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हेलिकॉप्टर क्रैश में बचे ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह को बेंगलुरु एयरलिफ़्ट किया गया- प्रेस रिव्यू
वायु सेना का हेलिकॉप्टर Mi-17V5 बुधवार को जब दुर्घटनाग्रस्त हुआ तो इसमें देश के पहले चीफ़ ऑफ डिफेंस स्टाफ़ जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी समेत कुल 14 लोग सवार थे.
इनमें से 13 लोगों की मौत हो गई लेकिन ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह अभी जीवित हैं. हालांकि वरुण की स्थिति भी नाजुक है. गुरुवार को उन्हें तमिलनाडु में वेलिंगटन के सैन्य अस्पताल से एयरलिफ़्ट कर बेंगलुरु लाया गया.
गुरुवार को वरुण सिंह को एम्बुलेंस के कुन्नूर से कोयंबटूर लाया गया और वहाँ से एयरलिफ़्ट कर बेंगलुरु के कमांड अस्पताल में भर्ती किया गया.
अंग्रेज़ी अख़बार द हिन्दू ने इस ख़बर को प्रमुखता से जगह दी है. ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह वेलिंगटन के डिफ़ेंस सर्विसेज स्टाफ़ कॉलेज (डीएसएससी) में डायरेक्टिंग स्टाफ़ हैं. बुधवार को वरुण जनरल रावत की आगवानी में सुलुर गए थे. जनरल रावत वेलिंगटन डीएसएससी के कैडेट को संबोधित करने आ रहे थे लेकिन उनका हेलिकॉप्टर 10 किलोमीटर पहले ही हादसे का शिकार हो गया.
द हिन्दू से वरुण सिंह के चाचा और कांग्रेस के पूर्व विधायक अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा, ''इस त्रासदी में भी वो ज़िंदा है तो यह ईश्वर की ही दया है. उम्मीद करता हूँ कि वो जल्दी ठीक हो जाए. मैं उत्तर प्रदेश के रुद्रपुर में एक पदयात्रा में था तभी वॉट्सऐप के फैमिली ग्रुप पर हेलिकॉप्टर क्रैश की ख़बर मिली. डॉक्टरों ने कहा है कि आने वाले कुछ दिन उसके लिए बहुत ही अहम हैं.''
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट कर कहा है, ''त्रासदीपूर्ण हेलिकॉप्टर क्रैश में बचे ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के लिए मेरी दुआएं हैं. मैं उनके जल्द ठीक होने की कामना करता हूँ. उन्हें लंबी उम्र मिले.''
वरुण सिंह को इसी साल अगस्त महीने में युद्ध के मैदान से अलग भारत का तीसरा सर्वोच्च वीरता सम्मान शौर्य चक्र मिला था. यह अवॉर्ड उन्हें अक्टूबर 2020 में विंग कमांडर के रूप में मिला था. तब उनकी तैनाती लाइट कॉम्बेट एयरक्राफ़्ट के साथ थी. 12 अक्टूबर, 2020 को वरुण एक तेजस एयरक्राफ़्ट युद्ध अभ्यास के लिए उड़ा रहे थे. तभी काफ़ी ऊपर जाने के बाद एक आपातकालीन स्थिति आ गई. कॉकपिट में एक मशीन फेल हो गई लेकिन वरुण सिंह ने अदम्य साहस और कौशल दिखाते हुए सुरक्षित लैंडिंग की थी.
अखिलेश सिंह ने द हिन्दू से कहा कि उनके भतीजे वरुण ने एनडीए यानी नेशनल डिफेंस एकेडमी की परीक्षा पास करने के बाद एयर फ़ोर्स जॉइन किया था और उन्हें अपने बैच का बेस्ट पायलट घोषित किया गया था.
वरुण सिंह का परिवार भी सेना से जुड़ा है. उनके पिता केपी सिंह सेना में कर्नल की पोस्ट से रिटायर हुए हैं. वरुण के भाई भी नेवी में अधिकारी हैं. बेंगुलरु में कर्नाटक के गवर्नर थावरचंद गहलोत और मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई ने कमांड हॉस्पिटल का दौरा कर वरुण के बारे में डॉक्टरों से बात की है.
हेलिकॉप्टर क्रैश की जाँच शुरू
हेलिकॉप्टर क्रैश से जुड़ी एक और अहम ख़बर द हिन्दू ने आठवें नंबर पन्ने पर प्रकाशित की है. इस ख़बर के अनुसार, तमिलनाडु पुलिस ने गुरुवार को कोहरे भरे मौसम में कम दृश्यता के बीच कुन्नूर में दुर्घटना स्थल पर ड्रोन उड़ाया और सबूत जुटाने की कोशिश की.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, भारतीय वायु सेना के एक्सिडेंट इन्वेस्टिगेशन बोर्ड के अधिकारियों ने इससे पहले दुर्घटनास्थल का दौरा किया था. तमिलनाडु पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने द हिन्दू से कहा, ''हमने एक केस दर्ज किया है और चश्मदीदों के अलावा अन्य लोगों से पूछताछ शुरू की है. वायु सेना के पास तकनीकी मामलों में जैसे एयरक्राफ़्ट फॉरेंसिक की विशेषज्ञता है. इन मामलों की जाँच का उनसे पास अनुभव भी है.''
एक अधिकारी ने द हिन्दू से कहा, ''गुरुवार दोपहर बाद से ही यहाँ कोहरे के कारण दृश्यता कम है. एरियल विजुअल के लिए मौसम ठीक होने पर ड्रोन उड़ाए जाएंगे. यह वीआईपी हेलिकॉप्टर दो पहाड़ों के बीच एक चाय बागान में क्रैश किया था. यहाँ से गाँव की दूरी महज़ 100 मीटर है.''
जनरल रावत के बाद सीडीएस की दौड़ में आगे कौन?
हिन्दी अख़बार दैनिक जागरण ने एक ख़बर प्रकाशित की है कि जनरल बिपिन रावत की बुधवार को हेलिकॉप्टर क्रैश में मौत के बाद ख़ाली हुआ चीफ़ ऑफ डिफेंस स्टाफ़ को भरने की कवायद शुरू हो गई है और इस दौड़ में सबसे आगे थल सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे हैं.
दैनिक जागरण ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है, ''सरकार तीनों सेनाओं के वरिष्ठ कमांडरों के नामों का एक पैनल बनाएगी. अगले दो तीन दिनों में तीनों सेनाओं की सिफ़ारिशों के आधार पर इस पैनल को अंतिम रूप दिया जाएगा. इसके बाद इसकी स्वीकृति के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पास भेजा जाएगा. उनकी स्वीकृति के बाद ये नाम विचार के लिए नियुक्ति संबंधी कैबिनेट के पास भेजे जाएंगे और यहीं से देश के अगले सीडीएस के नाम पर मुहर लगेगी. जानकारों के मुताबिक़ सीडीएस की नियुक्ति में भी सरकार उसी प्रोटोकॉल का पालन करेगी जो सेना प्रमुख की नियुक्ति में किया जाता है.''
अख़बार ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है, ''लद्दाख में गतिरोध से निपटने समेत समग्र प्रदर्शन के आधार पर सीडीएस के रूप में जनरल नरवणे की नियुक्ति की संभावना अधिक है. इसके अलावा तीनों सेना प्रमुखों में सबसे सीनियर भी हैं. उन्हें 31 दिसंबर, 2019 को जनरल रावत से यह पद संभाला था.''
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