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कंगना पर बोले राउत: हम सुनेंगे लेकिन बोलेंगे कुछ नहीं, हर बात नोट करेंगे
"महाराष्ट्र में केवल कोविड की ही लड़ाई है. बाकी लड़ाई जो लोग हम पर थोप रहे हैं वो सिर्फ राजनीति है. वो हमको ढकेल रहे हैं लड़ाई में. हम नहीं चाहते कि बाक़ी कोई और लड़ाई हो. पूरे देश की बात करूं तो हम सबको कोविड से ही लड़ना है. अभी भी कोविड का संकट है, ये महामारी ख़त्म नहीं हुई है."
ये कहना है कि शिवसेना नेता और सामना के संपादक संजय राउत का.
वे कहते हैं, "यह देश का दुर्भाग्य है कि कुछ राजनीतिक दल छोटी-छोटी बातों की राजनीति करते हैं, अपने स्वार्थ के लिए सत्ता के लिए और महाराष्ट्र में भी यही चल रहा है. महाराष्ट्र में अगर शिवसेना ने सरकार बनाई है, किसी को उसकी वेदना हो सकती है. राजनीति में यह पहली बार नहीं हुआ है. सरकारें आती हैं और चली जाती हैं. देश और राज्य की जनता हमेशा रहती है और हमें उनके लिए काम करना है."
राउत कहते हैं कि जिस प्रकार का वातावरण महाराष्ट्र में कुछ लोगों ने बनाया है यह माहौल समाज के लिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए ठीक नहीं है.
मर्चेंट नेवी के अधिकारी पर हुए हमले पर क्या कहा?
मर्चेंट नेवी के अधिकारी पर हमले के बारे में संजय राउत ने कहा, "अगर किसी शहर में या राज्य में कोई नागरिक रहता है, तो उस नागरिक का कर्तव्य है कि वो राज्य का प्रमुख है और वो एक संवैधानिक पद पर बैठा है, उसके बारे में आदर से बात करे. अगर आप बदनामी करते हैं, कीचड़ उछालते हैं जिससे लोगों के मन में गुस्सा पैदा होता है तो आप सरकार को क्यों दोष देते हैं इसमें सरकार का संबंध है. किसी ने हमला किया है तो हमसे पूछ कर तो नहीं किया है न. ये किसी के साथ भी हो सकता है. कभी हमारे साथ भी हो सकता है."
इस हमले के संबंध में वे कहते हैं, "इतना बड़ा महाराष्ट्र है. कुछ भी होता है तो इसका सीधा संबंध सरकार से आप जोड़ते हैं. उत्तर प्रदेश में कितने पूर्व सैनिक पर हमले हुए. कैप्टन की तो हत्या हो गई, घर में घुस कर मारा गया. तब क्या किया गया. हम सेना का आदर करते हैं."
साथ ही वे कहते हैं, "उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के प्रमुख नेता है और उनका राज्य में आदर है. मैं मानता हूं कि राज्य या देश के किसी ऐसे निरपराध व्यक्ति पर इस तरह से हमला नहीं होना चाहिए. मेरी संवेदना है उस व्यक्ति के साथ जिन पर हमला हुआ है. महाराष्ट्र में तुरंत उन लोगों को पकड़ा गया है जिन्होंने उन पर हमला किया है. हमने तुरंत क़ानूनी कार्रवाई की है. यह देखा नहीं कि हमला करने वाले लोग किस दल से जुड़े हैं. लेकिन आपके पीछे कौन है. कौन सी राजनीतिक दल है ये सबको पता है."
कंगना पर क्या बोले राउत?
कंगना पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि हम सुनेंगे लेकिन बोलेंगे नहीं लेकिन हर बात को नोट करेंगे क्योंकि इतिहास के पन्ने बदलते रहते हैं, इतिहास बदला नहीं जाता.
वे कहते हैं, "कौन सी पार्टी महाराष्ट्र के बारे में क्या सोचती है ये हम देख रहे हैं. आपकी सत्ता चली गई इसलिए आप ये सब तमाशा कर रहे हैं. आप एक राज्य की संस्कृति को बर्बाद कर रहे हैं. आपको संयम रखना चाहिए. राजनीति में ऐसे उतार चढ़ाव आते रहते हैं. प्रजातंत्र में बहुमत बहुत चंचल चीज़ होती है. अगर आपको ये समझ में नहीं आती है तो आपको राजनीति करने का अधिकार नहीं है."
कंगना ने मुंबई में असुरक्षा की बात क्यों उठाई. इस पर संजय राउत ने कहा कि आप लोगों ने ऐसे सवाल उठा कर माहौल ख़राब कर रहे हैं.
शिवसेना ने धमकी दी इस पर राउत बोले कि आप एक राज्य की पुलिस को माफिया बोलते हैं और उसी पुलिस के संरक्षण में घूम रहे हैं.
वे कहते हैं, "मुंबई में दो करोड़ लोग रहते हैं सभी सुरक्षित हैं और सबकी सुरक्षा का जिम्मा महाराष्ट्र सरकार का है, गृह मंत्रालय का है और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का है. जब हम सत्ता में नहीं थे तब भी वहां के लोगों का संरक्षण हमने ही किया है, इतिहास गवाह है."
सोमवार से संसद का सत्र शुरू हो रहा ,है क्या शिवसेना कंगना के मुद्दे को उठाएगी? इस पर राउत कहते हैं कि उनकी पार्टी चीन, सीमा, अरुणाचल प्रदेश, कोरोना संकट, बेरोज़गारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे उठाएगी.
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