प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास को पटरी पर लाने के लिए दिए पांच फॉर्मूले

नरेंद्र मोदी

इमेज स्रोत, BJP/Twitter

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उद्योग जगत का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था सीआईआई (कन्फेडेरेशन ऑफ़ इंडियन इंडस्ट्री) के सालाना सेशन को संबोधित किया.

इस दौरान उन्होंने "विकास को फिर से कैसे पटरी पर लाना है" विषय पर उद्योग जगत से जुड़ी हस्तियों के सामने सरकार का पक्ष रखा.

1 जून, 2020 से अनलॉक 1 शुरू होने के बाद अर्थव्यवस्था के मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ये पहला भाषण था.

पढ़िए मोदी ने क्या महत्वपूर्ण बातें कहीं-

1. कोरोना से हुए नुक़सान से उबरेंगे

  • इंसान की सबसे बड़ी ताकत होती है कि हर मुश्किल से बाहर निकल सकता है. कोरोना वायरस ने देश के सामने नई चुनौतियां पेश की. हमें एक तरफ देशवासियों का जीवन भी बचाना है तो दूसरी तरफ देश की अर्थव्यवस्था को भी स्टैबिलाइज़ करना है और आगे बढ़ाना है.
  • हम विकास की राह पर वापस लौटेंगे और ज़रूर लौटेंगे. मुझे भारत की क्राइसिस मैनेजनमेंट पर भरोसा है. मुझे भारत के टैलेंट और तकनीक, इनोवेशन और इन्टेलेक्ट, किसानों और एमएसएमई और इंडस्ट्री के लीडरों पर पूरा भरोसा है. इन सबके सहारे मैं आपसे कह सकता हूं 'वी विल गेट आवर ग्रोथ बैक.'
  • कोरोना ने हमारी गति जितनी भी धीमी भी की हो आज यही सच्चाई है कि हम लॉकडाउन को पीछे छोड़ कर अनलॉक फेज़ 1 में प्रवेश कर चुके हैं. देश की अर्थव्यवस्था का एक बहुत बड़ा हिस्सा खुल चुका है और काफी हिस्सा 8 जून के बाद अभी खुलेगा.
  • एक प्रकार से 'गेटिंग ग्रोथ बैक' की शुरुआत तो हो चुकी है. कोरोना जब अपने पैर फैला रहा था तब भारत ने इससे लड़ने के लिए सही समय पर सही कदम उठाए. इस कारण लॉकडाउन का भारत का व्यापक प्रभाव रहा है. लेकिन इसके आगे क्या होगा इसे लेकर सभी सोच रहे होंगे?
छोड़िए YouTube पोस्ट
Google YouTube सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट YouTube समाप्त

2. आत्मनिर्भर भारत ही आगे का रास्ता

  • आत्मनिर्भर भारत अभियान के बारे में आपके मन में भी मंथन चल रहा होगा. आपके सवाल भी होंगे जो स्वाभाविक है. कोरोना के ख़िलाफ़ अर्थव्यवस्था को फिर मज़बूत करना हमारी सबसे अहम प्राथमिकताओं में से अहम प्राथमिकता है.
  • भारत को तेज़ विकास के पथ पर लाने के लिए और आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए जो पांच बातें बेहद अहम हैं वो हैं - (1) इन्टेन्ट (2) इन्क्लूज़न (3) इन्वेस्टमेंट (3) इन्फ्रास्ट्रक्चर, और (5) इनोवेशन
  • जो बड़े फै़सले लिए गए हैं, उनके साथ तमाम सेक्टर को सरकार ने फ्यूचर रेडी किया है. हमारे लिए आर्थिक सुधार रैंडम फ़ैसले नहीं हैं बल्कि योजनाबद्ध, इंटरकनेक्टेड और फ्यूचरिस्टिक फ़ैसले हैं. आर्थिक सुधार का मतलब हमारे लिए फै़सले लेने का साहस करना और उन्हें लॉजिकल कन्क्लूजन तक ले जाना. बैंक मर्जर हो, जीएसटी हो, इनकम टैक्स ऐसेसमेन्ट की व्यवस्था - व्यवस्थाओं में सरकार के दखल को हम जितना हो सके, कम करने की कोशिश कर रहे हैं.
छोड़िए X पोस्ट, 1
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 1

