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जनसंख्या कटौती के लिए वित्तीय मदद | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ग्रामीण लोगों को जनसंख्या में कमी लाने के लिए प्रेरित करने के मकसद से चीन में उन्हें वित्तीय लाभ देने की योजना बनाई गई है. अगले साल से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले माँ-बाप को 60 वर्ष की उम्र से सालाना भुगतान किया जाएगा बशर्ते उनके घर एक ही बच्चा है या फिर दो लड़कियाँ हैं. द चाइना डेली के मुताबिक ऐसे परिवारों को 600 युआन यानी 76 डॉलर हर साल मिलेंगे. इसका मकसद ये है कि इकलौती संतान पर बूढ़े माँ-बाप की देखभाल करने का बोझ कम किया जा सके. हाल में एक सर्वेक्षण हुआ था जिसके मुताबिक छोटे परिवारों को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. लैंगिक असंतुलन 1979 के बाद से चीन में परिवार में केवल एक ही बच्चा होने की अनुमति है और अगर कोई ग्रामीण इलाक़े में रहता है और उसकी पहली संतान लड़की है तो दो बच्चों की अनुमति है. सामाजिक कारणों के चलते ग्रामीण इलाक़ों में सब लोग एक बच्चे की नीति का पालन नहीं कर रहे हैं. चीन के ग्रामीण इलाक़ों में पारंपरिक तौर पर लोग बेटा ही चाहते हैं ताकि वो बुढ़ापे का सहारा बन सके और परिवार को आगे बढ़ाए. चीन की जनसंख्या लगभग एक अरब 30 करोड़ है और वो दुनिया का सबसे ज़्यादा जनसंख्या वाला देश है. चीन में एक बच्चे की नीति का कई लोग विरोध करते रहे हैं.आलोचकों का कहना है कि इससे कन्या भ्रूण हत्या और बच्चों को छोड़ने को बढ़ावा मिला है. आलोचकों के मुताबिक इससे चीनी समाज में लैंगिक संतुलन बिगड़ गया है. चीन में महिलाओं की तुलना में पुरुषों की संख्या छह करोड़ ज़्यादा है. | इससे जुड़ी ख़बरें बीजिंग में अंग्रेज़ी सुधारो अभियान15 अक्तूबर, 2006 | पत्रिका 'किसानों की दशा सुधारनी होगी'14 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस मार पीट से गुस्सा होगा ठंडा07 अगस्त, 2006 | पत्रिका | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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