राजस्थान: लिफ्ट के बहाने महिला का अपहरण, गैंग रेप और हत्या कर कुएं में फेंका शव

पुलिस थाना

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    • Author, मोहर सिंह मीणा
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए जयपुर से

राजस्थान में अपने ससुराल से पीहर जा रही एक महिला को लिफ्ट देने के बहाने अपहरण कर लिया गया.

महिला के साथ गैंगरेप किया और हत्या कर शव कुंए में फेंक दिया. पुलिस ने इस मामले में मुख्य अभियुक्त समेत दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया है.

क्या है घटना

जयपुर में रहने वाली 35 साल की एक महिला 23 अप्रैल को सुबह दौसा ज़िले के एक गांव में अपने पीहर जा रहीं थीं. लेकिन, वह 24 अप्रैल की शाम तक भी घर नहीं पहुंची. परिवार वालों ने अपने स्तर पर खूब तलाश की. लेकिन, कहीं कोई सुराग नहीं मिला.

24 तारीख़ की शाम को परिजनों ने थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज करवाया.

मामले की गंभीरता को समझते हुए मामला दर्ज होते ही पुलिस टीम तुरंत ही जांच में जुट गई. पुलिस को महिला के पीहर से दस किलोमीटर पहले सोनड मोड़ पर एक सीसीटीवी फुटेज में वो महिला पैदल चलती हुई नज़र आईं. उनके साथ क़रीब 14 साल का एक बच्चा भी था.

सीसीटीवी फुटेज में नज़र आ रहा है कि एक सफ़ेद रंग की गाड़ी महिला के आगे आ कर रुकी और उनको लिफ्ट दी. महिला और वो बच्चा गाड़ी में बैठते हुए नज़र आ रहे हैं. पुलिस ने बच्चे की पहचान की. वह पास के ही गांव का रहने वाला है. बच्चे से पूछताछ में ये बात सामने आई कि लिफ्ट देने वाला गांव का ही कालूराम मीणा है.

बच्चे ने पुलिस को बताया कि गाड़ी से उसे गांव में छोड़ दिया और महिला को गाड़ी में ले गए.

सीसीटीवी

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इमेज कैप्शन, सोनड मोड़ पर लगे एक दुकान के सीसीटीवी फुटेज में नजर आईं महिला

कालूराम ने खोला राज

बच्चे से पूछताछ के बाद पुलिस ने तुरंत कालूराम मीणा से पूछताछ शुरू की. कालूराम ने पुलिस को बहाने बना कर गुमराह करना चाहा. लेकिन, जब सख़्ती से पूछताछ हुई तो कालूराम ने पुलिस को सच्चाई बता दी.

कालूराम ने पुलिस को बताया कि महिला को उसके गांव छोड़ने की जगह जयपुर के बस्सी इलाक़े में ले गए. उसके साथ गैंग रेप कर उसकी हत्या कर दी. शव को जयपुर के लालगढ़ स्थित नई के नाथ के जंगल में एक सूखे कुएं में फेंक दिया.

गाड़ी में कालूराम के साथ उसका चचेरा भाई संजू मीणा भी मौजूद था जो इस घटना में शामिल था. पुलिस की पूछताछ में कालूराम ने जो जानकारी दी, उसकी निशानदेही पर पुलिस ने 25 अप्रैल की सुबह 4 बजे कुएं से शव बरामद कर लिया.

महिला के साथ हुई दरिंदगी का अंदाज़ा उनके शव को देखकर ही लगाया जा सकता था.

रात में हुआ शव का अंतिम संस्कार

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इमेज कैप्शन, रात में हुआ शव का अंतिम संस्कार

रात में हुआ अंतिम संस्कार

अल सुबह शव बरामद करने के बाद मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमॉर्टम करवाया गया. इस दौरान परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए और न्याय की मांग की. सहायता और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर परिवार वालों ने शव लेने से इनकार कर दिया.

दौसा ज़िला प्रशासन के समझाने और समझौते के बाद परिवार शव को पीहर ले कर गया. शव लेकर 25 अप्रैल की देर शाम पर एंबुलेंस गांव पहुंची तो परिवार में चीख पुकार मच गई. गांव वालों में भी इस घटना के बाद से रोष है.