3. किसान और श्रमिक प्राथमिकता

  • किसानों को पहले बिचौलियों के हाथों में छोड़ दिया गया था. उनके साथ हुए अन्याय को दूर करने की इच्छाशक्ति सरकार ने दिखाई है. किसान अब जिसे चाहे, जब चाहे और जहां चाहे अपनी फ़सल अपनी शर्तों पर बेच सकता है. वो देश के किसी भी राज्य में अपनी फसल बेच सकता है. वेयरहाउस में रखे अनाज या खेती के उत्पाद इलेक्ट्रोनिक ट्रेडिंग के ज़रिए बेचे जा सकते हैं. एग्रीबिज़नेस के लिए नए रास्ते खुलेंगे.
  • श्रमिकों के कल्याण के लिए लेबर सुधार किए जा रहे हैं. ग़ैर-रणनीतिक तौर पर अहम कई सक्टर को प्राइवेट सेक्टर के लिए खोला गया है.
  • कोयला ओर माइनिंग सेक्टर को निजी कंपनियों के लिए खोला गया है. रणनीतिक तौर पर अहम सेक्टर में भी निजी कंपनियों को मौके दिए जा रहे हैं.

4. दुनिया के साथ कदम मिला कर चलना

  • एमएसएमई को परिभाषित करने की मांग हो रही थी और इस दिशा में भी काम हुआ है. एमएसएमई में काम करने वालों को इसके लिए 200 करोड़ तक की सरकारी खरीद में ग्लोबल टेंडर को ख़त्म कर दिया गया है. आत्मनिर्भर भारत पैकेज एमएसएमई के लिए ईंधन का काम करेगा.
  • आज की ग्लोबल स्थति को देखना और समझना ज़रूरी है. दुनिया के देश पहले की तुलना में एक दूसरे का साथ अधिक चाहते हैं. लेकिन इसके साथ ये चिंता भी चल रही है कि पुरानी सोच, पुरानी नीतियां क्या आज कारगर होगी.
  • ऐसे समय में भारत से दुनिया की उम्मीदें बढ़ी हैं. कोरोना के संकट में किसी देश के लिए दूसरे की मदद करना मुश्किल हो रहा था तब भारत ने 150 से ज़्यादा देशों को मेडिकल सप्लाई बेचकर उनके लिए मानवीय मदद का काम किया है.
  • पूरे विश्व में भारत के प्रति ट्रस्ट डेवेलप हुआ है इसका फायदा इंडस्ट्रीज़ को उठाना चाहिए.
छोड़िए X पोस्ट, 2
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 2

