संघ के प्रचार प्रमुख ने कहा, 'आरक्षण हमेशा नहीं रहेगा'

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने आरक्षण की समीक्षा की मांग की है.
जयपुर साहित्य सम्मेलन में बोलते हुए मनमोहन वैद्य ने कहा कि, "डॉ. अंबेडकर ने कहा है कि किसी भी राष्ट्र में हमेशा के लिए आरक्षण का प्रावधान रहना अच्छा नहीं है, जल्द से जल्द से इसकी आवश्यक्ता निरस्त कर सबको समान अवसर देने का समय आना चाहिए, ऐसा उन्होंने कहा है."
उन्होंने कहा, 'किसी भी राष्ट्र में हमेशा के लिए ऐसे आरक्षण की व्यवस्था का होना अच्छी बात नहीं है. सबको समान अवसर और शिक्षा मिले....यह अलगाववाद बढ़ाने वाली बात होगी.'
मनमोहन वैद्य के इस बयान पर राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

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लालू ने ट्वीट किया, "मोदी जी आपके आरएसएस प्रवक्ता आरक्षण पर फिर अंट-शंट बके है. बिहार में रगड़-रगड़ के धोया, शायद कुछ धुलाई बाकी रह गई थी जो अब यूपी जमकर करेगा."
लालू ने लिखा, "आरक्षण संविधान प्रदत्त अधिकार है. आरएसएस जैसे जातिवादी संगठन की खैरात नहीं. इसे छीनने की बात करने वालों को औकात में लाना कमेरे (मेहनती) वर्गों को आता है."
एक और ट्वीट में लालू ने कहा, "आरएसएस पहले अपने घर में लागू 100 फ़ीसदी आरक्षण की समीक्षा करें. कोई गैर-सवर्ण पिछड़ा/दलित व महिला आजतक संघ प्रमुख क्यों नही बने है? बात करते हैं!"
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी मनमोहन वैद्य के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया है.

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उन्होंने लिखा, "आरएसएस ने आज फिर दोहराया कि वह आरक्षण के ख़िलाफ़ है. बीजेपी, आरएसएस और अकाली दलितों के ख़िलाफ़ हैं. किसी हालत में भाजपा को आरक्षण ख़त्म नहीं करने देंगे."
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव अगले महीने होने हैं. ऐसे में आरएसएस विचारक का ये बयान चुनावी मुद्दा बन सकता है.
बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत के आरक्षण पर दिए बयान को महागठबंधन ने बड़ा मुद्दा बनाया था.
विश्लेषक मानते हैं कि बिहार चुनावों में भाजपा की करारी हार की वजहों में आरक्षण का मुद्दा भी शामिल था.












