घर में बच्चे को जन्म दिलाना सुरक्षित है या नहीं

    • Author, अपर्णा राममूर्ति
    • पदनाम, बीबीसी तमिल

तमिलनाडु के तिरुपुर ज़िले में घर में बच्चे को जन्म देने के कारण एक महिला की मौत हो गई थी.

कहा जाता है कि बच्चे के जन्म देने की प्रक्रिया के लिए महिला के पति और उसके दोस्त ने यूट्यूब का सहारा लिया था. इस घटना ने लोगों को चौंका दिया है.

डॉक्टर क्या कहते हैं?

प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ कमला सेलवाराज कहती हैं कि यह पूरा मुद्दा बड़ा बेतुका है. उन्होंने बीबीसी तमिल से कहा, "कोई भी भविष्यवाणी नहीं कर सकता कि किस मरीज़ को भारी ख़ून बहेगा. अस्पताल अतिरिक्त ख़ून पहले से रखे रहता है. यह घर में कोई कैसे कर सकता है?"

वह कहते हैं, "जब आधुनिक चिकित्सा प्रणाली इस्तेमाल में नहीं थी तब कुछ ऐसी महिलाएं होती थीं जो बच्चे को जन्म देने की प्रक्रिया में गर्भवती की मदद करती थी. हम उन्हें अशिक्षित डॉक्टर कह सकते हैं. अगर चीज़ें ठीक चलती हैं तो एक जान बचाई जा सकती है वरना एक मौत होगी इसीलिए हम गर्भावस्था को महिला का दूसरा जन्म कहते हैं."

क्या मेडिकल बिल डराता है?

हाल के दिनों में गर्भावस्था का ख़र्च एक लाख रुपये तक हो सकता है. हमने जब डॉक्टर कमला से पूछा कि घर में बच्चे को जन्म देना कम ख़र्चीला होता है तो वह कहती हैं, "महिलाएं सरकारी अस्पतालों में बच्चे को जन्म दे सकती हैं जहां पैसे का ख़र्चा बहुत कम या बिलकुल नहीं है. गर्भावस्था के दौरान अस्पताल के संपर्क में आना हमेशा अच्छा होता है. अगर आप ख़र्चे के बारे में सोचते हैं तो क्या किसी का मरना ठीक हो जाएगा?"

बच्चे को सामान्य तरीक़े से जन्म देने के लिए किस चीज़ की ज़रूरत है? डॉक्टर कमला सेलवाराज गर्भावस्था से लेकर बच्चे के जन्म देने की प्रक्रिया को सूचीबद्ध करती हैं.

अच्छा व्यायाम

महिलाओं को सुबह में प्राणायाम करना चाहिए. वह बाग़ में या घर की छत पर ताज़ी हवा ले सकती हैं.

विभिन्न गतिविधियां करें

फ़र्श पर बैठकर सब्ज़ी काटें और ज़मीन पर बैठकर दोपहर का भोजन करना भी मददगार होगा. ज़मीन से उठना मरीज़ के कूल्हे की हड्डियों और मांसपेशियों के विस्तार में मदद करता है. यह गर्भावस्था के दौरान महिला की मदद करता है और जन्म देने के समय बच्चे का सिर जल्द बाहर आने में मदद करता है. डॉक्टर कहते हैं कि आज सबकुछ बदल गया है. डॉक्टर कहती हैं, "डाइनिंग टेबल पर महिला खाना खाती है और किचन में सब्ज़ी काटती है. यह भी ऑपरेशन की ओर ले जाता है."

स्वास्थ्यवर्धक भोजन

"गर्भवती महिलाओं को अच्छा स्वास्थ्य प्राकृतिक खाना खाने की ज़रूरत होती है. यह आवश्यक है कि वह हर दिन हरे पत्ते की एक सब्ज़ी खाएं. उन्हें रोज़ाना एक फल खाने की आदत में भी सुधार करने की ज़रूरत है. सेब, अंगूर और केला रोज़ाना के खाने में शामिल करें. उन्हें रोज़ाना बादाम आदि खाने भी चाहिए."

डॉक्टर कमला कहती हैं, "यह बेहद आवश्यक है कि तनाव रहित रहें. योगा उन्हें अच्छा सोने में मदद कर सकता है."

होम्योपैथी डॉक्टर श्यामला कहती हैं, "एक मरीज़ इन सभी चीज़ों का पालन अवश्य करता है लेकिन दूसरी मुश्किलों के कारण ऑपरेशन की नौबत आ जाती है."

डॉक्टर उल्लेख करते हैं कि तिरुपुर की गर्भवती महिला की भारी ख़ून की कमी से मौत हो सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि एकाएक सदमे से भी उनकी मौत हुई हो. वह कहती हैं, "वर्तमान स्थिति में घर पर बच्चे को जन्म देना सुरक्षित नहीं है."

डॉक्टर कब ऑपरेशन की सलाह देते हैं?

जब बच्चे का सिर बहुत बड़ा होता है और वह प्राकृतिक रूप से बाहर आने में असमर्थ होता है तो मरीज़ को ऑपरेशन कराने की सलाह दी जाती है.

बच्चा गर्भ में जब उल्टा होता है तो भी ऑपरेशन कराने की सलाह दी जाती है. गर्भनाल बच्चे की गर्दन से उलझी होती है तो ऑपरेशन के लिए कहा जाता है.

डॉक्टर कई बार मां और बच्चे की जान बचाने के लिए भी ऑपरेशन की सलाह देते हैं.

ऑपरेशन में बढ़ोतरी क्यों हुई है?

"हमारी जीवनशैली में परिवर्तन हुआ है. हम सही समय पर नहीं सोते हैं, हम जंक फ़ूड खाते हैं, शरीर के लिए पर्याप्त व्यायाम नहीं करते हैं और मानसिक दबाव, ये कई महत्वपूर्ण कारण हैं. हालांकि, यह जानकर हैरत होती है कि ऐसी महिलाएं हैं जो ऑपरेशन चाहती हैं. आज की पीड़ी प्रसव पीड़ा से डरती है और वे ऑपरेशन चाहती है."

डॉक्टर श्यामला यह भी कहती हैं कि यह सलाह दी जानी चाहिए कि जब कोई जोड़ा बच्चा पैदा करने का फ़ैसला करता है तो उसे डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए.

इन दिनों घर में बच्चे को जन्म देना

वह कहती हैं कि पुराने दिनों की तरह आज चीज़ें नहीं हैं और गर्भावस्था के दौरान अस्पतालों के संपर्क में रहना उचित है.

बच्चों के जन्म देने के वीडियो

घर में बच्चे को जन्म देने के वीडियो बहुत से यूट्यूब पर हैं. बहुत से वीडियो में दिखता है कि महिलाएं पानी में बच्चे को जन्म दे रही हैं, केवल पति बच्चे को जन्म दिलाने के समय मौजूद है. लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा के सवाल पर प्रश्नचिह्न है.

आज भी देश में सफलतापूर्वक घरों में बच्चों को जन्म दिलाया जा रहा है.

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