5. मेड इन इंडिया हो और मेड फॉर द वर्ल्ड

  • सीआईआई की ज़िम्मेदारी है कि मेक इन इंडिया के साथ ट्रस्ट, क्वॉलिटी और कंपीटीटिवनेस तीनों जुड़ा हो. आप एक कदम आगे बढ़ाएंगे तो सरकार चार कदम आपके लिए आगे बढ़ाएगी.
  • मैं प्रधानमंत्री के तौर पर आपको भरोसा दिलाना चाहता हूं. मैं कहना चाहता हूं कि मैं आपके साथ खड़ा हूं. अब भारतीय इंडस्ट्री के पास आत्मनिर्भर भारत का स्पष्ट रास्ता है. इसका मतलब है कि हम और मज़बूत हो कर दुनिया का स्वागत करें.
  • लेकिन इसका मतलब ये भी नहीं है कि रणनीतिक तौर पर अहम मामलों में किस पर निर्भर रहें. हम ये स्थिति नहीं चाहते.
  • ये लोगों के लिए रोज़गार बढ़ाने, ये अर्थव्यवस्था को मज़बूती देने के लिए लोगों के सामने लागे और मज़बूत लोकल सप्लाई चेन बनाने में हिस्सादारी करनी है.
  • सीआईआई को पोस्ट-कोरोना नई भूमिका में आगे आना है. डोमेस्टिक इंडस्ट्री की रिकवरी को फेसिलिटेट करना है. नेक्स्ट लेवल ग्रोथ को सपोर्ट कराना है. अपने मार्केट को विश्व में बढ़ाना है.
  • अब ज़रूरत है कि देश में ऐसे प्रोडक्ट बनें जो मेड इन इंडिया हो और मेड फॉर द वर्ल्ड हो. देश का आयात कम करने के लिए और कैसे आयात के लक्ष्य कम करने हैं उस पर हमें विचार करने की ज़रूरत है.
  • हमारी सरकार प्राइवेट सेक्टर को विकास का अहम साथी मानती है. आपसे गुज़ारिश है कि हर सेक्टर की एक स्टडी लेकर आए ताकि हम ढ़ाचागत सुधार करने के लिए मिल कर काम कर सकें.

सवाल और जवाब

कोरोना वायरस के बारे में सब कुछ

आपके सवाल

  • कोरोना वायरस क्या है?लीड्स के कैटलिन सेसबसे ज्यादा पूछे जाने वाले

    कोरोना वायरस एक संक्रामक बीमारी है जिसका पता दिसंबर 2019 में चीन में चला. इसका संक्षिप्त नाम कोविड-19 है

    सैकड़ों तरह के कोरोना वायरस होते हैं. इनमें से ज्यादातर सुअरों, ऊंटों, चमगादड़ों और बिल्लियों समेत अन्य जानवरों में पाए जाते हैं. लेकिन कोविड-19 जैसे कम ही वायरस हैं जो मनुष्यों को प्रभावित करते हैं

    कुछ कोरोना वायरस मामूली से हल्की बीमारियां पैदा करते हैं. इनमें सामान्य जुकाम शामिल है. कोविड-19 उन वायरसों में शामिल है जिनकी वजह से निमोनिया जैसी ज्यादा गंभीर बीमारियां पैदा होती हैं.

    ज्यादातर संक्रमित लोगों में बुखार, हाथों-पैरों में दर्द और कफ़ जैसे हल्के लक्षण दिखाई देते हैं. ये लोग बिना किसी खास इलाज के ठीक हो जाते हैं.

    कोरोना वायरस के अहम लक्षणः ज्यादा तेज बुखार, कफ़, सांस लेने में तकलीफ़

    लेकिन, कुछ उम्रदराज़ लोगों और पहले से ह्दय रोग, डायबिटीज़ या कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ रहे लोगों में इससे गंभीर रूप से बीमार होने का ख़तरा रहता है.

  • एक बार आप कोरोना से उबर गए तो क्या आपको फिर से यह नहीं हो सकता?बाइसेस्टर से डेनिस मिशेलसबसे ज्यादा पूछे गए सवाल

    जब लोग एक संक्रमण से उबर जाते हैं तो उनके शरीर में इस बात की समझ पैदा हो जाती है कि अगर उन्हें यह दोबारा हुआ तो इससे कैसे लड़ाई लड़नी है.

    यह इम्युनिटी हमेशा नहीं रहती है या पूरी तरह से प्रभावी नहीं होती है. बाद में इसमें कमी आ सकती है.

    ऐसा माना जा रहा है कि अगर आप एक बार कोरोना वायरस से रिकवर हो चुके हैं तो आपकी इम्युनिटी बढ़ जाएगी. हालांकि, यह नहीं पता कि यह इम्युनिटी कब तक चलेगी.

