IAS शशिकांत सेंथिल ने क्यों इस्तीफ़ा दिया?

जम्मू-कश्मीर मामले को लेकर आईएएस कन्नन गोपीनाथन के इस्तीफ़े के बाद अब 2009 बैच के आईएएस अधिकारी एस शशिकांत सेंथिल ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

दक्षिण कन्नड़ ज़िले में उपायुक्त (डिप्टी कमिश्नर) का पद संभाल रहे सेंथिल ने अपना इस्तीफ़ा सौंपते हुए लिखा, ''मेरे लिए ऐसे समय पर प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर काम करते रहना अनैतिक होगा जब हमारे समृद्ध लोकतंत्र के मौलिक आधारभूत स्तंभों से समझौता किया जा रहा है.''

40 वर्षीय आईएएस अधिकारी शशिकांत सेंथिल कर्नाटक कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. यूपीएससी की परीक्षा में वह तमिलनाडु के टॉपर थे जबकि देश में उनका 9वां रैंक था.

शशिकांत सेंथिल ने तिरुचिरापल्ली से इंजीनियरिंग (इलेक्ट्रॉनिक्स) की पढ़ाई की है.

दक्षिण कर्नाटक में डिप्टी कमिश्नर से पहले वे 2009 से 2012 तक बेल्लारी में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर कार्यरत थे, इसी दौरान उन्होंने दो बार शिवमोगा ज़िला पंचायत के सीईओ की ज़िम्मेदारी भी संभाली थी.

पढ़िए शशिकांत सेंथिल ने अपने इस्तीफ़े में क्या लिखा?

मैंने आज भारतीय प्रशासनिक सेवा के अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. इस मौके पर यह साफ़ करना ज़रूरी है कि यह पूरी तरह निजी कारणों से लिया गया फ़ैसला है.

यह दक्षिण कर्नाटक के डिप्टी कमिश्नर के मेरे वर्तमान प्रोफ़ाइल के किसी प्रकरण से किसी भी तरह जुड़ा मामला नहीं है. मैं यह बताना चाहूंगा कि दक्षिण कर्नाटक के जन प्रतिनिधियों का मेरे प्रति अच्छा व्यवहार रहा और मैं अपने कार्यकाल के बीच में ही उनका साथ छोड़ने के लिए उनसे माफ़ी मांगना चाहता हूं.

मैंने यह फ़ैसला इसलिए लिया क्योंकि मेरा मानना है कि ऐसे समय पर प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर काम करते रहना अनैतिक होगा जबकि हमारे समृद्ध लोकतंत्र के मौलिक आधारभूत स्तंभों से समझौता किया जा रहा है.

मेरा यह भी मानना है कि आने वाले दिन देश के सामने बेहद कठिन चुनौतियां पेश करेंगे. लिहाज इस समय अपने काम को जारी रखने के लिए आईएएस से बाहर होना बेहतर होगा.

अब इसमें रहते हुए आगे और काम नहीं किया जा सकता. मैं एक बार फिर अपने साथ किए सभी लोगों और काम के दौरान बने सभी मित्रों का आभार व्यक्त करता हूं. मैं अपने सहयोगियों और उनके परिवारों को आगे के लिए शुभकामनाएं देता हूं.

कन्नन गोपीनाथन का इस्तीफ़ा

इससे पहले कश्मीर मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त न कर पाने के कारण केंद्र शासित प्रदेश दादरा नगर हवेली में एक युवा आईएएस अधिकारी ने नौकरी से इस्तीफ़ा दे दिया था.

33 साल के कन्नन गोपीनाथन ने कहा था कि सरकारी अधिकारी होने के नाते वे अनुच्छेद 370 के हटाए जाने पर अपने विचार व्यक्त नहीं कर सकते हैं और इसी मजबूरी की वजह से उन्होंने इस्तीफ़ा देने का फ़ैसला किया.

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