आनंद गिरि महिलाओं से अभद्रता के आरोप में ऑस्ट्रेलिया में भी हुए थे गिरफ़्तार- पूरा मामला

आनंद गिरि

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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत में आनंद गिरि को गिरफ़्तार किया गया है.

देश के भीतर आनंद गिरि की भले यह पहली गिरफ़्तारी है लेकिन साल 2019 के मई महीने में उन्हें ऑस्ट्रेलिया में भी गिरफ़्तार किया गया था.

ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने आनंद गिरि को महिलाओं से अभद्रता के आरोप में गिरफ़्तार किया था. आनंद गिरि पर आरोप था कि उन्हें दो महिलाओं ने पूजा के लिए बुलाया था और उसी दौरान उन्होंने हमला किया था.

आनंद गिरि को सिडनी में गिरफ़्तार किया गया था. समाचार एजेंसी पीटीआई की ख़बर के अनुसार, सिडनी पुलिस ने कहा था कि आनंद गिरि ने दो अलग-अलग मौक़ों पर महिलाओं के साथ अभद्रता की थी.

आनंद की गिरि की गिफ़्तारी की पूरी जानकारी स्पेशल ब्रॉडकास्ट सर्विस यानी एसबीएस ने भी प्रकाशित की थी. छह हफ़्ते की आध्यात्मिक यात्रा के बाद आनंद गिरि ऑस्ट्रेलिया से निकलने वाले थे, तभी उन्हें पुलिस ने गिरफ़्तार किया था.

तब ऑस्ट्रेलिया में न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने बताया था कि आनंद गिरि रूटी हिल में एक घर में 2016 में नए साल पर हिन्दू पूजा में शामिल हुए थे और वहीं उनकी 29 साल की एक महिला से मुलाक़ात हुई थी.

आरोप है कि उसी दौरान उन्होंने एक बेडरूम में महिला पर हमला किया था. पुलिस ने अपने बयान में बताया था कि आनंद गिरि ने बेडरूम में महिला के साथ अभद्रता की थी.

नरेंद्र गिरि

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इसके अलावा, एक आरोप 2018 का है. यह मामला भी रूटी हिल का ही है. यहाँ भी आनंद गिरि पूजा में शामिल होने आए थे और 34 साल की एक महिला के साथ अभद्रता का आरोप है.

पुलिस ने बताया था कि इस मामले की जाँच का आदेश दिया गया था. आनंद गिरि को ज़मानत नहीं दी गई थी क्योंकि और महिलाओं के साथ अनुचित व्यवहार का ख़तरा था. उन्हें पुलिस हिरासत में रखा गया था.

26 जून को आनंद गिरि को एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया था. पुलिस ने बताया था कि दोनों शिकायतकर्ता 'योगी' की परिचित थीं. तब आनंद गिरि भारत समेत कई देशों में आध्यात्मिक और योग क्लास लेते थे. उस वक़्त आनंद गिरि योग तंत्र में पीएचडी कर रहे थे.

आनंद गिरि

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2019 में ही 11 सितंबर को अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने ऑस्ट्रेलिया में आनंद गिरि को ज़मानत मिलने की पुष्टि की थी. नरेंद्र गिरि ने कहा था कि आनंद पर आरोप बेबुनियाद थे.

नरेंद्र गिरी ने कहा था कि सिडनी पुलिस ने अपनी जाँच के बाद अदालत को बताया था कि आनंद गिरि के ख़िलाफ़ आरोप झूठे थे. उन्होंने कहा था कि पुलिस की जाँच के बाद कोर्ट ने आनंद गिरि को रिहा कर दिया था और उनके ज़ब्त किए गए पासपोर्ट को वापस कर दिया था.

हालांकि कोर्ट ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया नहीं छोड़ने का आदेश दिया था. आनंद गिरि 2019 के मई महीने में ऑस्ट्रेलिया गए थे तभी पुलिस ने गिरफ़्तार किया था.

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