गुजरात निकाय चुनाव में बीजेपी की शानदार जीत, 'आप' का उदय

गुजरात के शहरी निकाय चुनाव में भी कांग्रेस के लिए बुरी ख़बर है. अहमदाबाद स्थित कांग्रेस कार्यालय में सन्नाटा पसरा हुआ है. बीजेपी को शानदार जीत मिली है. डेढ़ साल बाद गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं और कांग्रेस के लिए यह चिंतित करने वाला नतीजा है.

हालांकि, अब तक चुनावों के नतीजे पूरी तरह घोषित नहीं हुए हैं. लेकिन अहमदाबाद से लेकर भावनगर, जामनगर और राजकोट में बीजेपी ने बेहतरीन प्रदर्शन किए हैं.

बीजेपी ने अब तक कुल 157 सीटों पर अपनी जीत दर्ज कर ली है. वहीं, कांग्रेस ने मात्र 21 सीटों पर जीत दर्ज की है.

गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने भाजपा कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए ट्विटर पर लिखा, "6 स्थानीय निगमों के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की शानदार जीत के लिए सभी विजयी उम्मीदवारों, सभी भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और गुजरात के सभी मतदाताओं को बहुत-बहुत धन्यवाद और बधाई."

बीजेपी की इस जीत के साथ कांग्रेस की हार का फ़ायदा आम आदमी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को मिलता दिख रहा है. बहुजन समाज पार्टी ने तीन और आम आदमी पार्टी ने आठ सीटों पर जीत दर्ज की है.

आम आदमी पार्टी ने सूरत में आठ सीटों पर जीत दर्ज की है और कई वॉर्ड में आगे चल रही है.

महानगरपालिकाओं में बीजेपी की जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर गुजरात के लोगों को धन्यवाद कहा है. प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा है, ''धन्यवाद गुजरात! राज्य भर में म्युनिसिपल चुनावों के परिणाम साफ़ दिखाते हैं कि लोगों ने विकास और सुशासन की राजनीति पर अपना भरोसा जताया है. भाजपा पर एक बार फिर विश्वास जताने के लिए राज्य के लोगों का आभारी हूँ. गुजरात के लोगों की सेवा करना हमेशा से सम्मान की बात रही है.''

प्रधानमंत्री ने अगले ट्वीट में लिखा है, ''गुजरात के कोने-कोने में मिली यह जीत बहुत ही ख़ास है. दो दशकों से ज़्यादा समय तक सत्ता में रहने वाली पार्टी के लिए इस प्रकार की शानदार जीत हासिल करना बेहद उल्लेखनीय है. समाज के सभी वर्गों, ख़ासकर गुजरात के युवाओं का भाजपा को लगातार समर्थन अभिभूत करने वाला है.''

गुजरात की राजनीति में आम आदमी पार्टी के उदय पर स्थानीय पत्रकार धर्मेश अमीन कहते हैं, “सूरत में आम आदमी पार्टी को कांग्रेस का बहुत बड़ा वोट शेयर मिला है. लेकिन ऐसा नहीं है कि इससे सिर्फ़ कांग्रेस को नुक़सान हुआ है. बल्कि इससे बीजेपी को भी नुकसान पहुंचा है.”

आम आदमी पार्टी ने जिस इलाक़े में जीत दर्ज की है, उसे बीजेपी का गढ़ माना जाता है. आम आदमी पार्टी की ओर से इस जीत पर ट्वीट भी कुछ इसी अंदाज़ में किया गया है.

आम आदमी पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा है कि ‘आप’ ने बीजेपी के क़िले में सेंध लगा दी है.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्विटर पर लिखा, "नई राजनीति की शुरुआत करने के लिए गुजरात के लोगों को दिल से बधाई."

शानदार सफलता

बीजेपी ने मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की सीट राजकोट नगरपालिका में 72 में से बीस सीटों पर जीत दर्ज की है. लेकिन कांग्रेस एक सीट भी जीतने में सफल नहीं हुई है.

अहमदाबाद में बीजेपी ने 32 सीटें जीतीं हैं और कांग्रेस ने चार सीटें जीती हैं. जामनगर में बीजेपी ने 64 में से 26 और कांग्रेस ने कुल पाँच सीटें जीती हैं. बीएसपी ने इस क्षेत्र में तीन सीटें जीती हैं.

भावनगर में बीजेपी ने 15 सीटें जीती हैं और कांग्रेस ने 5 सीटों पर जीत हासिल की है.

बीबीसी संवाददाता रॉक्सी गागडेकर छारा से बात करते हुए एक बीजेपी नेता ने कहा है, “बीजेपी कार्यकर्ता कोरोना वायरस महामारी के दौरान लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे और उन्होंने जो काम किया है, वह जीत के रूप में सामने आया है.”

गुजरात कांग्रेस के नेता अर्जुन मोढवाडिया ने नतीजों को छह नगर निगमों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए निराशाजनक बताया है. मोढवाडिया ने ट्विटर पर लिखा, "गुजरात के छह नगरपालिका चुनावों के नतीजे निराशाजनक हैं. हम जनादेश को स्वीकार करते हैं. हर अंधेरी रात के बाद सुबह ज़रूर आती है."

औवेसी के हाथ लगी निराशा

असदउद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने अहमदाबाद नगर निगम से 21, भरूच नगरपालिका से 20, गोधरा से 22 और मोडासा नगरपालिका से लगभग 18 उम्मीदवार उतारे थे.

एआईएमआईएम ने मुसलमानों के अलावा दलित उम्मीदवारों को भी मैदान में उतारा था, लेकिन अभी तक पार्टी के किसी भी उम्मीदवार के जीतने की ख़बर नहीं है.

कांग्रेस – बीजेपी कार्यकर्ता में झड़प

चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद अहमदाबाद में बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प होने की ख़बरें सामने आ रही हैं.

बीबीसी संवाददाता कल्पित के मुताबिक़, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुजरात कॉलेज में पुलिस सिक्योरिटी प्वॉइंट को नुकसान पहुंचाया है.

यहां ये बात ध्यान देने वाली है कि मतगणना स्थल पर तैनात पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं को मोबाइल फ़ोन के साथ मतगणना स्थल तक जाने दिया और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मतगणना स्थल तक जाने नहीं दिया.

पुलिस पर भेदभाव के आरोप के बाद ही कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई.

28 फ़रवरी को गुजरात में ज़िला और तालुका पंचायत के चुनाव भी होने वाले हैं. महानगरपालिका चुनावों के नतीजों का असर ज़िला और तालुका पंचायत के चुनाव पर पड़ सकता है.

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