
सलमान खुर्शीद ने रविवार को एक प्रेस कॉफ्रेंस कर अरविंद केजरीवाल के आरोपों को ग़लत बताया था
उत्तरप्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा ने केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के पारिवारिक ट्रस्ट द्वारा विकलांगों को दिए जाने वाले उपकरणों के वितरण में कथित धांधली की जांच के लिए कागज़ात खंगालने का काम तेज़ कर दिया है.
केंद्र सरकार के समाज कल्याण मंत्रालय ने सलमान खुर्शीद के नाना और पूर्व राष्ट्रपति डा. ज़ाकिर हुसैन की याद में बने ट्रस्ट को 71 लाख रुपये का अनुदान दिया था.
एक समाचार चैनल ने अपनी रिपोर्ट में आरोप लगाए थे कि विकलांगों को उपकरण नहीं दिए गए और ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने इन रुपयों का गबन किया.
नियंत्रक एवं लेखा-महापरीक्षक की रिपोर्ट में भी इसी तरह की बात कही गई है.
सलमान खुर्शीद इस ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं और उनकी पत्नी लुईस खुर्शीद प्रोजेक्ट डायरेक्टर.
दोनों ने ही आरोपों का खंडन किया है.
जांच
आर्थिक अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सुब्रत त्रिपाठी के अनुसार, अभी शासन के निर्देश पर प्रारंभिक जांच हो रही है और प्रारंभिक जांच रिपोर्ट तैयार होने में कम से कम दो हफ्ते का समय लगेगा.
प्रशासन ने पुलिस को जांच के आदेश दिए हैं कि जिन विकलांगों को उपकरण दिए जाने की बात कही गई है वे वास्तव में हैं भी या नहीं और उन्हें उपकरण मिले या नहीं? इसके अलावा क्या ऐसे लोगों को उपकरण दिए गए जो मर चुके हैं?
क्या उपकरण बांटने के कैंप लगाने के फर्ज़ी दस्तावेज़ तैयार किए गए हैं?
इस बात की भी जांच की जा रही है कि क्या इस प्रक्रिया में सरकारी अधिकारियों को रिश्वत भी दी गई?
" जांच रिपोर्ट आने से पहले कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती. हमें जांच रिपोर्ट के आने तक इंतज़ार करना पडेगा."
अखिलेश यादव, मुख्यमंत्री, उत्तरप्रदेश
सुब्रत त्रिपाठी के अनुसार फिलहाल विभिन्न कार्यालयों से दस्तावेज़ इकट्ठा कर बयान लिए जा रहे हैं. और इस संबंध में फिलहाल कोई आपराधिक केस दर्ज नहीं किया गया है.
उत्तरप्रदेश सरकार ने तीन जुलाई को आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा को यह जांच सौंपी थी.
इससे पहले विकलांग कल्याण विभाग मामले की जांच कर रहा था. विकलांग कल्याण विभाग की जांच में कुछ अधिकारियों के फर्ज़ी हस्ताक्षर की बात सामने आने पर पुलिस को जांच सौंपी गई थी.
इंडिया अगेंस्ट करप्शन के नेता अरविंद केजरीवाल ने उत्तरप्रदेश सरकार पर सलमान खुर्शीद को बचाने की गरज से सबूत नष्ट करने का आरोप लगाया है.
उनके इस बयान पर प्रतिक्रया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा, "जांच रिपोर्ट आने से पहले कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती. हमें जांच रिपोर्ट के आने तक इंतज़ार करना पड़ेगा."










