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रोहित शेखर हत्याकांडः पुलिस ने कहा, पत्नी ने स्वीकार किया गुनाह
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नारायण दत्त तिवारी के बेटे रोहित शेखर की रहस्यमयी मौत की गुत्थी सुलझा लेने का दावा किया है.
पुलिस ने रोहित शेखर की हत्या के मामले में उनकी पत्नी अपूर्वा शुक्ला तिवारी को गिरफ़्तार कर लिया है.
पुलिस के मुताबिक, "पूछताछ में अपूर्वा ने अपना गुनाह क़बूल कर लिया है."
बुधवार को दिल्ली पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि रोहित शेखर की मौत को लेकर उसे तीन लोगों पर शक था, जिनमें दो उनके घर के नौकर थे.
40 साल के रोहित शेखर की 15-16 अप्रैल की दरमियानी रात को रहस्यमय तरीके से दिल्ली के डिफ़ेंस कॉलोनी स्थित उनके आवास पर ही मौत हो गई थी.
पुलिस के अनुसार, एक नौकर अगले दिन जब रोहित के कमरे में गया, तो उस समय रोहित शेखर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे और उनकी नाक से खून बह रहा था.
शेखर के डिफेंस कॉलोनी स्थित आवास में लगे नौ सीसीटीवी कैमरों की जांच से भी पता चला है कि जिस रात शेखर की मौत हुई, उस रात किसी भी बाहरी व्यक्ति के घर के अंदर दाखिल होने के संकेत नहीं मिले हैं.
पुलिस को शक है कि शेखर की नींद की हालत का फायदा उठाकर ही उनकी हत्या की गई. पोस्ट मॉर्टम की रिपोर्ट में भी इस बात का पता चला है कि उनकी मौत दम घुटने की वजह से हुई है.
पुलिस के मुताबिक, "मेडिकल रिपोर्ट से पता चला है कि रोहित शेखर नींद की गोली लेने के आदी थे और घटना की रात वो शराब के नशे में भी थे, इससे लगता है कि वो हत्यारे का प्रतिरोध नहीं कर पाए."
प्रेस कांफ्रेंस में पुलिस ने क्या कहा?
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के अतिरिक्त पुलिस कमीश्नर रजीव रंजन ने बताया कि अपूर्वा ने बिना किसी पूर्व योजना के रोहित शेखर की हत्या की थी. उनके बीच पहले से अनबन थी. ऐसा लगता है कि घटना की रात उनके बीच झगड़ा हुआ और ये घटना घटी.
सीसीटीवी फुटेज की जांच में पता चला है कि घटना की रात 10.30 बजे रोहित घर पहुंचे, 11 बजे खाना खाया और फ़र्स्ट फ़्लोर पर अपने कमरे में चले गए.
उसके बाद उनकी मां खाना खाने आईं और फिर रोहित और अपूर्वा को बुलाकर बात की, लेकिन नशे में होने के कारण रोहित अपने कमरे में चले गए.
अपूर्वा ने अंत में खाना खाया और रात 12.45 बजे ऊपर कमरे में चली गईं और फिर सुबह ही उनके कमरे से बाहर निकलीं.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि रोहित के खाना खाने के दो घंटे बाद उनकी मौत हुई.
घर में रोहित के अलावा तीन लोग मौजूद थे, अपूर्वा, उनके दो नौकर अखिलेश और गोलू.
दोनों नौकर उस परिवार पर पूरी तरह निर्भर थे, इसलिए वो इस काम को अंजाम नहीं दे सकते थे.
स्वाभाविक सबूतों और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस का शक अपूर्वा पर गहराया और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ हुई. इसके बाद अपूर्वा ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है.
आपसी झगड़ा बना कारण?
पुलिस का कहना है कि उनकी शादी मुश्किल में थी. रोहित शेखर और उनका परिवार तलाक़ के बारे में सोच रहा था.
पुलिस ने संपत्ति के झगड़े से भी इनकार नहीं किया है क्योंकि वसीयत में अपूर्वा को कुछ नहीं मिलना था.
इससे पहले दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक रोहित शेखर की माँ उज्ज्वला शर्मा ने पुलिस को दिए बयान में एनडी तिवारी के निजी सचिव रह चुके एक व्यक्ति की भूमिका पर संदेह जताया था.
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