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भारत ने अमरीका को दिया उसी तेवर में जवाब
भारत ने कहा है कि रविवार से भारत आने वाले 28 अमरीकी सामानों पर टैरिफ़ लगाएगा. ये नए टैरिफ़ 70 फ़ीसदी तक होंगे.
दरअसल, ये क़दम अमरीका की ओर से एल्युमिनियम और स्टील पर भारत को मिलने वाली छूट वापस लेने के जवाब में उठाया गया है.
इस महीने की शुरुआत में अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने भारत से विशेष व्यापार का दर्जा वापस ले लिया था. भारत ने पिछले साल जून में 120 फ़ीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया था जिसके बाद अमरीका ने ये कहते हुए भारत को दिया दर्ज़ा वापस ले लिया था कि ''भारत अमरीका को अपने बाज़ार में उचित और न्याय संगत पहुंच नहीं दे रहा है.''
अब भारत के वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को नए टैरिफ़ का ऐलान करते हुए कहा है कि यह फ़ैसला 'जनहित' में लिया गया है.
इस लिस्ट में बादाम, सेब जैसी चीज़ें हैं, जो भारत अमरीका से आयात करता है. इस लिस्ट में पहले आर्टेमिया (एक तरह का झींगा) का नाम भी शामिल था जिसे बाद में लिस्ट से हटा दिया गया.
साल 2018 में भारत-अमरीका के बीच 142 अरब डॉलर का व्यापार हुआ. ये आंकड़े 2001 की तुलना में सात गुना ज़्यादा हैं. लेकिन इस महीने के पहले तक भारत को अमरीका निर्यात करने वाले 5.6 अरब डॉलर की क़ीमत के सामान पर कोई कर नहीं देना पड़ता था.
लेकिन अब उसे भारी भरकम टैक्स देना होगा और ये भारत की अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है.
दरअसल, ट्रंप की नई नीतिय़ों के मुताबिक़ उन्हीं देशों को छूट देना चाहते हैं जहां अमरीका को भी छूट हासिल हो, ऐसे में उन्होंने भारत के साथ अमरीका के व्यापारिक रिश्ते को 'अपारदर्शी' माना.
दोनों देशों के बीच तनाव तब से बढ़ रहा है जब पिछले साल भारत ने एल्युमीनियम और स्टील पर अमेरिकी टैरिफ में बढ़ोतरी के ख़िलाफ़ जवाबी कदम उठाए.
इससे अलावा ट्रंप ने भारत को धमकाया था कि अगर वो ईरान से तेल ख़रीदता है तो भारत पर प्रतिबंध लग सकता है.
भारत ने नए टैरिफ़ तब लगाया है जब विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर कुछ दिन बाद अमरीकी विदेश मंत्री से मिलने वाले हैं.
जापान में G20 शिखर सम्मेलन में जयशंकर अपने अमेरिकी समकक्ष माइक पॉम्पिओ से मिलेंगे. इस सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच बातचीत होने की उम्मीद है.
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