बीजेपी के साथ शिवसेना का समझौता सत्ता के लिए: उद्धव ठाकरे

महाराष्ट्र चुनाव, शिवसेना

इमेज स्रोत, Getty Images

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि सत्ता हासिल करने के लिए उनकी पार्टी ने महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन किया है.

शिवसेना के मुखपत्र सामना को दिए इंटरव्यू में उद्धव ठाकरे ने कहा कि गठबंधन के मामले में उन्होंने परिपक्वता दिखाई है.

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी के साथ हुए गठबंधन में शिव सेना 124 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. महाराष्ट्र विधानसभा में 288 सीटें हैं और पहली बार शिवसेना इतनी कम सीटों पर चुनाव लड़ रही है.

बीजेपी और गठबंधन में शामिल अन्य छोटी पार्टियाँ कुल 164 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं.

उद्धव ठाकरे ने इंटरव्यू के दौरान कहा, "मैंने महाराष्ट्र के लिए गठबंधन को लेकर समझौता किया है. हम कम सीटों पर इसलिए चुनाव लड़ रहे हैं, क्योंकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने समस्या समझने को कहा था, जिस पर मैंने विचार किया और समझा. मैंने सत्ता के लिए ये समझौता किया और इसमें छिपाने वाली कोई बात नहीं है."

उन्होंने दावा किया कि शिवसेना इस चुनाव में सबसे ज़्यादा सीटें जीतेगी.

महाराष्ट्र चुनाव

इमेज स्रोत, Getty Images

शिवसेना प्रमुख ने ये भी कहा कि अगली सरकार बनने के बाद सत्ता का बँटवारा बराबरी से होगा और ये इस गठबंधन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.

उन्होंने कहा, "लोकसभा चुनाव में जब गठबंधन हुआ था, तभी ये घोषणा हुई थी कि सत्ता का बँटवरा बराबरी से होगा. 24 अक्तूबर को जब सरकार बनेगी, तब लोगों को इसका पता चल जाएगा. मैं इसे लेकर एकदम आश्वस्त हूँ."

सीटों के बँटवारे को लेकर कई दिनों तक दोनों पार्टियों में मतभेद क़ायम रहे, लेकिन आख़िरकार इस पर सहमति बन गई.

सीटों के बराबर बँटवारे के फॉर्मूले पर शिवसेना प्रमुख ने कहा कि महाराष्ट्र के लोग अंधे नहीं है.

आदित्य ठाकरे, महाराष्ट्र

इमेज स्रोत, Getty Images

अपने बेटे आदित्य ठाकरे के विधानसभा चुनाव लड़ने के फ़ैसले पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि आदित्य चुनाव लड़ रहे हैं, इसका मतलब ये नहीं है कि वे रिटायर हो रहे हैं. उन्होंने ये भी कहा कि वे अपने पिता बाल ठाकरे के उस वादे को पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं कि एक दिन शिव सैनिक महाराष्ट्र का सीएम बनेगा.

आदित्य ठाकरे चुनाव लड़ने वाले अपने परिवार के पहले सदस्य हैं. वे मुंबई के वर्ली से चुनाव लड़ रहे हैं. 1966 में शिव सेना के गठन के बाद से ठाकरे परिवार का कोई सदस्य चुनाव नहीं लड़ा है.

उद्धव ठाकरे का कहना है कि आदित्य ठाकरे के चुनाव लड़ने का ये मतलब नहीं है कि वे तुरंत ही सीएम या डिप्टी सीएम बन जाएँगे, वे अनुभव लेना चाहते हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)