पीएम मोदी का ऐलान, 18-44 साल वालों को भी मिलेगी मुफ़्त वैक्सीन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया है कि अब राज्यों के लिए भी केंद्र सरकार ही टीके ख़रीदेगी, जिसके बाद 21 जून से पूरे देश में अब कहीं भी 18 से 44 साल के लोगों को मुफ़्त वैक्सीन मिल सकेगी.

उन्होंने 80 करोड़ ग़रीब परिवारों को दिवाली तक मुफ़्त अनाज दिए जाने की घोषणा भी की है. अपनी बात शुरू करते हुए उन्होंने कहा, "बीते सौ वर्षों में आई ये सबसे बड़ी महामारी है, त्रासदी है. इस तरह की महामारी आधुनिक विश्व ने न देखी थी, न अनुभव की थी."

प्रधानमंत्री ने कहा, "इतनी बड़ी वैश्विक महामारी से हमारा देश कई मोर्चों पर एक साथ लड़ा है. सेकेंड वेव के दौरान अप्रैल और मई के महीने में भारत में मेडिकल ऑक्सीजन की डिमांड अकल्पनीय रूप से बढ़ गई थी."

"भारत के इतिहास में कभी भी इतनी मात्रा में मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत महसूस नहीं की गई. इस जरूरत को पूरा करने के लिए युद्धस्तर पर काम किया गया, सरकार के सभी तंत्र लगे."

"आप पिछले 50-60 साल का इतिहास देखेंगे तो पता चलेगा कि भारत को विदेशों से वैक्सीन प्राप्त करने में दशकों लग जाते थे. विदेशों में वैक्सीन का काम पूरा हो जाता था तब भी हमारे देश में वैक्सीनेशन का काम शुरू नहीं हो पाता था."

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"आज पूरे विश्व में वैक्सीन के लिए जो मांग है, उसकी तुलना में उत्पादन करने वाले देश और वैक्सीन बनाने वाली कंपनियां बहुत कम हैं. कल्पना करिए कि अभी हमारे पास भारत में बनी वैक्सीन नहीं होती तो आज भारत जैसे विशाल देश में क्या होता?"

"हर आशंका को दरकिनार करके भारत ने एक साल के भीतर ही एक नहीं बल्कि दो मेड इन इंडिया वैक्सीन्स लॉन्च कर दी. हमारे देश ने, वैज्ञानिकों ने ये दिखा दिया कि भारत बड़े-बड़े देशों से पीछे नही है. आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं तो देश में 23 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन की डोज़ दी जा चुकी है."

"पिछले काफी समय से देश लगातार जो प्रयास और परिश्रम कर रहा है, उससे आने वाले दिनों में वैक्सीन की सप्लाई और भी ज्यादा बढ़ने वाली है. आज देश में 7 कंपनियाँ, विभिन्न प्रकार की वैक्सीन्स का प्रॉडक्शन कर रही हैं. तीन और वैक्सीन्स का ट्रायल भी एडवांस स्टेज में चल रहा है."

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राज्य सरकारों से मतभेद और रस्साकशी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना महामारी के दौरान प्रबन्धन, लॉकडाउन और वैक्सीन को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों की मतभिन्नता के बारे में भी अपनी राय रखी.

उन्होंने कहा, "महामारी के दौरान कई सवाल पूछे गए. जैसे- राज्य सरकारों को लॉकडाउन की छूट क्यों नहीं मिल रही? वन साइज़ डज नॉट फिट ऑल जैसी बातें भी कही गईं.''

''देश में कम होते कोरोना के मामलों के बीच, केंद्र सरकार के सामने अलग-अलग सुझाव भी आने लगे, भिन्न-भिन्न मांगे होने लगीं. पूछा जाने लगा कि सब कुछ भारत सरकार ही क्यों तय कर रही है? राज्य सरकारों को छूट क्यों नहीं दी जा रही?"

"दूसरी तरफ किसी ने कहा कि उम्र की सीमा आखिर केंद्र सरकार ही क्यों तय करे? कुछ आवाजें तो ऐसी भी उठीं कि बुजुर्गों का वैक्सीनेशन पहले क्यों हो रहा है? भांति-भांति के दबाव भी बनाए गए, देश के मीडिया के एक वर्ग ने इसे कैंपेन के रूप में भी चलाया."

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"इस बीच, कई राज्य सरकारों ने फिर कहा कि वैक्सीन का काम डी-सेंट्रलाइज किया जाए और राज्यों पर छोड़ दिया जाए. तरह-तरह के स्वर उठे. जैसे कि वैक्सीनेशन के लिए आयु वर्ग क्यों बनाए गए?"

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन सभी मतभेदों के बाद फिर कई राज्यों को लगा कि टीकाकरण जैसे कार्यक्रम को लेकर पहले वाली व्यवस्था ही सही थी.

उन्होंने कहा, "इस साल 16 जनवरी से शुरू होकर अप्रैल महीने के अंत तक, भारत का वैक्सीनेशन कार्यक्रम मुख्यत: केंद्र सरकार की देखरेख में ही चला. सभी को मुफ्त वैक्सीन लगाने के मार्ग पर देश आगे बढ़ रहा था. देश के नागरिक भी, अनुशासन का पालन करते हुए, अपनी बारी आने पर वैक्सीन लगवा रहे थे."

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दिवाली तक 80 करोड़ ग़रीब परिवारों को मुफ़्त अनाज

अपने सम्बोधन के आख़िरी हिस्से में प्रधानमंत्री ने दो अहम ऐलान किए. पहला ऐलान मुफ़्त वैक्सीन से जुड़ा था और दूसरा ऐलान ग़रीबों को मिलने वाले मुफ़्त राशन से.

पीएम मोदी ने कहा, "अब 21 जून से केंद्र सरकार 18 साल से ज़्यादा उम्र वाले सभी भारतीय नागरिकों को मुफ़्त वैक्सीन उपलब्ध कराएगी. राज्यों के पास 25 फ़ीसदी टीकाकरण का जो काम था, वह भी अब केंद्र सरकार करेगी."

उन्होंने कहा, ''अभी देश में बन रही वैक्सीन में से 25 फ़ीसदी डोज़ प्राइवेट हॉस्पिटल सीधे खरीद सकते हैं. यह व्यवस्था आगे भी जारी रहेगी. ऐसे अस्पताल वैक्सीन की तय कीमत के ऊपर एक डोज़ पर अधिकतम 150 रुपये ही सर्विस चार्ज ले सकेंगे. इसकी निगरानी करने का काम राज्य सरकारों के पास ही रहेगा.''

वैक्सीन से जुड़ी जानकारी के अलावा पीएम मोदी ने 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' को दिवाली तक बढ़ाए जाने का ऐलान भी किया.

इस योजना के तहत देश के 80 करोड़ ग़रीब परिवारों को दिवाली तक हर महीने मुफ़्त अनाज मिलता रहेगा.

'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' के अंतर्गत गरीब राशन कार्ड धारकों को पाँच किलो अतिरिक्त गेहूँ और चावल मुफ़्त में दिया जाएगा.

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