    यह नया वायरस उन सात कोरोना वायरस में से एक है जो मनुष्यों को संक्रमित करते हैं.
  • कोरोना वायरस का इनक्यूबेशन पीरियड क्या है?जिलियन गिब्स

    वैज्ञानिकों का कहना है कि औसतन पांच दिनों में लक्षण दिखाई देने लगते हैं. लेकिन, कुछ लोगों में इससे पहले भी लक्षण दिख सकते हैं.

    कोविड-19 के कुछ लक्षणों में तेज बुख़ार, कफ़ और सांस लेने में दिक्कत होना शामिल है.

    वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि इसका इनक्यूबेशन पीरियड 14 दिन तक का हो सकता है. लेकिन कुछ शोधार्थियों का कहना है कि यह 24 दिन तक जा सकता है.

    इनक्यूबेशन पीरियड को जानना और समझना बेहद जरूरी है. इससे डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों को वायरस को फैलने से रोकने के लिए कारगर तरीके लाने में मदद मिलती है.

  • क्या कोरोना वायरस फ़्लू से ज्यादा संक्रमणकारी है?सिडनी से मेरी फिट्ज़पैट्रिक

    दोनों वायरस बेहद संक्रामक हैं.

    ऐसा माना जाता है कि कोरोना वायरस से पीड़ित एक शख्स औसतन दो या तीन और लोगों को संक्रमित करता है. जबकि फ़्लू वाला व्यक्ति एक और शख्स को इससे संक्रमित करता है.

    फ़्लू और कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए कुछ आसान कदम उठाए जा सकते हैं.

    • बार-बार अपने हाथ साबुन और पानी से धोएं
    • जब तक आपके हाथ साफ न हों अपने चेहरे को छूने से बचें
    • खांसते और छींकते समय टिश्यू का इस्तेमाल करें और उसे तुरंत सीधे डस्टबिन में डाल दें.
  • आप कितने दिनों से बीमार हैं?मेडस्टोन से नीता

    हर पांच में से चार लोगों में कोविड-19 फ़्लू की तरह की एक मामूली बीमारी होती है.

    इसके लक्षणों में बुख़ार और सूखी खांसी शामिल है. आप कुछ दिनों से बीमार होते हैं, लेकिन लक्षण दिखने के हफ्ते भर में आप ठीक हो सकते हैं.

    अगर वायरस फ़ेफ़ड़ों में ठीक से बैठ गया तो यह सांस लेने में दिक्कत और निमोनिया पैदा कर सकता है. हर सात में से एक शख्स को अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ सकती है.

End of कोरोना वायरस के बारे में सब कुछ

मेरी स्वास्थ्य स्थितियां

आपके सवाल

  • अस्थमा वाले मरीजों के लिए कोरोना वायरस कितना ख़तरनाक है?फ़ल्किर्क से लेस्ले-एन

    अस्थमा यूके की सलाह है कि आप अपना रोज़ाना का इनहेलर लेते रहें. इससे कोरोना वायरस समेत किसी भी रेस्पिरेटरी वायरस के चलते होने वाले अस्थमा अटैक से आपको बचने में मदद मिलेगी.

    अगर आपको अपने अस्थमा के बढ़ने का डर है तो अपने साथ रिलीवर इनहेलर रखें. अगर आपका अस्थमा बिगड़ता है तो आपको कोरोना वायरस होने का ख़तरा है.

  • क्या ऐसे विकलांग लोग जिन्हें दूसरी कोई बीमारी नहीं है, उन्हें कोरोना वायरस होने का डर है?स्टॉकपोर्ट से अबीगेल आयरलैंड

    ह्दय और फ़ेफ़ड़ों की बीमारी या डायबिटीज जैसी पहले से मौजूद बीमारियों से जूझ रहे लोग और उम्रदराज़ लोगों में कोरोना वायरस ज्यादा गंभीर हो सकता है.

    ऐसे विकलांग लोग जो कि किसी दूसरी बीमारी से पीड़ित नहीं हैं और जिनको कोई रेस्पिरेटरी दिक्कत नहीं है, उनके कोरोना वायरस से कोई अतिरिक्त ख़तरा हो, इसके कोई प्रमाण नहीं मिले हैं.

