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लंदन में जमा मेले का रंग | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आज़ादी की 60वीं सालगिरह का रंग भारत और पाकिस्तान के साथ साथ ब्रिटेन में भी बिखरा नज़र आ रहा है. इस रविवार को लंदन के सालाना लंदन मेले में भी नारंगी हरे और सफ़ेद की छटा छाई हुई थी. लंदन मेला यहाँ बड़ी तादाद में रहने वाले एशियाई लोगों के लिए एक बहुत बड़ा आकर्षण है और हर साल इसमें एक लाख से भी ज़्यादा लोग घूमने आते हैं. हालांकि लंदन के गनर्सबरी पार्क में आयोजित होने वाले इस मेले में मुख्य आकर्षण झूले और खाना पीना ही होता है लेकिन इस बार पार्क के हर कोने में बनाए गए मंच अच्छी खासी भीड़ जुटा रहे थे. इन मंचों पर अलग अलग तरह का संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जा रहे थे. इस मेले को देखने के लिए पंकज बेल्जियम से खासतौर पर लंदन आए. वे कहते हैं, “मैं हर साल कोशिश करता हूं इस मेले में आने की. घर से दूर अपने देश की मिट्टी, खुशबू और खाना पीना सभी यहीं मिल जाता है.” वहीं ओल्गा अपने मित्रों के साथ इस साल मेले में खाने पीने और झूलों का मज़ा लेने के साथ साथ भारत की स्वतंत्रता की 60वीं वर्षगांठ भी मना रहीं थीं. तिरंगा ओढ़े मित्रों की यह टोली वंदे मातरम के नारे भी लगा रही थी मौज मस्ती
इन दिनों लंदन में भारत का सांस्कृतिक महोत्सव इंडिया नाओ भी चल रहा है जिसके अंतर्गत आए कुछ भारतीय कलाकारों ने भी इस मेले में भाग लिया. बीबीसी रेडियो वन और एशियन नेटवर्क के खेमे क्षमता से भी अधिक भरे हुए थे लंदन मेला एशियाई ही नहीं, दूसरे समुदायों में भी कितना लोकप्रिय होता जा रहा है, इसका अंदाज़ा वहीं अंग्रेज़ों की तादाद देख कर ही पता चल रहा था. पंजाबी और देसी धुनों पर एशियाई ही नहीं कई दूसरे लोग भी थिरकते हुए नज़र आए. बीबीसी एशियन नेटवर्क के शामियाने में पंजाबी ढोल पर नाचती हुई हैरो इलाके की विव ने हमें बताया कि वे खासतौर से इस मेले का इंतज़ार कर रहीं थीं. 55 वर्षीय विव एक भारतीय से प्रेम करती हैं और भारतीय जीवन को करीब से देखना चाहती हैं. भारत की संस्कृति और रहन सहन कैसा होता है, ये जानने के लिए इससे बेहतर जगह क्या हो सकती है. वहीं कुछ अंग्रेज़ हमें मसालेदार चाट पकौड़ी और भारतीय खाना खाते हुए नज़र आए. मैरियन अपने पति और बच्चों के साथ खासतौर पर चिकन टिक्का मसाले का स्वाद लेने मेले में आईं थी मैरियन ने कहा, ये मेरे पति को बहुत पंसद है. उन्हे पराठे भी पंसद हैं लेकिन मैं उन्हे बना नहीं सकती. 'एक हैं हम'
पार्क के कुछ कोनों में लाइव बैंड्स भी देखे जा सकते थे. एक कोने में तो लंदन की विशाल लाल रंग की डबल डैकर बस भी खड़ी हुई नज़र आई. इसका आयोजन बीबीसी लंदन के स्थानीय रेडियो ने किया था और वहाँ आप अपनी पसंद का कोई भी पंजाबी भागंड़ा गीत सुन सकते थे और उस पर नाच भी सकते थे. शाम ढलते- ढलते वहाँ देशभक्ति और भाईचारे में रंगा एक अनोखा और बहुत ही खूबसूरत नज़ारा देखने को मिला.... भारत और पाकिस्तान के नौजवानों की दो अलग अलग टोलियां अपने अपने झंडे लपेटे नाच गा रही थीं... दोनो के बीच में जैसे मुकाबला ही चल रहा था कि अचानक दोनों ने भारत और पाकिस्तान के झंडे को आपस में बाँध दिया और उसके नीचे मिलकर नाचने लगे... झंडों की गांठे दिल की गांठों को खोल रही थीं.. दोनो टोलियां आखिर में गले मिली और अपने अपने रास्ते चली गईं लेकिन जिसने भी ये गर्मजोशी देखी उसके दिल में ये नज़ारा शायद ज़िंदगी भर के लिए कैद हो गया. | इससे जुड़ी ख़बरें महुआ माजी को इंदु शर्मा सम्मान20 जुलाई, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस लंदन में हुए 'ताज महल' के दीदार17 जुलाई, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस लंदन में सांस्कृतिक आयोजन10 जुलाई, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस लंदन के मंच पर गांधी का सत्याग्रह17 अप्रैल, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस लंदन का नॉटिंग हिल कार्निवल27 अगस्त, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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