टिकटॉक के ये सितारे अब कहां दिखाएंगे अपना टैलेंट

    • Author, कमलेश
    • पदनाम, बीबीसी संवाददता

वीडियो के लिए आइडिया सोचना, उसे शूट करना और फिर टिकटॉक पर डालकर लोगों की प्रतिक्रिया का उत्सुकता से इंतज़ार करना.

टिकटॉक स्टार सनातन महतो और उनकी बहन सावित्री कुमारी के लिए ये उनकी दिनचर्या का अहम हिस्सा था.

लेकिन, फ़िलहाल सबकुछ थम-सा गया है. टिकटॉक पर ना तो वीडियो हैं और ना लोगों के लाइक्स और कमेंट.

सनातन महतो और उनकी बहन का टिकटॉक पर डांसर सनातन नाम से अकाउंट है.

धनबाद ज़िले में बलियापुर के रहने वाले दोनों भाई-बहन काफी लोकप्रिय हैं और उनके टिकटॉक पर 27 लाख फोलोअर हैं.

वो अब दूसरे प्लेटफॉर्म पर आगे बढ़ने की सोच रहे हैं. हालांकि, अचानक हुए बदलाव के बाद संभलने में वक़्त लगना स्वाभाविक है.

चीन और भारत के बीच सीमा पर तनाव के बीच सोमवार को भारत सरकार ने चीन के 59 ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है.

हालांकि, भारत ने ऐप्स को सुरक्षा के लिहाज से ख़तरा बताया है. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है, ''एंड्रॉयड और आईओएस पर ये ऐप्स लोगों के निजी डेटा में सेंध लगा रहे थे. इन ऐप्स पर पाबंदी से भारत के मोबाइल और इंटरनेट उपभोक्ता सुरक्षित होंगे. यह भारत की सुरक्षा, अखंडता और संप्रभुता के लिए ज़रूरी है.''

अब टिकटॉक ऐप प्ले स्टोर पर नहीं दिख रहा है और पहले से डाउनलोड हो चुके ऐप खुलने बंद हो गये हैं.

कई टिकटॉक यूजर्स हैं जिन्होंने टिकटॉक के ज़रिए ना सिर्फ़ पहचान बनाई बल्कि ये उनके लिए कमाई का एक ज़रिए भी बन गया है. शहर से लेकर ग्रामीण इलाक़ों तक टिकटॉक स्टार्स मौजूद हैं. फिलहाल उनके लिए ये एक बड़ा बदलाव है.

टिकटॉक यूजर्स ने दिया समर्थन

हालांकि, फिर भी टिकटॉक यूजर्स सरकार के इस फैसले में साथ खड़े होने की बात कर रहे हैं. भारतीय जवानों को समर्थन दे रहे हैं और साथ ही इसका विकल्प भी तलाश रहे हैं.

जैसा कि सनातन महतो और सावित्री कुमारी ने बताया कि वो सरकार के इस फ़ैसले के साथ हैं और अब दूसरे प्लेटफॉर्म पर आगे बढ़ने के बारे में सोच रहे हैं.

महतो ने कहा, “सरकार ने हमारी निजी जानकारियों की सुरक्षा को लेकर फ़ैसला लिया है. साथ ही अभी भारत और चीन में तनाव भी है. सरकार हम लोगों के भले के लिए ही कर रही है. इसलिए हम लोग सरकार के साथ हैं.”

अब आगे आप क्या करेंगे. क्या ऐप रखेंगे या डिलीट कर देंगे. इसके जवाब में महतो कहते हैं कि फ़िलहाल टिकटॉक को लेकर कुछ सोचा नहीं है.

उन्होंने ये भी बताया, “हम लोग सोच रहे हैं कि किसी देसी ऐप का ही इस्तेमाल करेंगे. हमें अपने यूट्यूब चैनल पर भी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. इसलिए जितना हो सके हम यूट्यूब चैनल और अपने इंस्टाग्राम को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे.”

वहीं, टिकटॉक से कमाई को लेकर सावित्री कुमारी कहती हैं, “टिकटॉक में हमारी कोई कमाई नहीं हो रही थी लेकिन, इससे हमारी पहचान बनी है. ये भी सच है कि इसमें हमें टिकटॉक से ही मदद मिली है लेकिन फिर भी हम सरकार के हर फै़सले के साथ हैं.”

इसी तरह टिकटॉक स्टार अर्पित रांका का कहना है, “सरकार ने 49 ऐप को बैन कर दिया है और टिकटॉक भी उसमें शामिल है. हमको सरकार के इस कदम में साथ रहना चाहिए क्योंकि सबसे पहले हमारे लिए देश है और उससे बढ़कर कुछ भी नहीं है.”