एंबुलेंस से शव उतारने के दौरान जब शव के ऊपर से सफेद कपड़ा हटाया गया तो वहां मौजूद लोगों से चेहरा तक देखा नहीं गया. इसके तुरंत बाद शव की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं. लोगों ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए एक हैशटैग चलाया.

इस मामले पर विपक्ष भी हावी हो गया और राज्य सरकार और राजस्थान पुलिस पर सवाल खड़ा करने लगा. हालांकि, पुलिस ने इस मामले में गंभीरता से जांच करते हुए मुख्य अभियुक्त को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया.

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दो बच्चों की मां

उस महिला के दो बच्चे हैं. मां के साथ हुई दरिंदगी के बाद अब परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है. महिला के पति मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं.

उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, "घर से अच्छी खासी चली थी. क़रीब साढ़े दस बजे जयपुर से बस में बैठा दिया था. लेकिन, घर नहीं पहुंचीं. मेरे साले ने रात को फ़ोन कर मुझे बताया कि वह घर नहीं पहुंची है."

उन्होंने कहा, "तब मैं और कुछ लोगों के साथ जयपुर से आया. फिर पूरी रात और दिन तलाश की लेकिन वो नहीं मिली." आगे कहा, "इंसाफ़ चाहिए हमें. बहुत बुरी हालत की है."

राजस्थान

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पुलिस की कार्रवाई

गैंग रेप और हत्या कर कुएं में शव फेंकने की इस घटना के सामने आने के बाद राज्य भर में रोष है. दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है.

राजस्थान पुलिस के एडीजी क्राइम ब्रांच डॉक्टर रवि प्रकाश मेहरड़ा ने बीबीसी को बताया, "घटना के बारे में मामला दर्ज होते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की. 23 तारीख़ की घटना है और 24 तारीख़ की शाम को मामला दर्ज हुआ."

एडीजी डॉक्टर मेहरड़ा बताया, "पुलिस ने जांच शुरू की और सोनड मोड़ के पास एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरा में महिला नज़र आईं. वहीं से परत दर परत खुलती गई और हम मुख्य आरोपी तक पहुंच गए."

डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा

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इमेज कैप्शन, राजस्थान पुलिस में क्राइम ब्रांच एडीजी डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा

मेहरड़ा के अनुसार, "इस मामले में पुलिस ने मुख्य अभियुक्त कालूराम मीणा और उसके चचेरे भाई संजू मीणा को गिरफ्तार कर लिया है और जांच अभी जारी है."

गैंगरेप और हत्या के इस गंभीर मामले में दौसा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजकुमार गुप्ता ने 26 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की.

एसपी राजकुमार गुप्ता ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया, "अभी तक की जांच और पूछताछ में कुछ और नाम भी सामने आए हैं. हम जांच कर रहे हैं यदि वो भी इसमें पाए गए तो हम उन पर भी कार्रवाई करेंगे. मृतिका को सोनड बस स्टैंड पर एक बच्चा मिला. एक गाड़ी आई और रुकी वे गांव के रहने वाले थे, तो बच्चे ने पूछा कि आप गांव जा रहे हैं तो हमें भी छोड़ देंगे."

"महिला और बच्चा गाड़ी में बैठ गए. बच्चे को गांव उतार दिया और अकेली महिला को देखकर उन्होंने घटना को अंजाम दिया."

एसपी ने कहा, "पोस्टमार्टम की रिपोर्ट अभी हम डिस्क्लोज नहीं कर सकते हैं, जांच जारी है."

शव को एसिड से जलाए जाने की भी आशंका जताई जा रही है. इस पर एसपी गुप्ता ने कहा, "वो केवल डिकम्पोज बॉडी है और लम्बे समय तक ऐसी गर्मी में कुएं में रही. कुआं सूखा था. इसलिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही कह पाएंगे कि एसिड या पेट्रोल से जलाने का प्रयास किया गया है."

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