
रतन टाटा की विरासत को आगे बढ़ाएंगे सायरस मिस्त्री
सायरस मिस्त्री औपचारिक तौर पर सोमवार को टाटा संस की कमान संभाल रहे हैं.
टाटा समूह के 144 साल के इतिहास में यह विशेष पद संभालने वाले वे सिर्फ छठे व्यक्ति हैं.
रतन टाटा से पहले ये पद टाटा परिवार के ही किसी व्यक्ति के पास रहा है. इस तरह टाटा परिवार से बाहर के एक व्यक्ति को अब ये ज़िम्मेदारी सौंपी गई है. हालांकि, रतन समूह के मानद चेयरमैन बने रहेंगे.
50 साल तक काम करने के बाद इसी साल रतन टाटा 28 दिसंबर को रिटायर हो गए थे.
सन 1991 में उन्होंने टाटा संस की कमान संभाली थी. हालांकि उन्होंने पहले ही घोषणा कर दी थी कि 75 साल पूरे होने पर वह अपना पद छोड़ देंगे.
उत्तराधिकारी
एक साल पहले, नवंबर महीने में उन्होंने अपने उत्तराधिकारी के रुप में 44 वर्षीय साइरस मिस्त्री को चुना था.
समूह के निदेशक मंडल की बैठक में मिस्त्री को टाटा संस का उप प्रमुख नियुक्त कर दिया गया था.
इस फ़ैसले पर ख़ुद रतन टाटा ने कहा था, "साइरस मिस्त्री को टाटा संस का उप प्रमुख बनाने का फ़ैसला एक अच्छा और दूरदर्शी निर्णय है. मैं उनकी हिस्सेदारी की गुणवत्ता, उनकी सूक्ष्म दृष्टि और उनकी विनम्रता से प्रभावित हूँ."
जब रतन टाटा ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था तो तब टाटा समूह से बाहर उन्हें कम ही लोग जानते थे.
साइरस मिस्त्री टाटा संस में सबसे बड़ी व्यक्तिगत हिस्सेदारी रखने वाले पल्लनजी मिस्त्री के पुत्र हैं. उनकी हिस्सेदारी 18 प्रतिशत है.
मिस्त्री वर्ष 2006 से टाटा संस के बोर्ड के सदस्य रहे हैं
1968 में जन्मे मिस्त्री ने लंदन स्थित इंपीरियल कॉलेज ऑफ साइंस, टेक्नोलॉजी एंड मेडिसिन से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक किया है.
इसके अलावा उन्होंने लंदन बिजनेस स्कूल से मैनेजमेंट की पढ़ाई भी की है.








