
बाल ठाकरे मुंबई आकर बसने वाले उत्तर भारतीयों के खिलाफ आग उगलते थे.
शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे का 17 नवम्बर को मुंबई में निधन हो गया. वे 86 वर्ष के थे और लगभग 46 साल तक सार्वजनिक जीवन में रहे.
उन्होंने न तो कभी कोई चुनाव लड़ा, न ही कोई राजनीतिक पद स्वीकार किया, फिर भी महाराष्ट्र की राजनीति में अहम भूमिका निभाते रहे.
मायानगरी मुंबई को अपना गढ़ बनाकर काम करने वाले बाल ठाकरे अपने विवादित बयानों की वजह से अक्सर सुर्खियां बटोरते रहे.
उनके कुछ ऐसे ही विवादास्पद बयान इस प्रकार हैं:
सचिन तेंडुलकर पर निशाना
ये नवम्बर 2009 की बात है. सचिन तेंडुलकर ने कहा था कि मुंबई...हर भारतीय की है. सचिन ने ये भी कहा था कि मुझे इस बातपर बड़ा गर्व है कि मैं महाराष्ट्रियन हूं, लेकिन मैं पहले एक भारतीय हूं.
इस बयान पर बाल ठाकरे ने सचिन को आड़े हाथों लिया था.
बाल ठाकरे ने कहा था कि जब आप चौका या छक्का लगाते हैं तो लोग आपकी सहाहना करते हैं, लेकिन यदि आप मराठियों के अधिकारों का उल्लंघन करेंगे या उन पर टीका-टिप्पणी करेंगे तो इससे मराठी मानुष आहत होगा और वो इसे कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे.
तब बाल ठाकरे ने सचिन तेंडुलकर को क्रिकेट के बहाने राजनीति न करने की नसीहत भी दी थी.
सानिया मिर्जा और तंग कपड़े

सानिया अपने पति शोएब मलिक के साथ
पांच महीने बाद यानी अप्रैल 2010 में बाल ठाकरे ने टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा पर निशाना साधा था.
वजह थी पाकिस्तानी क्रिकेट खिलाड़ी शोएब मलिक जिनसे सानिया का विवाह होने वाला था.
बाल ठाकरे ने एक बार फिर अपने चिर-परिचित अंदाज़ में कहा था कि सानिया यदि भारत के लिए खेलना चाहती हैं तो उन्हें किसी भारतीय को ही अपना जीवनसाथी चुनना होगा और यदि सानिया ने शोएब से ब्याह किया तो भारतीय नहीं रहेंगी, उनका दिल यदि हिंदुस्तानी होता तो किसी पाकिस्तानी के लिए नहीं धड़कता.
बाल ठाकरे ने यहां तक कह दिया था कि सानिया अपने खेल की वजह से नहीं बल्कि अपने तंग कपड़ों, फैशन और प्रेम प्रसंगों की वजह से मशहूर हैं.
मुंबई में परमिट सिस्टम
भारत के अन्य राज्यों से मुंबई आकर बसने वालों के खिलाफ भी बाल ठाकरे बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते रहे.
मार्च 2010 में महाराष्ट्र के राज्यपाल के. शंकरनारायण ने कहा था कि मुंबई में कोई भी रह सकता है.
इस पर बाल ठाकरे ने शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में लिखा था कि मुंबई धर्मशाला बन गई है, बाहरी लोगों को आने से रोकने का एकमात्र तरीका यही है कि परमिट सिस्टम लागू कर दिया जाए.
शाहरुख को निशान ए पाकिस्तान
पाकिस्तान के क्रिकेट खिलाड़ियों को इंडियन प्रीमियर लीग में शामिल करने की बात चली तो अभिनेता और कोलकाता नाइट राइडर्स के सह मालिक शाहरुख खान ने इस बात का समर्थन किया.
इसी वजह से बाल ठाकरे ने शाहरुख खान को आड़े हाथों ले लिया.
बाल ठाकरे ने तब कहा था कि शाहरुख खान को 'निशान-ए-पाकिस्तान' से नवाज़ा जाना चाहिए.
आईपीएल पर प्रतिबंध की मांग
फिर साल 2010 में बाल ठाकरे ने 'क्रिकेट को बचाने' के नाम पर इंडियन प्रीमियर लीग पर प्रतिबंध लगाने की मांग की.
तब बाल ठाकरे ने अपने बयान में कहा था कि आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने क्रिकेट की 'जेंटलमेंस गेम' वाली छवि खराब की है और आईपीएल पर प्रतिबंल लगाकर ही क्रिकेट को बचाया जा सकेगा.