  • जिन्हें निमोनिया रह चुका है क्या उनमें कोरोना वायरस के हल्के लक्षण दिखाई देते हैं?कनाडा के मोंट्रियल से मार्जे

    कम संख्या में कोविड-19 निमोनिया बन सकता है. ऐसा उन लोगों के साथ ज्यादा होता है जिन्हें पहले से फ़ेफ़ड़ों की बीमारी हो.

    लेकिन, चूंकि यह एक नया वायरस है, किसी में भी इसकी इम्युनिटी नहीं है. चाहे उन्हें पहले निमोनिया हो या सार्स जैसा दूसरा कोरोना वायरस रह चुका हो.

    कोरोना वायरस की वजह से वायरल निमोनिया हो सकता है जिसके लिए अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ सकती है.
End of मेरी स्वास्थ्य स्थितियां

अपने आप को और दूसरों को बचाना

आपके सवाल

  • कोरोना वायरस से लड़ने के लिए सरकारें इतने कड़े कदम क्यों उठा रही हैं जबकि फ़्लू इससे कहीं ज्यादा घातक जान पड़ता है?हार्लो से लोरैन स्मिथ

    शहरों को क्वारंटीन करना और लोगों को घरों पर ही रहने के लिए बोलना सख्त कदम लग सकते हैं, लेकिन अगर ऐसा नहीं किया जाएगा तो वायरस पूरी रफ्तार से फैल जाएगा.

    क्वारंटीन उपायों को लागू कराते पुलिस अफ़सर

    फ़्लू की तरह इस नए वायरस की कोई वैक्सीन नहीं है. इस वजह से उम्रदराज़ लोगों और पहले से बीमारियों के शिकार लोगों के लिए यह ज्यादा बड़ा ख़तरा हो सकता है.

  • क्या खुद को और दूसरों को वायरस से बचाने के लिए मुझे मास्क पहनना चाहिए?मैनचेस्टर से एन हार्डमैन

    पूरी दुनिया में सरकारें मास्क पहनने की सलाह में लगातार संशोधन कर रही हैं. लेकिन, डब्ल्यूएचओ ऐसे लोगों को मास्क पहनने की सलाह दे रहा है जिन्हें कोरोना वायरस के लक्षण (लगातार तेज तापमान, कफ़ या छींकें आना) दिख रहे हैं या जो कोविड-19 के कनफ़र्म या संदिग्ध लोगों की देखभाल कर रहे हैं.

    मास्क से आप खुद को और दूसरों को संक्रमण से बचाते हैं, लेकिन ऐसा तभी होगा जब इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए और इन्हें अपने हाथ बार-बार धोने और घर के बाहर कम से कम निकलने जैसे अन्य उपायों के साथ इस्तेमाल किया जाए.

    फ़ेस मास्क पहनने की सलाह को लेकर अलग-अलग चिंताएं हैं. कुछ देश यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनके यहां स्वास्थकर्मियों के लिए इनकी कमी न पड़ जाए, जबकि दूसरे देशों की चिंता यह है कि मास्क पहने से लोगों में अपने सुरक्षित होने की झूठी तसल्ली न पैदा हो जाए. अगर आप मास्क पहन रहे हैं तो आपके अपने चेहरे को छूने के आसार भी बढ़ जाते हैं.

    यह सुनिश्चित कीजिए कि आप अपने इलाके में अनिवार्य नियमों से वाकिफ़ हों. जैसे कि कुछ जगहों पर अगर आप घर से बाहर जाे रहे हैं तो आपको मास्क पहनना जरूरी है. भारत, अर्जेंटीना, चीन, इटली और मोरक्को जैसे देशों के कई हिस्सों में यह अनिवार्य है.

