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बुलंदशहरः सेना ने जीतेंद्र को किया पुलिस के हवाले- पाँच बड़ी ख़बरें
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में कथित गोहत्या को लेकर भड़की हिंसा में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की मौत मामले में सेना के जवान जीतेंद्र उर्फ़ जीतू को सेना ने एसटीएफ को सौंप दिया है. जीतेंद्र इस मामले में अभियुक्त हैं और एफ़आईआर में भी उनका नाम है.
पुलिस जीतेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.
उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फ़ोर्स (एसटीएफ़) के एसएसपी अभिषेक सिंह ने बीबीसी को बताया कि जीतेंद्र को हिरासत में लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है.
सेना के सूत्रों के मुताबिक जीतेंद्र मलिक को सोपोर स्थित उनकी यूनिट 22 राष्ट्रीय राइफ़ल में सेना ने रोक रखा था और उन पर निगरानी की जा रही थी.
पुलिस के मुताबिक़ थाना स्याना क्षेत्र के गांव महाव निवासी अभियुक्त फ़ौजी जीतेंद्र उर्फ़ जीतू ने चौकी चिंगरावठी पर हुए बवाल में गोली चलाई थी.
पुलिस का दावा है कि उन्हीं की चलाई गोली से इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की मौत हुई. इसकी जांच एडीजी इंटेलीजेंस, एसटीएफ़ और एसआईटी संयुक्त रूप से कर रही है.
फौजी ने जिस हथियार से गोली चलाई है, उसे बरामद करने लिए पुलिस उससे पूछताछ करने में जुटी है. जीतेंद्र को एसटीएफ घटनास्थल भी ले जा सकती है.
राम मंदिर निर्माण को लेकर रामलीला मैदान में वीएचपी की धर्मसभा
अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए विधेयक पेश करने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में विराट धर्म सभा का आयोजन कर रही है.
कहा जा रहा है कि धर्मसभा में हिस्सा लेने के लिए देश भर से इनके समर्थक दिल्ली पहुंच रहे हैं. दिल्ली-एनसीआर के अलावा पश्चिम उत्तर प्रदेश और हरियाणा से भी लोग इस सभा में पहुंच सकते हैं.
विश्व हिंदू परिषद के नेताओं ने राम मंदिर निर्माण को लेकर कहा है कि भले ही कुछ लोगों की प्राथमिकता राम मंदिर न हो लेकिन उनकी प्राथमिकता है.
वीएचपी ने कहा है कि धर्मसभा का उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को इस संकल्प के साथ जोड़ने का है ताकि 1992 के बाद की जो नई पीढ़ी है, उसे रामजन्म भूमि आंदोलन की जानकारी हो.
युवाओं को धर्मसभा के ज़रिए राम मंदिर से जुड़े विभिन्न पहलुओं के दर्शन कराए जाएंगे और मंदिर निर्माण जल्द शुरू करने के संकल्प को दोहराया जाएगा.
बड़ी संख्या में लोगों के इस धर्मसभा में पहुंचने के मद्देनज़र दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं और ट्रैफ़िक रूट्स में भी कई बदलाव किए हैं.
कौन साथ है, कौन नहीं इसकी चिंता नहीं: शिवपाल यादव
समाजवादी पार्टी (एसपी) में उपेक्षा के कारण अलग होकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी-लोहिया का गठन करने वाले उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव रविवार को लखनऊ के रमाबाई आंबेडकर मैदान में जनाक्रोश रैली कर रहे हैं.
यह उनकी नवगठित पार्टी की पहली रैली है और शिवपाल इसमें भीड़ जुटाकर अपनी ताक़त का अहसास कराना चाहते हैं. शिवपाल की नज़र उन पिछड़े वोटरों (मुस्लिम-यादव) पर है, जो अभी तक समाजवादी पार्टी की ताक़त है.
पीटीआई के हवाले से ख़बर आई कि अपने बड़े भाई और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रहे शिवपाल यादव ने ये कहा कि अब कोई उनका साथ दे या ना दे, फ़र्क़ नहीं पड़ता.
शिवपाल ने संवाददाताओं से बातचीत में मुलायम के साथ देने से हिचकने के सवाल पर कहा, ''कौन हमारे साथ है, कौन नहीं है, इसकी मुझे अब कोई चिंता नहीं है."
असम पंचायत चुनावः 10 ज़िलों में डाले जाएंगे वोट
असम में रविवार को पंचायत चुनावों के दूसरे और आख़िरी दौर का मतदान है.
इस दौर में नलबारी, बारपेटा, बोंगईगांव, धुबरी, ग्वालपाड़ा, करीमगंज समेत 10 ज़िलों के 64 लाख लोग अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे.
सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा के लिए बेहद अहम माने जा रहे इस चुनाव का पहला चरण बुधवार को था जिसमें रिकॉर्ड 80 फ़ीसदी से ज़्यादा मतदान दर्ज किया गया.
राज्य चुनाव आयुक्त एच. एन. बोरा ने कहा, "पूर्व के अनुभवों और इन ज़िलों में वोटिंग के आधार पर पहले चरण से अधिक मतदान की उम्मीद है."
चुनावों के वोटों की गिनती 12 दिसंबर को की जाएगी.
ख्वावे की सीएफ़ओ वांग्ज़ो को तुरंत रिहा करे कनाडाः चीन
चीन ने कनाडा से चीनी कंपनी ख्वावे की सीएफ़ओ (चीफ़ फ़ाइनेंशियल ऑफ़िसर) मेंग वांग्ज़ो को तुरंत रिहा करने की मांग करते हुए कहा है कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो कनाडा को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे.
चीनी विदेश मंत्रालय के मुताबिक कनाडा के राजदूत को चीनी उप-विदेश मंत्री ले यूचेंग के साथ मुलाक़ात के लिए तलब किया गया है.
मेंग वांग्ज़ो को एक सप्ताह पहले वैनकूवर में विमान बदलने के दौरान अमरीका के आग्रह पर गिरफ़्तार किया गया था.
उन्हें अमरीका प्रत्यर्पित किया जा सकता है जहां उन पर आर्थिक फ़र्ज़ीवाड़े का मुक़दमा चलाया जा सकता है.
वांग्ज़ो पर ईरान पर लगाए गए अमरीकी प्रतिबंधों की शर्तों के उल्लंघन का आरोप है.
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