उप-चुनाव: दिग्गजों की धमक ख़त्म, अब जनता की बारी

    • Author, समीरआत्मज मिश्र
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए

गोरखपुर और फूलपुर में होने वाले उप-चुनाव के लिए प्रचार अब थम गया है और अब सबकी निगाहें 11 मार्च पर हैं कि मतदाता अपना रुख़ किधर करता है. शुक्रवार को चुनाव प्रचार के आख़िरी दिन सभी दलों और उम्मीदवारों ने अपनी ताक़त आज़माने में कोई क़सर नहीं छोड़ी.

आख़िरी दिन मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने जहां गोरखपुर में ताबड़तोड़ जनसभाएं कीं तो उप-मुख्यमंत्री केशव मौर्य फूलपुर में मोर्चा सँभाले रहे. फूलपुर में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रोड शो के ज़रिए ताक़त का एहसास कराया तो कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता भी फूलपुर में डटे रहे.

गोरखपुर में सीएम योगी ने आख़िरी दिन ग्रामीण इलाक़ों में कई जनसभाएं कीं. उन्होंने लोगों से बीजेपी उम्मीदवार को वोट देने के लिए इस आधार पर अपील की कि पिछली सपा सरकार क़ानून व्यवस्था और रोज़गार जैसे मुद्दों पर असफल साबित हुई थी.

मुख्यमंत्री के तल्ख़ तेवर प्रचार के आख़िरी दिन भी जारी रहे और गोरखपुर की एक जनसभा में उन्होंने कहा कि यूपी की जनता औरंगज़ेब का राज नहीं चाहती है. इससे पहले योगी आदित्यनाथ ने सपा-बसपा गठबंधन को साँप-छछूंदर का साथ बताया था.

'भाजपा दहशत में'

वहीं, समाजवादी पार्टी के नेता और विधानसभा में नेता विपक्ष राम गोविंद चौधरी ने कहा है कि भाजपा दहशत में आ गई है.

उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री सारे काम छोडक़र गोरखपुर में डेरा डाल दिए हैं. मंत्री और अधिकारी पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी, प्रधान, बीडीसी सदस्यों के साथ जनता को डरा व धमका रहे हैं."

गोरखपुर में समाजवादी पार्टी उम्मीदवार प्रवीण निषाद के समर्थन में बहुजन समाज पार्टी के भी कई नेताओं ने प्रचार किया. बीएसपी विधायक विनय शंकर तिवारी का कहना था, "सपा और बसपा के गठबंधन की शुरुआत गोरखपुर से हो चुकी है और ये अब जल्दी ही दिल्ली तक पहुंचने वाली है."

विनय तिवारी का कहना था कि सपा-बसपा का गठबंधन साल 2019 के लोकसभा चुनाव में भी जारी रहेगा.

वहीं, फूलपुर में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की अगुवाई में केंद्र और राज्य सरकार के कई कैबिनेट मंत्रियों ने आख़िरी दिन प्रचार किया. फूलपुर में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर समेत कई बड़े नेता पिछले कई दिनों से डेरा डाले हुए थे.

ये अलग बात है कि इलाहाबाद के वरिष्ठतम कांग्रेस नेताओं में से एक प्रमोद तिवारी पूरे परिदृश्य से बाहर नज़र आए और ये बात लोगों के बीच चर्चा की वजह बनी रही.

राजनीतिक दल जनता को आश्वासनों की घुट्टी भले ही पिला रहे हों, लेकिन जनता भी समझती है, पर करे क्या? गोरखपुर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के पास कुछ लोगों का कहना था कि सरकार किसी की भी क्यों न हो, आख़िरकार छली जनता ही जाती है.

बीए के एक छात्र दीपक कुमार का कहना था कि पिछले चार सालों से एक भी रोज़गार नहीं आ रहा है. उनके मुताबिक़, "सरकार कोई भी हो सब ऐसा ही करती है. आख़िरी समय पर बरोजगारी का ख़ात्मा करने के मक़सद से निकलेंगे डिप्टी सीएम."

गोरखपुर और फूलपुर दोनों ही सीटों पर मतदान 11 मार्च को जबकि मतगणना 14 मार्च को होगी. फूलपुर से सपा के नागेंद्र सिंह पटेल, भाजपा के कौशलेंद्र सिंह पटेल और कांग्रेस के मनीष मिश्रा उम्मीदवार हैं.

वहीं, गोरखपुर से भाजपा ने उपेंद्र दत्त शुक्ला को अपना उम्मीदवार बनाया है.

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