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प्रेस रिव्यू: इथियोपिया में सात भारतीय नागरिक बंधक
अफ्रीकी देश इथियोपिया में भारत के सात नागरिकों को बंधक बना लिया गया है.
अख़बार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक ये सभी कर्ज़ में फंसी भारतीय कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर लीज़िंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज़ के कर्मचारी हैं. बताया जा रहा है कि इन्हें अगवा करने वाले भी कंपनी के ही स्थानीय कर्मचारी हैं.
स्थानीय लोगों को सिक्योरिटी सर्विस के लिए नौकरी पर रखा गया था लेकिन तीन महीने से तनख्वाह नहीं मिलने के कारण ये लोग प्रबंधन से नाराज़ थे.
स्थानीय कर्मचारियों ने कंपनी के इन सात भारतीय कर्मचारियों को उनके घरों को घेर लिया है जिस कारण उनके घर से निकलने पर लगभग रोक लग गई है. अख़बार के अनुसार एक कर्मचारी का कहना है कि स्थिति बेहद गंभीर है और घर पर पानी की सप्लाई भी काटी जा सकती है.
बंधकों तक पहुंचने और स्थिति को सुलझाने के लिए विदेश मंत्रालय के अदिस अबाबा में मौजूद भारतीय दूतावास ने वार्ता शुरू की है.
'पाकिस्तान धर्मनिरपेक्ष बने'
करतारपुर साहिब गलियारे के शिलान्यास के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच शांति प्रस्तावों और वार्ता की पेशकश कर रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की नीयत पर सवाल उठाते हुए भारत के थल सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा कि भारत के साथ रहने की पाकिस्तान की पेशकश अच्छी है, लेकिन वह इस्लामिक देश बना हुआ है.
हिंदुस्तान टाइम्स अख़बार के मुताबिक़ रावत ने कहा कि ये तभी संभव है जब पाकिस्तान धर्मनिरपेक्ष देश बने.
वार्ता की पेशकश पर रावत ने कहा कि पाकिस्तान चरमपंथ के ख़िलाफ़ एक भी सकारात्मक कदम उठाए तो बात बनेगी, भारत उसका स्वागत करेगा.
बिना सब्सिडी वाला सिलेंडर 133 रु सस्ता
रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से उपभोक्ताओं को फिलहाल कुछ राहत मिली है.
जनसत्ता अख़बार के मुताबिक़ सब्सिडी वाला रसोई गैस सिलेंडर 6.52 रुपए सस्ता हुआ है, जबकि बिना सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर का बाज़ार मूल्य 133 रुपए कम हुआ है.
नई कीमतें शुक्रवार आधी रात से लागू हो गई हैं. पिछले छह महीने से गैस सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ रहे थे.
भगत सिंह को बताया चरमपंथी
जम्मू विश्वविद्यालय के राजनीतिक विभाग के प्रोफेसर मोहम्मद ताजुद्दीन पर आरोप लगा है कि उन्होंने भगत सिंह को चरमपंथी कहा है.
अमर उजाला के मुताबिक़ शुक्रवार को विद्यार्थियों ने इसकि विरोध में प्रदर्शन किया और रैली निकाल प्रोफेसर को पद से हटाए जाने की मांग की.
प्रदर्शनकारी छात्रों ने विश्वविद्यालय के मुख्यद्वार को भी क़रीब एक घंटे तक बंद रखा.
इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने डीन एकेडमिक अफे़यर्स की अध्यक्षता में जांच शुरु कर दी है. समिति सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.
जांच पूरी होने तक प्रोफ़ेसर ताजुद्दीन को पढ़ाने से मना किया गया है.
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