वी अलेप्पो से आम लोगों और विद्रोहियों को उत्तरी सीरिया के विद्रोहियों के कब्ज़े वाले इलाके में जाने की इजाज़त दी जानी थी.
मंगलवार को संघर्ष थम गया. फंसे लोगों को निकालने का काम बुधवार को स्थानीय समय के मुताबिक सुबह पांच बजे शुरू होना था. लेकिन ऐसा हो नहीं सका और लोगों को निकालने के लिए आई बसें खाली ही रहीं.
इस गतिरोध के लिए सरकार की मांग को जिम्मेदार बताया गया. इसके घंटों बाद विद्रोहियों के कब्ज़े वाले इलाकों में बमबारी शुरू हो गई.
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि सीरिया सरकार और इसके सहयोगियों ने उन इलाकों में हमला किया जहां आम लोग बड़ी तादात में थे. संयुक्त राष्ट्र ने इस दौरान अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन की आशंका जाहिर की है.
संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त जायद राद अल हुसैन ने कहा कि ये सीरिया सरकार की 'जिम्मेदारी है कि वो लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करे'.
इस बीच बीबीसी को जानकारी मिली है कि पश्चिमी सेनाएं अलेप्पो और सीरिया के दूसरे शहरों में संभावित युद्ध अपराधों के सबूत जुटाने के लिए सेटेलाइट और मानव रहित विमानों का इस्तेमाल कर रही हैं.
संयुक्त राष्ट्र के दूत स्टीफान डि मिस्तूरा के मुताबिक करीब 50 हज़ार लोग वहां फंसे हुए हैं.
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