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रेयान इंटरनेशनल: प्रद्युम्न मर्डर केस की सीबीआई जांच में नया मोड़
रेयान इंटरनेशनल स्कूल गुड़गांव में सात साल के प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या की सीबीआई जांच में नया मोड़ आया है.
बुधवार को सीबीआई ने उसी स्कूल के 11वीं क्लास के एक छात्र को गिरफ़्तार किया.
सीबीआई के एक अधिकारी ने बीबीसी से कहा कि जांच की प्रक्रिया में इस छात्र को गिरफ़्तार किया गया है.
उन्होंने दावा किया कि 'कई सबूतों के आधार पर उस छात्र को गिरफ़्तार किया गया' है. इन सबूतों में कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और कई लोगों से पूछताछ शामिल हैं.
अब तक हरियाणा पुलिस कह रही थी कि इस हत्या में स्कूल बस का एक कंडक्टर शामिल है.
स्कूल में शौचालय के पास प्रद्युम्न ठाकुर का शव आठ सितंबर को बरामद हुआ था.
सीबीआई के पास
यह छात्र भी गुड़गांव का ही है. 11वीं के जिस छात्र को गिरफ़्तार किया गया है उसके पिता का कहना है कि उनका बेटा निर्दोष है.
टीवी चैनलों से बातचीत में उन्होंने कहा, "मैं पहले दिन से ही पुलिस की मदद कर रहा था. केस जब सीबीआई के पास गया तब भी हमलोगों ने मदद की. जब हरियाणा पुलिस के पास केस था तब भी मेरे बेटे से पूछताछ की गई थी."
उन्होंने कहा, "जब मुक़दमा सीबीआई के पास गया तो हमसे दिल्ली हेडक्वॉर्टर बुलाकर चार बार पूछताछ की गई. मंगलवर को भी सीबीआई ने हमें बुलाया था. हमलोग 11 बजे पहुंच गए थे. हमें वहां रात तक बैठाकर रखा गया और रात के बारह बजे बोला कि आपके बेटे ने हत्या की है और इसे गिरफ़्तार किया जाता है. गिरफ़्तार करने के बाद मुझे दो घंटे तक बैठाकर रखा गया."
हत्या की सूचना
उन्होंने कहा, "मुझसे इन लोगों ने कहा कि जब तक आप अपने बेटे की स्वीकारोक्ति पर हस्ताक्षर नहीं करोगे तब तक बाहर नहीं जाओगे. मैं वहां से दो बजे रात में निकला हूं. मेरे बच्चे ने तो हत्या की सूचना माली और शिक्षक को दी थी. वो पूरे दिन स्कूल में रहा और उसने पेपर दिया. उसके कपड़ों पर एक दाग़ तक नहीं था. स्कूल से छुट्टी होने के बाद ही वो आया था."
जिस लड़के को सीबीआई ने गिरफ़्तार किया है उसके बारे में कहा जा रहा है कि सबसे पहले प्रद्युम्न के शव को उसी ने देखा था और लोगों को बताया था.
हरियाणा सरकार ने जब पूरे मामले को सीबीआई को देने का फ़ैसला किया तो उसके बाद से सीबीआई ने 11वीं के उस लड़के से कई बार पूछताछ की थी.
हरियाणा पुलिस
सीबीआई की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रद्युम्न के पिता बरुण ठाकुर ने कहा कि उनका शक सही साबित हो रहा है.
बीबीसी से बात करते हुए बरुण ठाकुर ने कहा, "जिस विश्वास के साथ लोगों ने सीबीआई जांच की मांग की थी, वो सही साबित हो रही है. हरियाणा पुलिस की जांच पर लोगों को यक़ीन नहीं था. सभी को यह लग रहा था कि उनकी जांच में कुछ कमी है, जिसकी वजह से दोषी छूट रहा है. 11वीं के छात्र की गिरफ्तारी के बाद यह साबित हो रहा है कि पुलिस की जांच में चूक हुई थी."
गिरफ़्तार छात्र के बारे क्या वो पहले से जानते थे, इस पर बरुण ने कहा, "हमलोगों की उससे कोई जान-पहचान नहीं है. हमलोग उन्हें जानते भी नहीं हैं. जहां तक प्रद्युम्न का सवाल है, हो सकता है कि वो मिला हो. जहां तक मैं जानता हूं कि मेरा बेटा अनजान लोगों से ज़्यादा बातचीत नहीं करता था. उनके स्कूल के शिक्षक भी कहते थे कि प्रद्युम्न अनजान लोगों से ज्यादा घुलता मिलता नहीं था. प्रद्युम्न किसी से जल्दी दोस्ती नहीं करता था. उनके दोस्त हमउम्र ही थे."
प्रद्युम्न का शव
बरुण ने बताया कि जांच के लिए सीबीआई कई बार संपर्क कर चुकी है. ज़रूरी सूचनाओं के लिए अक्सर अधिकारी उनसे बात किया करते हैं.
इससे पहले अशोक कुमार नाम के स्कूल बस कंडक्टर को गिरफ़्तार किया गया था.
हरियाणा पुलिस का दावा था कि कंडक्टर ने हत्या का गुनाह कबूल कर लिया है. पुलिस ने बच्चे पर यौन हमले की भी बात कही थी. सीबीआई ने इस मामले को 22 सितंबर को लिया था.
रेयान स्कूल में प्रद्युम्न दूसरी क्लास में पढ़ता था. स्कूल में शौचालय के पास प्रद्युम्न का शव सुबह आठ बजे बरामद किया गया था. जब इस मामले को लेकर लोग सड़क पर उतरे तब हरियाणा सरकार ने सीबीआई जांच कराने का फ़ैसला किया था था.