'बुचर' और 'हनीमून' पर हंगामा, दिल मांगे मोर?

नरेंद्र मोदी

इमेज स्रोत, Getty

भारत में लोकसभा चुनाव धीरे-धीरे अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है लेकिन नेताओं की एक-दूसरे के ख़िलाफ़ बयानबाज़ी तेज़ होती जा रही है.

हर बयान के साथ नए विवाद उछलते हैं और लगता है कि असली मुद्दे कहीं हाशिए पर जा रहे हैं.

भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के पालनपुर में एक रैली में करगिल युद्ध में मारे गए कैप्टन विक्रम बत्रा के नाम पर वोट मांगे.

मोदी ने कहा, "विक्रम बत्रा को याद करें तो मन कहता है, ये दिल मांगे मोर... आपने 60 साल शासकों को दिए हैं. क्या इस सेवक को 60 महीने नहीं दे सकते? मैं ज़्यादा नहीं मांग रहा...ये दिल मांगे मोर...60 महीने."

<link type="page"><caption> चुनावों के दौरान किसने दिया सबसे आपत्तिजनक बयान?</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/04/140428_bbc_facebook_objectionable_comment_sk.shtml" platform="highweb"/></link>

करगिल युद्ध पर ज़बानी जंग

हालांकि नरेंद्र मोदी का ये तरीका विक्रम बत्रा के परिवार को पसंद नहीं आया. उनके पिता जीएल बत्रा ने मोदी के बयान पर आपत्ति जताई है.

जीएल बत्रा ने आपत्ति जताते हुए कहा, "इस वक्त विक्रम जी के नाम पर राजनीति करना, मैं नहीं समझता कि ये अच्छा है." विक्रम बत्रा की मां, कमल कांता बत्रा हिमाचल के हमीरपुर से आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार हैं.

प्रियंका गांधी

इमेज स्रोत, AP

वहीं भाजपा की प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी का कहना था कि दिल मांगे मोर का नारा किसी एक व्यक्ति की जागीर नहीं है.

<link type="page"><caption> 'बीजेपी में अलग-अलग सुर, सुनियोजित रणनीति है'</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/04/140421_neeraja_bjp_statement_sk.shtml" platform="highweb"/></link>

इसके बाद ख़ुद नरेंद्र मोदी ने अपने बचाव में ट्विटर पर लिखा, "जिस तरह से आज विक्रम बत्रा को मेरी श्रद्धांजलि को लेकर ओछी राजनीति हुई है उससे मैं बहुत दुखी था. देश को सब कुछ देने वाले हमारे शहीदों के अपमान का सवाल ही नहीं उठता. मैं राजनीति छोड़ दूंगा लेकिन शहीदों का अपमान कभी नहीं करूंगा."

लालू और प्रियंका के तीर

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के लिए अमेठी में प्रचार करते हुए उनकी बहन प्रियंका गांधी ने भाजपा और आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों पर हमला किया.

प्रियंका ने कहा, "अब एक और चुनाव आ रहा है आपके सामने, सात तारीख को. कई उम्मीदवार आए हैं आपके क्षेत्र में. एक तो ऐसे हैं जिनकी शायद केंद्र और प्रदेश में सरकार कभी न आए. वो आते हैं, आलोचना करते हैं लेकिन आप सोचिए कि वो कर क्या पाएंगे और उनकी क्षमता क्या होगी."

<link type="page"><caption> 'लोग बनारस पाप धोने आते हैं, मोदी का पता नहीं'</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/04/140426_ajay_rai_congress_electionspl2014_ns.shtml" platform="highweb"/></link>

प्रियंका गांधी ने आगे कहा, "दूसरी उम्मीदवार पिछले चुनाव में दिल्ली में चांदनी चौक से लड़ीं पर ज़रा चांदनी चौक जाकर पूछिए लोगों से कि उसके बाद क्या वे कभी वापस आईं? वो यहां आती हैं, आलोचना करती हैं. वे असलियत समझना नहीं चाहते हैं. वे ये अच्छी तरह जानते हैं कि जितना राहुल जी कर रहे हैं इस क्षेत्र के लिए, वो कभी नहीं कर पाएंगे."

वहीं नरेंद्र मोदी पर गुजरात दंगों को लेकर एक बार फिर टिप्पणी की गई. इस बार टिप्पणी करने वाले हैं राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव.

<link type="page"><caption> ‘धारा 370 की भावना पूरे देश में लागू हो - आम आदमी पार्टी’</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/04/140429_yogendra_yadav_interview_an.shtml" platform="highweb"/></link>

राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कहा, "बुचर भी शर्माता है नरेंद्र मोदी से. और वो आदमी देश का प्रधानमंत्री बनेगा?"

भारतीय जनता पार्टी भी इस पर चुप नहीं रही और रविशंकर प्रसाद ने इसे विपक्ष की हताशा करार दिया.

भाजपा ने किया रामदेव का बचाव

नरेंद्र मोदी, रामदेव

इमेज स्रोत, AFP

राहुल गांधी और दलितों के ख़िलाफ़ हनीमून वाला विवादित बयान देने वाले योग गुरु रामदेव की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष राजकुमार विरका ने कहा, "हमें डेढ़ सौ से ज़्यादा शिक़ायतें मिली है. इसके लिए हमने केंद्रीय गृह सचिव को नोटिस जारी करके रिपोर्ट मांगी है और हमने कहा है कि इसके ख़िलाफ़ कार्रवाई हो."

<link type="page"><caption> बीजेपी और लालू का विरोध दिखावटीः साधु यादव</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/03/140327_sadhu_yadav_interview_tk.shtml" platform="highweb"/></link>

हालांकि भाजपा ने रामदेव का बचाव जारी रखा है. पार्टी नेता मीनाक्षी लेखी ने कहा, "अपने अंदर भी तो ज़रा देखिए. हनीमून शब्द आपके लिए ठीक है, उनके लिए ख़राब है. यहां एक शब्द के पचास मतलब हो सकते हैं."

<bold>(बीबीसी हिंदी का एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए <link type="page"><caption> क्लिक करें</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link>. आप ख़बरें पढ़ने और अपनी राय देने के लिए हमारे <link type="page"><caption> फ़ेसबुक पन्ने</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> पर भी आ सकते हैं और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>