  • अगर मैं ऐसे शख्स के साथ रह रहा हूं जो सेल्फ-आइसोलेशन में है तो मुझे क्या करना चाहिए?लंदन से ग्राहम राइट

    अगर आप किसी ऐसे शख्स के साथ रह रहे हैं जो कि सेल्फ-आइसोलेशन में है तो आपको उससे न्यूनतम संपर्क रखना चाहिए और अगर मुमकिन हो तो एक कमरे में साथ न रहें.

    सेल्फ-आइसोलेशन में रह रहे शख्स को एक हवादार कमरे में रहना चाहिए जिसमें एक खिड़की हो जिसे खोला जा सके. ऐसे शख्स को घर के दूसरे लोगों से दूर रहना चाहिए.

End of अपने आप को और दूसरों को बचाना

मैं और मेरा परिवार

आपके सवाल

  • मैं पांच महीने की गर्भवती महिला हूं. अगर मैं संक्रमित हो जाती हूं तो मेरे बच्चे पर इसका क्या असर होगा?बीबीसी वेबसाइट के एक पाठक का सवाल

    गर्भवती महिलाओं पर कोविड-19 के असर को समझने के लिए वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं, लेकिन अभी बारे में बेहद सीमित जानकारी मौजूद है.

    यह नहीं पता कि वायरस से संक्रमित कोई गर्भवती महिला प्रेग्नेंसी या डिलीवरी के दौरान इसे अपने भ्रूण या बच्चे को पास कर सकती है. लेकिन अभी तक यह वायरस एमनियोटिक फ्लूइड या ब्रेस्टमिल्क में नहीं पाया गया है.

    गर्भवती महिलाओंं के बारे में अभी ऐसा कोई सुबूत नहीं है कि वे आम लोगों के मुकाबले गंभीर रूप से बीमार होने के ज्यादा जोखिम में हैं. हालांकि, अपने शरीर और इम्यून सिस्टम में बदलाव होने के चलते गर्भवती महिलाएं कुछ रेस्पिरेटरी इंफेक्शंस से बुरी तरह से प्रभावित हो सकती हैं.

  • मैं अपने पांच महीने के बच्चे को ब्रेस्टफीड कराती हूं. अगर मैं कोरोना से संक्रमित हो जाती हूं तो मुझे क्या करना चाहिए?मीव मैकगोल्डरिक

    अपने ब्रेस्ट मिल्क के जरिए माएं अपने बच्चों को संक्रमण से बचाव मुहैया करा सकती हैं.

    अगर आपका शरीर संक्रमण से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज़ पैदा कर रहा है तो इन्हें ब्रेस्टफीडिंग के दौरान पास किया जा सकता है.

    ब्रेस्टफीड कराने वाली माओं को भी जोखिम से बचने के लिए दूसरों की तरह से ही सलाह का पालन करना चाहिए. अपने चेहरे को छींकते या खांसते वक्त ढक लें. इस्तेमाल किए गए टिश्यू को फेंक दें और हाथों को बार-बार धोएं. अपनी आंखों, नाक या चेहरे को बिना धोए हाथों से न छुएं.

  • बच्चों के लिए क्या जोखिम है?लंदन से लुइस

    चीन और दूसरे देशों के आंकड़ों के मुताबिक, आमतौर पर बच्चे कोरोना वायरस से अपेक्षाकृत अप्रभावित दिखे हैं.

    ऐसा शायद इस वजह है क्योंकि वे संक्रमण से लड़ने की ताकत रखते हैं या उनमें कोई लक्षण नहीं दिखते हैं या उनमें सर्दी जैसे मामूली लक्षण दिखते हैं.

    हालांकि, पहले से अस्थमा जैसी फ़ेफ़ड़ों की बीमारी से जूझ रहे बच्चों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए.

End of मैं और मेरा परिवार
कोरोना वायरस के बारे में जानकारी
लाइन
कोरोना वायरस के बारे में जानकारी
कोरोना वायरस के बारे में जानकारी

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)