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72वां रिपब्लिक डे परेड: बीते सालों से अलग होगा इस बार का गणतंत्र दिवस
कोरोना महामारी के कारण इस बार का गणतंत्र दिवस परेड बीते सालों की अपेक्षा अलग होनेवाला है. इस साल ऐसी कई बातें होंगी जो परेड में पहली बार होंगी.
कोविड-19 महामारी की वजह से इस साल के गणतंत्र दिवस के समारोह में कई बदलाव किए गए हैं.
वो सात चीज़ें जो इस बार बीतें सालों से अलग होंगी-
- पहली बार बांग्लादेश की सेना का एक दस्ता भारत के गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हो रहा है. यह दस्ता मार्च करता हुआ और बैंड बजाता हुआ परेड में निकलेगा. बांग्लादेश के इस दस्ते में 122 सदस्य होंगे. इससे पहले 2016 में फ्रांस और 2017 में यूएई के सैन्य दस्ते रिपब्लिक डे परेड में हिस्सा ले चुके हैं. ये ऐसे पहले दो देश थे जिनके सैन्य दस्ते इस परेड में सबसे पहली बार शामिल हुए थे.
- इसके अलावा, पिछले साल सितंबर में भारतीय वायुसेना में शामिल हुए रफ़ाल लड़ाकू जहाज़ भी पहली बार परेड में हिस्सा लेंगे. ये जहाज़ फ्रांस से खरीदे गए हैं और फ्रांस को दिए 36 रफ़ाल फाइटर जेट्स के ऑर्डर में से भारत को अब तक 11 जहाज़ मिल चुके हैं.
- परेड में पहली बार कई महिला फाइटर पायलट भी हिस्सा ले रही हैं. फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कांत भारत की पहली फाइटर पायलटों में से एक हैं और वे वायुसेना की झांकी में शामिल होंगी. इसमें लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए), लाइट कॉम्बैट हैलीकॉप्टर (एलसीएच) और सुखोई-30 फाइटर्स दिखाए जाएंगे.
- पहली बार परेड में केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख़ की झांकी शामिल होगी. साल 2019 में जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों में बांटकर दो केंद्र शासित प्रदेश बना दिए गए थे. लद्दाख़ की झांकी में थिक्से मठ के अलावा भारतीय खगोलीय वेधशाला को भी दिखाया जाएगा.
- उत्तर प्रदेश की झांकी में राम मंदिर का प्रतिरूप दिखाया जाएगा. अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है. नवंबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला आने के बाद इस मसले पर दशकों से चला आ रहा विवाद ख़त्म हो गया था और राम मंदिर बनाने का रास्ता साफ हो गया था.
- इस बार दर्शकों की संख्या घटाकर 25,000 कर दी गई है, जो कि पिछले साल 1.5 लाख थी. मीडियाकर्मियों की संख्या भी 300 से घटाकर 200 कर दी गई है.
- गुजरे वर्षों से उलट इस बार परेड पहली बार नेशनल स्टेडियम तक की जाएगी. केवल झांकियां लाल किले तक जाएंगी.
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