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जम्मू कश्मीर : अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रहने वालों को मिलेगा आरक्षण
केंद्रीय कैबिनेट की गुरुवार रात हुई बैठक में फ़ैसला लिया गया कि जम्मू कश्मीर में एसटी, एससी और ओबीसी रिज़र्वेशन एक्ट लागू होगा.
इसके अलावा राज्य में नियंत्रण रेखा के करीब रहने वालों के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रहने वाले लोगों को भी आरक्षण दिया जाएगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को रिहा करने के पाकिस्तान के फ़ैसले के बाद हुई.
बैठक के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली और क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सरकार की ओर से लिए गए फ़ैसलों की जानकारी दी.
अरुण जेटली ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जम्मू कश्मीर को लेकर दो अहम फ़ैसले लिए हैं. इसमें अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रहने वालों को आरक्षण देने का फ़ैसला शामिल है.
उन्होंने बताया, "2004 के जम्मू-कश्मीर रिज़र्वेशन एक्ट के तहत नियंत्रण रेखा पर रहने वाले इलाक़ों को आरक्षण मिलता था लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रहने वाले लोगों को आरक्षण देने का भी निर्णय लिया गया. नियंत्रण रेखा और इंटरनेशनल बॉर्डर पर रहने वालों की परिस्थितियां एक सी हैं लेकिन अब तक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रहने वालों को आरक्षण नहीं मिलता था. आज एक ऑर्डिनेंस के माध्यम से उस अधिनियम में संशोधन किया गया है और उसे इंटरनेशनल बॉर्डर के साथ रहने वाले लोगों पर भी लागू करने का प्रमुख निर्णय मंत्री परिषद ने लिया है."
आरक्षण के लिए अध्यादेश
जेटली ने ये भी बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जम्मू कश्मीर में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को आरक्षण देने के लिए एक अध्यादेश के जरिए धारा 370 के एक उपबंध में संशोधन को मंजूरी दी है.
उन्होंने कहा," धारा 370 के कारण केंद्र की ओर से पारित कोई भी कानून राज्य की विधानसभा की मंजूरी के बिना राज्य में लागू नहीं हो सकते. 1993 में 97वें संविधान संशोधन के बाद लाया गया एससी-एसटी और ओबीसी रिजर्वेशन एक्ट अब तक यहां लागू नहीं हो सका था लेकिन अब ये राज्य की सहमति के बाद जम्मू-कश्मीर में भी लागू होगा.आर्थिक रूप से पिछड़ों को दिए जाने वाला 10 फ़ीसदी आरक्षण जम्मू-कश्मीर में भी लागू होगा. "
सोशल मीडिया के इस्तेमाल में सावधानी
क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद के मुताबिक मंत्रिमंडल ने सोशल मीडिया के ग़लत इस्तेमाल को लेकर भी चर्चा की.
उन्होंने कहा "सोशल मीडिया को लेकर बीते दिनों कई तरह की शिकायतें आई थीं. हालांकि हम सोशल मीडिया के पूरे पक्षधर हैं लेकिन कल विंग कमांडर अभिनंदन का जो वीडियो पाकिस्तान से आया, जिसमें वो घायल नज़र आ रहे हैं उसे लेकर शिकायतें मिलीं. जिसके बाद हमने यू-ट्यूब से बात की और 11 वीडियो को हटवाया."
रविशंकर ने कहा कि सरकार सोशल मीडिया की आज़ादी की पक्षधर है लेकिन 'सोशल मीडिया का इस्तेमाल अगर देश को कमज़ोर करने के लिए किया जाएगा तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.'
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