कृषि विधेयकों का विरोधः अब एनडीए से भी अलग हुआ शिरोमणि अकाली दल

केंद्र सरकार के कृषि विधेयकों का विरोध कर रही शिरोमणि अकाली दल ने अब एनडीए से अलग होने का ऐलान किया है.

9 दिन पहले केंद्र सरकार में मंत्री हरसिमरत कौर ने भी पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

अकाली दल भाजपा की पुरानी सहयोगी पार्टी रही है और लंबे समय से एनडीए का हिस्सा थी.

आज शिरोमणि अकाली दल की कोर समिति की बैठक में सर्वसम्मति से एनडीए से अलग होने का फ़ैसला लिया गया है.

शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर बादल ने एक ट्वीट में बताया है कि पार्टी एक अक्तूबर को पंजाब में बड़ा किसान मार्च करेगी और राष्ट्रपति के नाम राज्यपाल को ज्ञापन सौपेंगी.

सुखबीर बादल ने एसएडी के एनडीए से अलग होने की जानकारी देते हुए कहा कि ये फ़ैसला पार्टी कोर समिति ने सर्वसम्मति से लिया है.

बादल ने कहा, 'जब ये अध्यादेश कैबिनेट में लाए गए थे, तब भी हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय मंत्री के रूप में कई बार किसानों की भावनाओं के अनुसार बिलों को बदलने के लिए कहा था, लेकिन हमारी बात नहीं मानी गई.'

वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री और कांग्रेस पार्टी के नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि बादल परिवार के पास एनडीए से अलग होने के अलावा और कोई विकल्प नहीं रह गया था.

उन्होंने कहा, 'अकाली दल के एनडीए से अलग होने में कोई नैतिकता नहीं है. बीजेपी नेताओं के उन पर कृषि अध्यादेशों को लेकर किसानों को समझाने में नाकाम रहने के आरोप लगाने के बाद उनके पास एनडीए को छोड़ने के अलावा और कोई विकल्प रह भी नहीं गया था.'

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