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'आर्थिक-राजनीतिक संबंधों पर ज़ोर' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के नए विदेशमंत्री एसएम कृष्णा ने कहा है कि तेज़ी से बदलते विश्व घटनाक्रम में भारत को एक ज़िम्मेदार शक्ति की भूमिका निभानी है. साथ ही यह भी कहा कि पड़ोसी देशों के साथ राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मज़बूती देने की दिशा में उनकी सरकार काम करेगी.
एसएम कृष्णा ने शुक्रवार को ही 15वीं लोकसभा में मनमोहन सिंह के नेतृत्व में कैबिनेट सदस्य के तौर पर शपथ ग्रहण की. शनिवार को राष्ट्रपति भवन सचिवालय से बताया गया कि एसएम कृष्णा को नए मंत्रिमंडल में विदेश मंत्रालय का दायित्व सौंपा गया है. इसके कुछ घंटों बाद उन्होंने अपने पद स्वीकार करने की घोषणा पत्रकारों से समक्ष करते हुए कहा, "हम चाहते हैं कि पड़ोस में शांति बहाल हो. अमरीका, रूस, जापान, चीन और यूरोपीय संघ के साथ अपने संबंधों को हम और प्रगाढ़ करेंगे." नए रणनीतिकार एसएम कृष्णा ने कहा, "तेज़ी से बदलते विश्व परिदृश्य में भारत की भूमिका अहम है. भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर क़ायम रहेगा. साथ ही आर्थिक संकट के दौर में 9-10 प्रतिशत की विकास दर के साथ आगे बढ़ने का प्रयास रहेगा."
श्रीलंका के ताज़ा हालातों पर बोलते हुए उन्होंने कहा, "हम श्रीलंका सरकार की शांति बहाली की दिशा में हरसंभव मदद करेंगे. श्रीलंका में तत्काल प्रभावितों को राहत दिलाने और तेज़ी से पुनर्वास कार्यक्रम चलाने की ज़रूरत है. हम वहाँ जल्द से जल्द शांति और सामान्य स्थिति बहाली की दिशा में श्रीलंका की मदद करेंगे." उधर पिछले विदेशमंत्री और वर्तमान कैबिनेट में वित्तमंत्री बनाए गए प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि नई सरकार की प्राथमिकता आर्थिक अस्थिरता की वैश्विक समस्या में भारत की अर्थव्यवस्था को स्थिर और मज़बूत बनाए रखना है. मंत्रालय की घोषणा के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में रेलमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उनका ध्यान इस बात के सामन्जस्य पर होगा कि मंत्रालय व्यावसायीकरण के साथ साथ उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं और सहूलियतें कैसे प्रदान करे. किसको क्या मिला.. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में शपथ लेने वाले 19 मंत्रियों में से छह मंत्रियों के लिए मंत्रालयों की घोषणा शनिवार को कर दी गई.
राष्ट्रपति भवन सचिवालय से बताया गया है कि प्रणव मुखर्जी, एसएम कृष्णा, एके एंटनी, पी चिदंबरम, ममता बनर्जी और शरद पवार के लिए मंत्रालयों की घोषणा कर दी गई है. कैबिनेट के नए चेहरे एसएम कृष्णा को विदेश मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया है जबकि विदेश मंत्रालय देख रहे प्रणव मुखर्जी को इसबार वित्तमंत्री बनाया गया है. मुंबई हमलों के बाद से गृहमंत्रालय की ज़िम्मेदारी संभाल रहे पी चिदंबरम के पास अभी भी यह ज़िम्मेदारी यथावत बनी हुई है. वहीं एके एंटनी रक्षा मंत्रालय और शरद पवार कृषि मंत्रालय संभालते रहेंगे. कैबिनेट का दूसरा नया चेहरा है ममता बनर्जी का. ममता बनर्जी को रेल मंत्रालय का दायित्व सौंपा गया है. ममता के पास रेल मंत्रालय का दायित्व इस सरकार से पहले भी रहा है. बाकी के मंत्रियों के बारे में मंत्रालयों के वितरण की घोषणा फिलहाल नहीं की गई है. इस बारे में जब राष्ट्रपति सचिवालय में संपर्क किया तो बताया गया कि इस बारे में अभी कुछ निर्णय नहीं लिया गया है कि कबतक इस जानकारी को सार्वजनिक किया जाएगा. कैबिनेट की पहली बैठक शपथ ग्रहण के एक दिन बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को कैबिनेट की बैठक बुलाई थी. इसमें फ़ैसला किया गया है कि 15वीं लोक सभा का सत्र एक जून से लेकर नौ जून तक चलेगा. ये भी तय हुआ कि राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को चार जून को संबोधित करेंगी. राज्य सभा का सत्र भी चार जून को शुरु होगा.
नए सांसद एक और दो जून को शपथ लेंगे और लोक सभा स्पीकर का चयन तीन जून को होगा. कांग्रेस नेता पी चिदंरबरम ने बताया कि 31 जुलाई से पहले बजट पेश कर दिया जाएगा. मनमोहन सिंह ने शुक्रवार शाम को दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. शनिवार को अपना कार्यभार संभालने से पहले सुबह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह महात्मा गांधी समेत कई नेताओं की समाधियों पर गए और श्रद्धा सुमन अर्पित किए. इस बीच डीएमके के साथ मंत्री पदों के बटवारे को लेकर अभी कोई सहमति नहीं बन पाई है. |
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