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'खाड़ी गए श्रमिकों के हित में कई क़दम'
देश के श्रम मंत्री साहिब सिंह वर्मा का कहना है कि खाड़ी के देशों में काम करने वाले भारतीयों का शोषण रोकने और उन्हें आर्थिक सुरक्षा मुहैया कराने के लिए देश ने कई क़दम उठाए हैं. वर्मा ने बताया कि 25 दिसंबर से प्रवासी बीमा योजना शुरू की जा चुकी है जिसमें मुश्किलों में वापस लौटने वाले प्रवासी भारतीयों को बीमा कंपनी की ओर से इकॉनॉमी क्लास का विमान का किराया दिया जाएगा. इन देशों में भारतीय महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार को देखते हुए सरकार ने फ़ैसला किया है कि 30 साल से कम की महिला अब काम के लिए नहीं जा सकेंगी. श्रम मंत्री के अनुसार इस बारे में और प्रभावी तरीक़े से काम के लिए संसद में एक विधेयक रखा गया था जिस पर संसद की स्थाई समिति की अनुशंसाएँ भी सरकार को मिल गई हैं. वर्मा ने बताया कि जैसे ही संसद का सत्र शुरू होगा उसे उन अनुशंसाओं के साथ संसद में रखा जाएगा और फिर उस पर क़ानून बनेगा. श्रम मंत्री के अनुसार क़ानून बनने के बाद लोगों को और सुविधाएँ भी मिलेंगी. विभिन्न प्रावधान वर्मा ने बताया कि अगर किसी प्रवासी भारतीय की दुर्भाग्य से मौत हो जाती है तो मृत देह और उसके साथ किसी व्यक्ति का किराया भी बीमा कंपनी की ओर से दिया जाएगा. इसके अलावा बीमार होने पर बीमा कंपनी 50,000 रुपए तक का ख़र्च देगी. सरकार ने व्यवस्था की है कि अगर कोई व्यक्ति पूरी तरह अपंग हो जाए तो उसे दो लाख रुपए दिए जाएँगे. श्रम मंत्री के अनुसार खाड़ी देशों के दूतावास भी पूरे एहतियात से काम कर रहे हैं और जिस कंपनी में लोग काम करने जा रहे हैं उनकी ठीक से जाँच पड़ताल करके ही उन्हें जाने की अनुमति दी जा रही है. नए क़ानून के बारे में उन्होंने बताया कि उसके बाद लोग जहाँ जा रहे होंगे उन्हें वहाँ के रीति-रिवाज और काम-काज के बारे में कुछ दिन तक प्रशिक्षित किया जाएगा जिससे उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हो. |
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