'भारत-चीन सीमा विवाद सुलझाने के लिए दोनों देश सक्षम हैं' -प्रेस रिव्यू

चीन ने कहा है कि भारत के साथ सीमा विवाद सुलझाने के लिए किसी तीसरे पक्ष की दखलंदाज़ी की ज़रूरत नहीं है.

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक़ चीन के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि दोनों ही देश इस मुद्दे को सुलझाने में सक्षम हैं.

अख़बार का कहना है कि चीन की तरफ़ से ये बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बातचीत के एक दिन बाद आया है.

भारत ने मंगलवार को कहा था कि इस बातचीत में भारत-चीन के सीमा विवाद की ताज़ा स्थिति पर भी बात हुई थी.

अमरीका ने भारत को ग्रुप सेवन देशों की बैठक में हिस्सा लेने का न्योता दिया है. इससे पहले पिछले हफ़्ते राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और चीन के बीच जारी विवाद पर मध्यस्थता की पेशकश की थी.

सुप्रीम कोर्ट में आरबीआई ने क्या कहा

रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि कर्ज पर लगने वाले ब्याज में राहत दी गई तो बैंकों की वित्तीय क्षमता पर असर पड़ेगा.

अंग्रेज़ी अख़बार बिज़नेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक़ आरबीआई ने ये भी कहा कि अगर ऐसा किया गया तो बैंकों में पैसा जमा करने वाले लोगों के हितों को नुक़सान पहुंचेगा और वित्तीय क्षेत्र का भी भला नहीं होगा.

सुप्रीम कोर्ट में दायर एक हलफनामे में आरबीआई ने कहा कि कर्ज की किश्त चुकाने में दी गई राहत 31 अगस्त तक के लिए बढ़ा दी गई है. आरबीआई का कहना है कि ये राहत किश्त को टालने जैसा है न कि कोई छूट.

रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने हलफनामे में कहा, "कोविड-19 की वजह से कर्ज चुकाने में हो रही देरी के मद्देनज़र राहत देने के लिए रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया हर मुमकिन कदम उठा रहा है. आरबीआई की नज़र में ब्याज में राहत देने के लिए दबाव डालना न तो वाजिब है और न ही समझदारी. इससे बैंकों की आर्थिक क्षमता पर असर पड़ेगा."

रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई उस याचिका के जवाब में ये हलफनामा दायर किया है जिसमें मॉरटॉरीअम अवधि (कर्ज चुकाने में दी गई मोहलत) के दौरान ब्याज लेने पर चुनौती दी गई थी.

भारत के रक्षा सचिव कोरोना संक्रमित

अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत के रक्षा सचिव कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं.

अख़बार के मुताबिक़ रायसीना हिल कॉम्प्लेक्स के साउथ ब्लॉक में रक्षा मंत्रालय में चिंता का माहौल है.

अख़बार ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि रक्षा सचिव अजय कुमार का कोरोना टेस्ट पॉज़िटिव आने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कुछ शीर्ष सैनिक अधिकारी और अफ़सर बुधवार को दफ़्तर नहीं गए.

सूत्रों का कहना है, "रक्षा सचिव पिछले दिनों 30 लोगों के करीबी संपर्क में आए थे, उन्हें क्वारंटीन में रहने के लिए कहा गया है. इसके साथ ही साउथ ब्लॉक में सैनिटाइज़ेशन और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का काम व्यापक पैमाने पर किया जा रहा है."

हालांकि रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया को इस मसले पर कुछ कहने से इनकार कर दिया. रक्षा सचिव ने भी इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की है.

भारत में बना एसी महंगा

मेक इन इंडिया के नारे पर जोर देने की नीति को संरक्षणवाद से जोड़कर देखा जा रहा है और इस सिलसिले में इंडियन एक्सप्रेस अख़बार ने एयर कंडीशनर की कीमतों को लेकर एक रिपोर्ट प्रकाशित की है.

मंगलवार को सीआईआई के सालाना कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फर्नीचर, लेदर और फुटवियर के अलावा एयर कंडीशनिंग मशीनों के निर्माण को प्राथमिकता सूची में ऊपर रखा था.

प्रधानमंत्री के मुताबिक़ ये क्षेत्र रोज़गार के सृजन में मददगार हो सकते हैं. उन्होंने कहा था, "भारत अपनी एसी की घरेलू ज़रूरत का 30 फीसदी आयात करता है. हमें इस आयात को कम करने की ज़रूरत है."

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक़ सरकार ने एसी में इस्तेमाल होने वाले नौ प्रमुख पुर्जों पर 50 से 165 प्रतिशत की दर से कस्टम ड्यूटी लगाने का विचार कर रही है.

इससे एसी की कीमतें बढ़ने की संभावना है. दो साल पहले एसी बनाने वाली घरेलू कंपनियों की मांग पर वित्त मंत्रालय ने 26 सितंबर, 2018 को एसी पर कस्टम ड्यूटी दोगुना बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया था.

एसी बनाने वाली एक भारतीय कंपनी के सीईओ के हवाले से अख़बार ने लिखा है, "नया प्रस्ताव सत्तर के दशक की तरफ़ वापस लौटने जैसा है... जब संरक्षणवाद अपने ख़तरनाक़ स्तर पर था. इससे स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा नहीं मिलेगा. इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ने के बजाय कम होगी और कीमतें भी बढ़ सकती है."

जम्मू और कश्मीर के तीन राजनेताओं की रिहाई

जम्मू और कश्मीर की सरकार ने बुधवार को पूर्व आईएएस अधिकारी शाह फ़ैसल और पीडीपी के दो नेताओं पर पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत लगाए गए आरोप हटा लिए गए हैं.

अंग्रेज़ी अख़बार इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक़ पीडीपी नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री मेहबूबा मुफ्ती के एक रिश्तेदार सरताज मदनी और पीर मंसूर हैं.

मेहबूबा मुफ्ती के कार्यकाल के दौरान पीर मंसूर उनके राजनीतिक सलाहकार हुआ करते थे.

सरकारी आदेश के अनुसार पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत लगाए गए ये आरोप तत्काल प्रभाव से हटाए गए हैं.

अख़बार का कहना है कि बुधवार को इन तीन लोगों को रिहा कर दिया गया.

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