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अमेरिकी रिपोर्ट में दावा, भारत-पाकिस्तान के बीच और बढ़ेगा तनाव - प्रेस रिव्यू
हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ अमेरिका की इंटेलिजेंस कम्यूनिटी ने अपनी सालाना रिपोर्ट में कहा है कि सेनाओं के पीछे हटने के बावजूद भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव बना हुआ है.
मंगलवार को जारी इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की संभावना तो कम है लेकिन दोनों देशों के बीच संकट और गहरा होगा, जिससे दोनों तरफ़ तनाव बढ़ता जाएगा.
साथ ही रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत के किसी भी उकसावे पर सैन्य कार्रवाई करने की संभावना पहले के मुक़ाबले अधिक है. और कश्मीर में हिंसा या कोई बड़ा चरमपंथी हमला दोनों देशों के बीच टकराव की वजह बन सकता है.
नेशनल इंटेलिजेंस के डायरेक्टर के कार्यालय द्वारा जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत-चीन सीमा पर दोनों देशों की सेनाओं के पीछे हटने के बावजूद तनाव बरकरार है.
अख़बार के अनुसार रिपोर्ट में कहा गया है, "मई 2020 में चीन के विवादित सीमाक्षेत्र पर क़ब्ज़ा करना बीते कई दशकों में सबसे आक्रामक कार्रवाई है जिसके नतीजे में दोनों देशों के बीच 1975 के बाद से सीमा पर सबसे भीषण झड़प हुई है."
अख़बार के अनुसार अमेरिका भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव पर नज़दीकी नज़र रख रहा है और उससे इससे पहले चीन की आक्रामक कार्रवाई की निंदा भी की है.
ज्ञानवापी मस्जिद विवादः हाई कोर्ट पहुंची मस्जिद समिति
द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ उत्तर प्रदेश के वाराणासी में ज्ञानवापी मस्जिद का प्रबंधन करने वाली समिति और उत्तर प्रदेश सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड ने स्थानीय अदालत के मस्जिद का पुरातत्व सर्वेक्षण कराने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ हाई कोर्ट में अपील दायर की है.
याचिका में वाराणासी की अदालत में चल रहे संपत्ति विवाद को रद्द करने की अपील की गई है. वाराणासी में फास्ट ट्रैक कोर्ट के वरिष्ठ जज आशुतोष तिवारी की अदालत ने 8 अप्रैल को मस्जिद परिसर का सर्वे कराने के लिए समिति गठित करने का आदेश दिया था.
हाई कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि सिविल जज ने एकतरफ़ा सुनवाई करते हुए न्याय के सिद्धांत के ख़िलाफ़ जाकर फ़ैसला दिया है. मस्जिद समिति का तर्क है कि 1991 में आए धर्मस्थल क़ानून के तहत 1947 के बाद धार्मिक स्थलों की यथास्थिति बरकार रहेगी.
वाराणासी की ज्ञानवापी मस्जिद 17वीं शताब्दी में मुगल बादशाह औरंगज़ेब के आदेश पर बनवाई गई थी. कहा जाता है कि औरंगज़ेब ने ये मस्जिद, एक हिंदू मंदिर को तोड़कर बनवाई थी.
हिंदू संगठन इस स्थान को फिर से मंदिर बनाने के लिए आंदोलन भी चला रहे हैं. हिंदू संगठनों का तर्क है कि जहां मस्जिद है वहां प्राचीन हिंदू मंदिर था जिसे फिर से स्थापित किया जाए.
एनआईए का शक़, फ़र्ज़ी एनकाउंटर करना चाहते थे वाझे
मुंबई में मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटकों से भरी गाड़ी मिलने के मामले की जांच कर रही एनआईए को शक़ है कि गिरफ़्तार पुलिस अधिकारी सचिन वाझे फ़र्ज़ी एनकाउंटर करने की साज़िश रच रहे थे.
द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ एनआईए को तलाश के दौरान वाझे के घर से एक पासपोर्ट मिला है. शक़ है कि वाझे इस कार से विस्फोटक मिलने के मामले में उसका एनकाउंटर करना चाहते थे.
एनआईए को शक़ है कि वाझे की योजना थी कि वो पासपोर्ट वाले व्यक्ति और उसके सहयोगी पर गाड़ी की ज़िम्मेदारी डाल दे और उनका एनकाउंटर करके हीरो बन जाए.
वाझे फिलहाल एनआईए की हिरासत में हैं. उन्हें एंटीलिया के बाहर मिली स्कार्पियो के मालिक हिरेन पंड्या की हत्या के लिए भी ज़िम्मेदार माना जा रहा है.
महाराष्ट्र में 61 प्रतिशत संक्रमितों में मिला डबल म्यूटेंट वायरस
द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ महाराष्ट्र में 61 प्रतिशत संक्रमितों में डबल म्यूटेंट वायरस मिला है. द नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ वायरेलॉजी के एक शोध के मुताबिक महाराष्ट्र में जनवरी से मार्च के बीच लिए गए 361 संक्रमितों के सैंपल में से 61 फ़ीसदी में डबल म्यूटेंट वायरस मिला है. वायरेलॉजी इंस्टीट्यूड में इन सैंपल का जीनोम सिक्वेंस निकाला गया था.
24 मार्च को केंद्र सरकार ने बताया था कि महाराष्ट्रम में 15-20 फ़ीसदी संक्रमितों में डबल म्यूटेंट वायरस है. हालांकि सरकार ने वायरस के इस रूप को संक्रमण की दूसरी लहर के साथ नहीं जोड़ा था.
महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि उसने केंद्र सरकार से महाराष्ट्र के सभी सैंपलों के जीनोम सीक्ववेंस की रिपोर्ट मांगी हैं.
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