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कन्हैया कुमार क्या कांग्रेस में शामिल होने जा रहे हैं?- प्रेस रिव्यू
ऐसी संभावनाएं हैं कि 28 सितंबर को सीपीआई नेता कन्हैया कुमार और गुजरात से निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं.
अंग्रेज़ी अख़बार 'द हिंदू' अपनी रिपोर्ट में लिखता है कि इस बात को लेकर भी चर्चा है कि चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले इस तरह से सबसे पुरानी पार्टी को नया रूप देने की कोशिश कर रहे हैं.
अख़बार लिखता है कि भगत सिंह की जयंती के मौक़े पर मेवाणी और कन्हैया को कांग्रेस के पूर्व प्रमुख राहुल गांधी पार्टी में शामिल कराएंगे.
हालांकि, यह अभी साफ़ नहीं है कि इन नए नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर कोई ज़िम्मेदारी दी जाएगी या नहीं या सिर्फ़ इन्हें अपने राज्यों पर ध्यान देने को कहा जाएगा.
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बिहार के सबसे युवा सदस्य कन्हैया ने इस महीने की शुरुआत में राहुल गांधी से मुलाक़ात की थी. दूसरी ओर दलित कार्यकर्ता और गुजरात के निर्दलीय विधायक मेवाणी भी कांग्रेस नेतृत्व के संपर्क में हैं.
वहीं, प्रशांत किशोर की कांग्रेस में एंट्री के समय को लेकर अभी साफ़ कुछ मालूम नहीं है. यह भी नहीं मालूम कि इसको लेकर कांग्रेस वर्किंग कमिटी के सदस्यों के बीच कोई चर्चा हुई भी है या नहीं.
इन अनुमानों पर कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है लेकिन राहुल गांधी ने 16 जुलाई को जो कहा था उससे साफ़ था कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व क्या सोचता है.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया वॉलंटियर्स की बैठक में कहा था, "बहुत सारे लोग हैं जो (बीजेपी-आरएसएस से) नहीं डरते हैं, लेकिन कांग्रेस के बाहर हैं. वे सभी लोग हमारे हैं. उनको लाएंगे और जो हमारी पार्टी में रहकर डरते हैं उन्हें बाहर करना चाहिए. वे आरएसएस के लोगों के पास जा सकते हैं, उन्हें आनंद लेने दीजिए. हमें वे नहीं चाहिए, उनकी ज़रूरत नहीं है. हमें बेख़ौफ़ लोग चाहिए."
अख़बार लिखता है कि राहुल गांधी के इन 'बेख़ौफ़' नेताओं को जोड़ने की उम्मीद को अलग रख दिया जाए तो इन नए चेहरों से कांग्रेस को काफ़ी राहत मिलने की उम्मीद है क्योंकि अब तक पार्टी से युवा चेहरे सिर्फ़ बाहर ही जा रहे हैं.
2019 में दोबारा लोकसभा चुनाव हारने के बाद बीते डेढ़ सालों में ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद और सुष्मिता देव जैसे युवा चेहरे पार्टी छोड़ चुके हैं.
भवानीपुर के मतदाता बने प्रशांत किशोर
वहीं दूसरी ओर एक ख़बर यह भी है कि चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर दक्षिणी कोलकाता की भवानीपुर विधानसभा सीट के मतदाता बन गए हैं. इसी सीट से आगामी विधानसभा उप-चुनाव में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव लड़ रही हैं.
अंग्रेज़ी अख़बार 'द हिंदुस्तान टाइम्स' अपनी रिपोर्ट में लिखता है कि दिग्गज टीएमसी नेता सौगत रॉय का कहना है कि अगर कोई राज्यसभा चुनाव लड़ना चाहता है तो उसके लिए यह आवश्यक है कि वो उस राज्य का मतदाता हो.
रॉय ने कहा, "मैं इसमें कुछ भी ग़लत नहीं देखता हूं. वो एक भारतीय नागरिक हैं और किसी भी राज्य के मतदाता बन सकते हैं. दूसरी बात यह है कि अगर कोई राज्यसभा का चुनाव लड़ना चाहता है तो उसे उस राज्य का मतदाता होना ज़रूरी है. मैं उनकी योजना के बारे में नहीं जानता हूँ. वो एक घर में रह रहे हैं और इसलिए वो मतदाता बने हैं."
जब रॉय से पूछा गया कि क्या टीएमसी उन्हें राज्यसभा भेज रही है तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ मालूम नहीं है.
इससे पहले इसी महीने टीएमसी सांसद अर्पिता घोष ने राज्यसभा की सीट से इस्तीफ़ा दे दिया था. वो सीट अभी भी ख़ाली है.
चन्नी के नए मंत्रिमंडल का आज होगा शपथ ग्रहण
पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले मंत्रियों के नाम तय कर लिए गए हैं.
हिंदी अख़बार 'अमर उजाला' लिखता है कि रविवार शाम को मंत्रिमंडल के लिए चुने गए विधायक शाम साढ़े चार बजे शपथ लेंगे. शनिवार को मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित से मिलकर शपथ ग्रहण का समय मांगा था.
अख़बार लिखता है कि नई दिल्ली में राहुल गांधी के आवास पर शुक्रवार रात 10 बजे से चार घंटे तक चली बैठक में मंत्रियों की जिस सूची को हरी झंडी दी गई है, उनमें 7 नए चेहरों के शामिल करने के साथ ही कैप्टन मंत्रिमंडल के 5 मंत्रियों को हटा दिया गया है.
सूत्रों के अनुसार अख़बार लिखता है कि मंत्रियों की अंतिम सूची में ब्रह्म मोहिंदरा, राणा गुरजीत, मनप्रीत बादल, तृप्त राजिंदर बाजवा, सुखबिंदर सिंह सरकारिया, अरुणा चौधरी, रज़िया सुल्ताना, डॉ. राज कुमार वेरका, भारत भूषण आशु, विजय इंदर सिंगला, गुरकीरत कोटली, राजा वड़िंग, संगत सिंह गिलजियां, काका रणदीप सिंह, परगट सिंह, कुलजीत सिंह नागरा के नाम शामिल हैं.
वहीं, कैप्टन मंत्रिमंडल में शामिल रहे बलबीर सिद्धू, राणा गुरमीत सोढी, गुरप्रीत सिंह कांगड़, साधु सिंह धर्मसोत और सुंदर शाम अरोड़ा को चन्नी के मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया गया है.
ओडिशा और आंध्र के तटों से आज टकराएगा 'गुलाब'
ओडिशा के गोपालपुर और आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम तटों के बीच रविवार को 'गुलाब' चक्रवात के गुज़रने की आशंका है.
हिंदुस्तान अख़बार लिखता है कि इसके मद्देनज़र बचाव और राहत कार्यों के लिए उत्तर तटीय आंध्र ज़िलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के तीन और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के एक दल को तैनात किया गया है.
वहीं, ओडिशा आपदा त्वरित कार्य बल (ओडीआरएएफ़) के 42 दलों और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ़) के 24 दलों के साथ दमकल कर्मियों को सात ज़िलों गजपति, गंजम, रायगढ़, कोरापुट, मल्कानगिरी, नबरंगपुर, कंधमाल भेजा है.
ओडिशा के गंजम के चक्रवाती तूफ़ान से गंभीर रूप से प्रभावित होने की आशंका है और इलाके में 15 बचाव दलों को तैनात किया गया है.
इसके अलावा दमकल के 11 दलों के अलावा ओडीआरएएफ़ के छह दलों और एनडीआरएफ़ के आठ दलों को आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है.
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