टिकटॉक स्टार नीता शिलिमकर भी भारत सरकार के फैसले को अपना समर्थन देती हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने हमारे अच्छे के लिए ही ये कदम उठाया होगा. टिकटॉक यूज़र रिया किशनचंदानी भी टिकटॉक बैन करने के फैसले के साथ हैं.

टिकटॉक छोड़ देंगी सोनाली फोगाट

बीजेपी नेता और टिकटॉक स्टार सोनाली फोगाट कहती हैं कि सरकार के फैसले के समर्थन में वो टिकटॉक छोड़ देंगी.

सोनाली फोगाट टिकटॉक से काफ़ी लोकप्रिय हुई थीं और उनके लाखों फोलोआर्स भी हैं. बाद में वो राजनीति में आ गईं और बीजेपी में शामिल हो गईं.

उन्होंने बीबीसी से कहा, “हमारे यहां सामान बेचकर कहीं ना कहीं चीन की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है. जब वो हमारी सीमा पर हमला कर रहा है तो उसे मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमें उसके सामान और ऐप्स का बहिष्कार करना चाहिए. मैं चाइनीज़ ऐप छोड़ दूंगी और ये फैसला मैंने पहले ही ले लिया था.”

दूसरे प्लेटफॉर्म का विकल्प

आंकड़ों के मुताबिक़ भारत में टिकटॉक (म्यूजिकली के साथ) के तक़रीबन 30 करोड़, लाइकी के तकरीबन 18 करोड़, हेलो के 13 करोड़, शेयर-इट, यूसी ब्राउजर के 12 करोड़ के आसपास यूजर्स हैं. ये आंकड़े 2019 के हैं.

टिकटॉक पर लोग डांस, कॉमेडी, कुकिंग, फैशन, ब्यूटी टिप्स और एक्टिंग आदि से जुड़े कई तरह के वीडियो बनाकर डालते हैं. हालांकि, कई लोगों ने दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी अब अपनी पहचान बना ली है.

टिकटॉक स्टार ऐजे के टिकटॉक पर 10 मिलियन फोलोवर्स हैं. हालांकि, फिर भी वो टिकटॉक बैन होने से दुखी नहीं हैं. वह कहते हैं, “सरकार जो करती है हमारी भलाई के लिए ही करती है. महामारी के समय पर चीन सीमा पर जाने क्या करना चाहता है. मैं यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर भी हूं और टिकटॉक वापस आए या ना आए कोई बात नहीं है.”

टिकटॉक पर लाखों फोलोअर्स वालीं मुस्कान शर्मा ने कहा है, “भारत में चीन के इतने सारे ऐप्स और प्रोडक्ट्स हैं. लोग इनका बहिष्कार करते हैं लेकिन उसक ज़्यादा असर नहीं हो पाता. इन सबको जड़ से ख़त्म करने की ज़रूरत है. ये करना हमारी सरकार के हाथ में था और ऐसा करके उन्होंने अच्छा फैसला लिया है.”

टिकटॉक स्टार पारुल चौधरी ने वीडियो ज़ारी करके सार्वजनिक तौर पर अपने फोन से टिकटॉक और हेलो ऐप डिलीट किया है.

उन्होंने कहा कि ये एक छोटी-सी पहल है पर अगर सभी देशवासी चाइनीज़ ऐप का इस्तेमाल छोड़ दें तो इससे बहुत बड़ा फर्क पड़ेगा. चीन हमसे पैसे कमाकर हमारे ख़िलाफ़ इस्तेमाल नहीं कर सकता. अगर हम पीपीई किट बना सकते हैं तो क्या हम अपना एक खुद का ऐप नहीं बना सकते.

भारत में टिकटॉक पर प्रतिबंध के साथ ही अब लोग भारतीय ऐप्स का भी रुख करने लगे हैं. सरकार के फ़ैसले के एक दिन बाद ही भारतीय शॉर्ट वीडियो ऐप्स चिंगारी और मित्रों को बड़े स्तर डाउनलोड किया जाने लगा है.

चिंगारी के सीईओ सुमित घोष ने मंगलवार को जानकारी दी कि उनका ऐप एक घंटे में एक लाख डाउनलोड हो गया.

उन्होंने लोगों को धैर्य बनाए रखने के लिए कहा क्योंकि इतने ज़्यादा डाउनलोड से उनका सर्वर क्रैश होने की स्थिति आ गई है. उन्होंने कहा कि वो लगातार काम कर रहे हैं.

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