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रोहित शेखर: एनडी तिवारी के बेटे का हक हासिल करने वाले का निधन
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे नारायण दत्त तिवारी के बेटे रोहित शेखर का निधन हो गया.
दक्षिण दिल्ली के डीसीपी विजय कुमार ने इसकी जानकारी दी है. उनके मुताबिक, रोहित शेखर को जब तक मैक्स अस्पताल साकेत में लाया गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी.
हालांकि उनकी मौत की वजहों का पता अभी तक नहीं चला है.
मैक्स अस्पताल की ओर से जारी एक बयान में बताया गया कि मंगलवार की शाम क़रीब पौने पांच बजे अस्पताल को एक इमरजेंसी कॉल आया था. ये फ़ोन रोहित शेखर तिवारी के घर से आया था. जिसके बाद एक एंबुलेंस रोहित को लेकर साकेत स्थित मैक्स अस्पताल पहुंची, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. इसके बाद तय मानकों का पालन करते हुए अस्पताल प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को सूचित किया.
उल्लेखनीय है कि महज़ छह महीने पहले 18 अक्टूबर, 2018 को नारायण दत्त तिवारी का निधन हुआ था.
40 साल के रोहित शेखर का जीवन उतार चढ़ाव से भरा रहा है. उन्होंने सात साल तक चले अपने आप में ऐतिहासिक रहे मुकदमे में खुद को नारायण दत्त तिवारी का नाजायज़ बेटा साबित किया था.
2014 में जब ये फैसला आया था तब रोहित शेखर ने कहा था, "मैं दुनिया का शायद पहला व्यक्ति हूं जिसने खुद को नाजायज़ साबित होने के लिए मुकदमा लड़ा है."
बहरहाल, फैसला आने के कुछ ही दिनों के बाद नारायण दत्त तिवारी ने रोहित शेखर की मां उज्जवला शर्मा से शादी कर ली. नारायण दत्त तिवारी ने भी रोहित शेखर को अपना जायज़ बेटा मान लिया.
अदालत का विवाद खत्म होने के बाद रोहित अपने पिता के साथ ही रहा करते थे.
रोहित शेखर जनवरी, 2017 में बीजेपी में शामिल हुए थे. एक साल पहले उन्होंने इंदौर की अपूर्वा शुक्ला से शादी की थी, जो सुप्रीम कोर्ट में वकालत करती हैं.
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