ममता बनर्जी ने पुलिस से क्यों RSS प्रमुख को मिठाइयां भेजने को कहा - प्रेस रिव्यू

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वो जंगलमहल क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत के दौरे के दौरान उनकी आवभगत का ख़याल रखें लेकिन दौरे पर क़रीबी नज़र भी रखें.
अंग्रेज़ी अख़बार 'द हिंदू' अपनी रिपोर्ट में लिखता है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को मेदिनीपुर में एक प्रशासनिक बैठक के दौरान पुलिस अफ़सरों से पूछा कि 17 से 20 मई के बीच RSS प्रमुख केशियारी का दौरा क्यों कर रहे हैं?
उन्होंने पुलिस अफ़सरों से कहा कि प्रशासन उन्हें (मोहन भागवत) मिठाइयां और फल भेजे ताकि उन्हें एहसास हो कि 'हम अपने मेहमानों की अच्छी ख़ातिरदारी करते हैं.'
साथ ही ममता बनर्जी ने कहा कि RSS प्रमुख पर्याप्त सुरक्षा दी जाए ताकि 'कोई दंगा' न हो. उन्होंने स्थानीय विधायक को भी हालात पर नज़र रखने को कहा है.
RSS और उससे जुड़े संगठनों ने पश्चिम बंगाल के जंगलमहल क्षेत्र में शिक्षण संस्थान स्थापित किए हुए हैं. इस क्षेत्र में पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, बांकुड़ा और पुरुलिया ज़िले आते हैं. 2019 के लोकसभा चुनावों में इस क्षेत्र में बीजेपी ने शानदार जीत दर्ज करते हुए सभी सीटें जीत ली थीं.
हालांकि, दो साल बाद हुए विधानसभा चुनाव के दौरान तृणमूल कांग्रेस ने अधिकतर सीटों पर क़ब्ज़ा जमाया था.
जंगलमहल काफ़ी समय से बेहद संवेदनशील क्षेत्र रहा है क्योंकि यहां पर माओवादियों की मौजूदगी रही है और कई सालों तक हिंसक माहौल रहा है.

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बीजेपी नेता ने कहा- ज्ञानवापी में पूजा करने से दुनिया की कोई ताक़त नहीं रोक सकती
बीजेपी नेता मुरलीधर राव ने कहा है कि 'ज्ञानवापी परिसर में मिले शिवलिंग की पूजा करने से दुनिया की कोई ताक़त नहीं रोक सकती है.'
अंग्रेज़ी अख़बार 'द टेलीग्राफ़' लिखता है कि बीजेपी नेता ने यह भी कहा है कि 'शिवलिंग के मिलने के बाद 1991 के पूजा का स्थान अधिनियम को बनाए रखना असंभव है.'
1991 के क़ानून के तहत ऐसे किसी भी धार्मिक स्थान का धार्मिक चरित्र बदलने पर रोक है जो 15 अगस्त 1947 को अस्तित्व में था. नरसिम्हा राव सरकार ने अयोध्या मुद्दे को इससे बाहर रखा था.
अख़बार लिखता है कि पी. मुरलीधर राव बीजेपी के पूर्व महासचिव रह चुके हैं और उनका कहना है कि यह बात उनकी निजी राय है.
बीजेपी नेता ने साथ ही यह भी कहा है कि 'इस सच्चाई को देश की जनता के साथ मुसलमान भी जितनी जल्दी स्वीकार करेंगे, सभी की मर्यादा बची रहेगी.'

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योगी सरकार ने नए मदरसों को अनुदान देने की नीति की ख़त्म
उत्तर प्रदेश सरकार ने नए मदरसों को अनुदान देने के अब सभी रास्ते बंद कर दिए हैं. साल 2016 में अखिलेश सरकार की मदरसों को अनुदान देने के लिए लागू की गई नीति को योगी सरकार ने ख़त्म कर दिया है.
दैनिक जागरण अख़बार लिखता है कि मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के इस प्रस्ताव को पास कर दिया गया है. इस नीति के आधार पर ही मदरसा प्रबंधक अनुदान प्राप्त करने के लिए न्यायालय की शरण में जाते थे.
साल 2003 तक मान्यता पाने वाले मदरसों को अनुदान देने के लिए तत्कालीन सपा सरकार में नीति बनाई गई थी. नीति के तहत 100 मदरसों को अखिलेश सरकार में अनुदान दिया गया.
योगी सरकार के पहले कार्यकाल में एक भी मदरसे को अनुदान नहीं दिया गया था.
आलिया स्तर के मदरसों को अनुदान देने के लिए सपा सरकार में बनी नीति का हवाला देते हुए कई मदरसा प्रबंधक हाई कोर्ट चले गए थे. दलील थी कि जब वे मानक पूरे कर रहे हैं तो उन्हें भी नीति के तहत अनुदान क्यों नहीं दिया जा रहा है?

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दिल्ली में फिर चढ़ेगा पारा, बढ़ेगी गर्मी
राजधानी दिल्ली में गर्मी से मिली राहत बुधवार से ख़त्म हो रही है. मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले 24 घंटे में मौसम खुलने के साथ तेज़ धूप निकलेगी और गर्मी का सितम बढ़ेगा.
अमर उजाला अख़बार लिखता है कि 21 मई से एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिससे 23 मई तक राहत मिलने के आसार हैं.
मौसम विभाग के मुताबिक़, बीते 24 घंटे में अधिकतम तापमान सामान्य से एक अधिक 41.1 और न्यूनतम तापमान सामान्य से एक अधिक 27.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
दिनभर सूरज और बादलों के बीच लुका-छिपी का खेल चलता रहा. इस वजह से गर्मी के तेवर हल्के रहे, हवा में नमी का स्तर 27 से 57 फ़ीसदी रहा. दिल्ली के मुंगेशपुर इलाके में सबसे अधिक 44.6 और नजफ़गढ़ में 44.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया.
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले 24 घंटे में मौसम साफ रहने के साथ अधिकतम पारा चढ़कर 43 और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा सकता है.
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