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कुमारस्वामी की सरकार गिरी, बहुमत हासिल नहीं कर सका कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन
कर्नाटक में पिछले कुछ दिनों से चला आ रहा नाटक ख़त्म हो गया है और एचडी कुमारस्वामी की अगुवाई वाली कांग्रेस-जेडीएस सरकार गिर गई है.
यह गठबंधन सरकार विश्वासमत हासिल नहीं कर सकी.
विश्वास मत के विरोध में 105 और पक्ष में 99 मत पड़े.
इसके साथ ही कर्नाटक में बीजेपी सरकार के गठन का रास्ता साफ़ हो गया है.
बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व में बीजेपी अब राज्य में सरकार बनाने की तैयारी कर रही है. मीडिया से बात करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष येदियुरप्पा ने कहा, "मैं इस बारे में प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जी से चर्चा करूंगा, उसके बाद मैं राज्यपाल से मुलाक़ात करूंगा. कल हमारे विधायक दल की बैठक होगी."
बेंगलुरु के रमादा होटल के बाहर भाजपा समर्थकों को जश्न मनाते देखा गया.
कर्नाटक की बीजेपी इकाई ने ट्वीट करके इसे कर्मों का खेल बताया है.
कर्नाटक बीजेपी के ट्विटर हैंडिल से ये भी कहा गया है कि कांग्रेस और जेडीएस के लालच भरे अपवित्र गठबंधन की सरकार के जाने से कर्नाटक में लोकतंत्र बहाल हो गया है.
वहीं कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा, "केंद्र सरकार, राज्यपाल, महाराष्ट्र सरकार और केंद्रीय बीजेपी नेतृत्व की कुटिल कोशिशों से कर्नाटक सरकार गिरा दी गई है."
विश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले बेंगलुरु में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं में झड़प की घटनाएं सामने आई थीं जिसके बाद 48 घंटों के लिए धारा 144 लगा दी गई.
कुमारस्वामी की सरकार पर तबसे ख़तरा मंडराने लगा था जब गठबंधन के 16 विधायकों ने इस्तीफ़ा दे दिया था. इसके अलावा दो निर्दलीय विधायकों ने भी सरकार से समर्थन वापस लेने की घोषणा की थी.
इससे पहले विश्वासमत के लिए अपने भाषण में वे काफ़ी भावुक नजर आए. उन्होंने ये भी कहा कि वे राजनीति में नहीं आना चाहते थे, उन्होंने कर्नाटक की जनता से भी माफ़ी मांगी.
विश्वास मत हासिल करने में नाकाम रहने के बाद कुमारस्वामी ने अपना इस्तीफ़ा कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला को सौंप दिया है.
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