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राजस्थान सरकार सलमान के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची
चिकारा और काले हिरणों के शिकार के मामले में अभिनेता सलमान ख़ान को हाई कोर्ट की ओर से बरी किए जाने के खिलाफ़ राजस्थान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पेटीशन (एसएलपी) दायर की है.
जयपुर स्थित पत्रकार आभा शमा के मुताबिक़ इस साल 25 जुलाई को जोधपुर हाई कोर्ट ने चिंकारा और काले हिरणों के शिकार के दो मामलों से सलमान ख़ान को बरी कर दिया था.
यह फ़ैसला आने के बाद राजस्थान के वन्य और पर्यावरण मंत्री राजकुमार ऋणवा ने कहा था कि इस मामले में सरकार विशेषज्ञ समिति की राय लेगी और उसके आधार पर आगे का क़दम उठाया जाएगा.
घोड़ा फ़ार्म के मामले में सलमान को राजस्थान की एक निचली अदालत ने पांच साल और भवाज मामले में एक साल की सज़ा सुनाई थी. इसके ख़िलाफ़ सलमान ने हाई कोर्ट में अपील की थी.
18 साल पहले फ़िल्म 'हम साथ साथ हैं' की शूटिंग के दौरान ये दोनों मामले सामने आए थे.
सलमान पर घोड़ा फार्म में दो हिरणों के शिकार का आरोप था. इस मामले में अदालत ने 10 अप्रैल 2006 को सलमान खान को पांच साल की सजा और 25 हज़ार रुपए का जुर्माना लगाया था.
इसके बाद सलमान ख़ान को जोधपुर सेंट्रल जेल में आठ दिन कैद में भी गुजारने पड़े थे.
भवाद गांव में 26-27, सितंबर 1998 की रात एक हिरण के शिकार के मामले में निचली अदालत ने एक फरवरी 2006 को सलमान को इस मामले में दोषी मानते हुए एक साल की सजा सुनाई थी.